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Hisar News: सतलोक आश्रम हिंसा मामले में दो आरोपियों की मौत पर कोर्ट ने मांगी डेथ रिपोर्ट
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हिसार। सतलोक आश्रम प्रकरण के देशद्रोह मामले में शनिवार को आश्रम संचालक रामपाल की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जैसमिन की अदालत में वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेशी हुई। मामले में आरोपी घनश्याम व विनोद की मौत हो चुकी है। अदालत ने पुलिस को डेथ रिपोर्ट को 24 जुलाई को पेश करने के आदेश दिए हैं। अब इस मामले में अगली सुनवाई 24 जुलाई को होगी।
केंद्रीय कारागार दो से 10 अप्रैल 2026 को जमानत पर छूटने के बाद से आश्रम संचालक रामपाल सोनीपत के धनाना स्थित आश्रम में है। धनाना आश्रम से ही वीसी से पेशी हुई। आश्रम संचालक रामपाल के वकील की तरफ से अदालत में वीसी के माध्यम से पेशी होने की याचिका लगाई थी।
बरवाला पुलिस ने भी इस पर कोई आपत्ति नहीं उठाई थी। इसके बाद 14 मई को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जास्मिन शर्मा की अदालत ने रामपाल को आगामी सुनवाइयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से पेश होने की अनुमति दे दी थी। हालांकि यह अनुमति याचिका पर अंतिम फैसले तक लागू रहेगी।
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यह मामला वर्ष 2014 में बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस कार्रवाई के दौरान हुई हिंसा, टकराव और प्रशासनिक अवरोध से जुड़ा है। उस समय पुलिस द्वारा रामपाल की गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान बड़े स्तर पर हिंसा हुई थी, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी तथा बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी घायल हुए थे। उल्लेखनीय है कि रामपाल को हाल ही में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिली थी। वह कुछ मामलों में बरी हो चुके हैं, जबकि हत्या से जुड़े मामलों में मिली उम्रकैद की सजा पर हाईकोर्ट पहले ही रोक लगा चुका है।
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केंद्रीय कारागार दो से 10 अप्रैल 2026 को जमानत पर छूटने के बाद से आश्रम संचालक रामपाल सोनीपत के धनाना स्थित आश्रम में है। धनाना आश्रम से ही वीसी से पेशी हुई। आश्रम संचालक रामपाल के वकील की तरफ से अदालत में वीसी के माध्यम से पेशी होने की याचिका लगाई थी।
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बरवाला पुलिस ने भी इस पर कोई आपत्ति नहीं उठाई थी। इसके बाद 14 मई को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जास्मिन शर्मा की अदालत ने रामपाल को आगामी सुनवाइयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से पेश होने की अनुमति दे दी थी। हालांकि यह अनुमति याचिका पर अंतिम फैसले तक लागू रहेगी।
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यह मामला वर्ष 2014 में बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में पुलिस कार्रवाई के दौरान हुई हिंसा, टकराव और प्रशासनिक अवरोध से जुड़ा है। उस समय पुलिस द्वारा रामपाल की गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान बड़े स्तर पर हिंसा हुई थी, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई थी तथा बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी घायल हुए थे। उल्लेखनीय है कि रामपाल को हाल ही में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिली थी। वह कुछ मामलों में बरी हो चुके हैं, जबकि हत्या से जुड़े मामलों में मिली उम्रकैद की सजा पर हाईकोर्ट पहले ही रोक लगा चुका है।