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आइसोलेशन बेड या वेंटिलेटर उपलब्धता है या नहीं, इसकी ले रहे जानकारी
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कोरोना महामारी का यह ऐसा दौर है कि मरीजों को इलाज पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की हेल्पलाइन पर दूसरे जिले ही नहीं दूसरे प्रदेशों तक से फोन आ रहे हैं। इन फोन कॉल में जिले के अस्पतालों में ऑक्सीजन व वेंटिलेटर की उपलब्धता के बारे में पूछा जा रहा है। अधिकांश कॉल दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद और चंडीगढ़ से आ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभागा की हेल्पलाइन पर पूछताछ करने वालों की संख्या बढ़ गई है। इन दिनों रोजाना टीम के पास 150-170 से फोन आते हैं जबकि पिछले माह तक रोजाना 80 से 90 फोन आते थे। ज्यादातर मरीजों की दवा पहुंचाने और रिपोर्ट पता करने की शिकायतें होती थी। अब अधिकतर फोन बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर के बारे में होते हैं। होम आइसोलेशन के मरीजों के फोन की संख्या भी काफी होती है। जो तबीयत बिगड़ने पर कहां जाएं इस बारे में पूछताछ करते हैं। कोई बार कुछ मरीज घबराहट के चलते भी चिकित्सक से सलाह लेने के लिए हेल्पलाइन नंबर पर फोन करते हैं। ऐसे में विभाग की टीम उन मरीजों की घबराहट दूर करने के लिए काउंसिलिंग की जाती है। इस दौरान मरीजों को कोरोना से बचाव एवं समय पर दवा लेने की सलाह दी जाती है।
अब विभाग द्वारा शिकायत बढने के चलते अन्य हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इसलिए हेल्पलाइन नंबर पर मरीजों के आने वाले फोन को अटेंड करने के लिए स्टाफ भी बढ़ा दिया है, ताकि सही तरह से पूरी जानकारी दर्ज की जा सके।
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अब पिछले 3 दिनों से बाहरी जिले या राज्य से भी मरीजों के ऑक्सीजन बेड ओर वेंटिलेटर खाली होने के पता करने के लिए फोन आ रहे हैं। हर रोज इस तरह के 10 से 12 फोन आते हैं।
- डॉक्टर समीर, नोडल अधिकारी, हेल्पलाइन नंबर प्रभारी, हिसार।
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स्वास्थ्य विभागा की हेल्पलाइन पर पूछताछ करने वालों की संख्या बढ़ गई है। इन दिनों रोजाना टीम के पास 150-170 से फोन आते हैं जबकि पिछले माह तक रोजाना 80 से 90 फोन आते थे। ज्यादातर मरीजों की दवा पहुंचाने और रिपोर्ट पता करने की शिकायतें होती थी। अब अधिकतर फोन बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर के बारे में होते हैं। होम आइसोलेशन के मरीजों के फोन की संख्या भी काफी होती है। जो तबीयत बिगड़ने पर कहां जाएं इस बारे में पूछताछ करते हैं। कोई बार कुछ मरीज घबराहट के चलते भी चिकित्सक से सलाह लेने के लिए हेल्पलाइन नंबर पर फोन करते हैं। ऐसे में विभाग की टीम उन मरीजों की घबराहट दूर करने के लिए काउंसिलिंग की जाती है। इस दौरान मरीजों को कोरोना से बचाव एवं समय पर दवा लेने की सलाह दी जाती है।
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अब विभाग द्वारा शिकायत बढने के चलते अन्य हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। इसलिए हेल्पलाइन नंबर पर मरीजों के आने वाले फोन को अटेंड करने के लिए स्टाफ भी बढ़ा दिया है, ताकि सही तरह से पूरी जानकारी दर्ज की जा सके।
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अब पिछले 3 दिनों से बाहरी जिले या राज्य से भी मरीजों के ऑक्सीजन बेड ओर वेंटिलेटर खाली होने के पता करने के लिए फोन आ रहे हैं। हर रोज इस तरह के 10 से 12 फोन आते हैं।
- डॉक्टर समीर, नोडल अधिकारी, हेल्पलाइन नंबर प्रभारी, हिसार।