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Hisar News: पार्षद बोले-7 दिन में नहीं सुधरी सफाई व्यवस्था तो देंगे इस्तीफा, निकाय मंत्री से भी मिले
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नगर निगम कार्यालय में बैठक करते मेयर गौतम सरदाना और पार्षद। संवाद
हिसार। शहर की बिगड़ती सफाई व्यवस्था को लेकर वीरवार को मेयर गौतम सरदाना ने पार्षदों के साथ नगर निगम कार्यालय में बैठक की। इस दौरान पार्षदों ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर 27 सितंबर तक सफाई व्यवस्था नहीं सुधरी तो इस्तीफा दे देंगे। साथ ही बैठक में निकाय मंत्री से मुलाकात का फैसला लिया गया। बैठक के बाद सभी पार्षद मेयर के नेतृत्व में निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता से मिले। पार्षदों की बात सुनकर निकाय मंत्री ने एसीएस विकास गुप्ता को एक सप्ताह में नगर निगम को एजेंसी का भुगतान करने की अनुमति देने के निर्देश दिए।
इसके अलावा मंत्री ने कहा कि प्रॉपर्टी मालिकों से सिर्फ इस साल का ही कचरा शुल्क लिया जाएगा। इसे लेकर जल्द ही सभी निकायों को पत्र जारी कर दिया जाएगा। मंत्री के साथ बैठक में कार्ड वाले प्लॉट की रजिस्ट्री को लेकर 5 पार्षदों की कमेटी का भी गठन किया गया, जो शुक्रवार को मुख्यालय में सीटीपी से इस मामले पर मुलाकात करेगी। बैठक की अध्यक्षता मेयर गौतम सरदाना ने की। उन्होंने कहा कि 14 जून के बाद से शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ी हुई है। प्लांट के लिए जगह देखी तो विधायकों ने भी विरोध कर दिया। प्रोसेसिंग प्लांट के लिए मुख्यमंत्री से मिलकर जमीन मांगी, लेकिन इसमें समय लग रहा है।
वी उमाशंकर से मिला था तो उन्होंने बिना प्रोसेसिंग के एजेंसी की पेमेंट करनी की बात कही। इसका लेटर बनाकर मुख्यालय भेज जा चुका है, लेकिन अनुमति नहीं मिल रही है। निकाय मंत्री सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। अभी तक हमें टाइम दिया जा रहा था। अब हम टाइम दे रहे हैं। 27 सितंबर तक सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो 28 को बैठक कर कठोर फैसला लेंगे। मेयर ने कहा कि जब तक सफाई व्यवस्था ठीक नहीं होती तब तक कूड़ा शुल्क हटा दिया जाए।
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18 में से 3 पार्षदों ने इस्तीफा देने की दी चेतावनी
बैठक में 18 पार्षद व पार्षद प्रतिनिधि मौजूद रहे। मेयर ने फैसले को लेकर सभी पार्षदों से अपने विचार रखने को कहा। इस पर पार्षद प्रतिनिधि सुशील शर्मा व पार्षद अनिल जैन ने कहा कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे धरना देने को तैयार हैं। पार्षद भूप सिंह, मनोनीत पार्षद कैप्टन नरेंद्र शर्मा व सुतीश सुरलिया ने कहा कि पहले निकाय मंत्री से मुलाकात करते हैं। समाधान न होने पर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। पार्षद पिंकी शर्मा, जयप्रकाश, उमेद खन्ना, प्रीतम सैनी, जगमाेहन मित्तल और पार्षद प्रतिनिधि उदयवीर मींटू, राजकुमार, पंकज दीवान, प्रवीण केडिया, कृष्ण सैनी ने कहा कि पहले निकाय मंत्री से मिलते हैं। काम नहीं हुआ तो सख्त फैसला लेंगे।
वहीं पार्षद मनोहर लाल, अमित ग्रोवर व सीनियर डिप्टी मेयर अनिल मानी ने कहा कि मंत्री से मिलने के बाद भी काम नहीं हुआ तो वह इस्तीफा दे देंगे। इस्तीफे को लेकर पार्षदों के तर्क-वितर्क हुए। मेयर ने कहा कि तीन माह के इस्तीफा क्या देना। कृष्ण सैनी बोले कि मेरे वार्ड में तो कुदरती इस्तीफा हो रखा है। मनोहर लाल ने कहा कि इस्तीफे के लिए बड़ा दिल चाहिए। अनिल जैन ने कहा कि तीन माह तक धरने को तैयार हैं, लेकिन इस्तीफा नहीं देंगे। अमित ग्रोवर ने कहा कि सफाई व्यवस्था सुधार लो वरना सभी की सफाई हो जाएगी जगमोहन मित्तल ने कहा कि सफाई व्यवस्था खराब कर हवाई व्यवस्था नहीं चाहिए।
मंत्री बोले-धमकाने आए हो या अनुरोध करने
मेयर बोले-कूड़े का समाधान करवा दो
बैठक के बाद मेयर के नेतृत्व में सभी पार्षद पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता से मिलने पहुंचे। सभी पार्षदों को देख निकाय मंत्री बोले कि धमकाने आए हो या अनुरोध करने। मेयर ने कहा कि आज सभी पार्षद एक निर्णय करके आए हैं। कूड़े का समाधान करवा दो वरना कठोर निर्णय लेने को बाध्य होंगे। पार्षदों की बात सुनकर डॉ. कमल गुप्ता ने एसीएस विकास गुप्ता से फोन पर बात की और नगर निगम को प्रोसेसिंग के बिना एजेंसी को पेमेंट करने की अनुमति दी जाए। इस पर एसीएस ने उन्हें बताया कि यह मामला मुख्यमंत्री के लेवल का है और इसमें थोड़ा समय लग सकता है। निकाय मंत्री ने एसीएस से एक सप्ताह में यह अनुमति दिलवाने को कहा। निकाय मंत्री ने पार्षदों से कहा कि उनकी शुक्रवार को मुख्यमंत्री के साथ बैठक है। वह इस मामले को उनके सामने रखेंगे।
कार्ड वाले प्लॉट की रजिस्ट्री को लेकर 5 पार्षदों की कमेटी का किया गठन
पार्षदाें ने अप्रूव्ड एरिया में कार्ड वाले प्लॉट का प्राॅपर्टी टैक्स रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाना व एनओसी देने का मामला भी उठाया। इसे लेकर निकाय मंत्री ने कहा कि कुछ पार्षद चंडीगढ़ जाकर सीटीपी से मिलें। कमेटी में सीनियर डिप्टी मेयर अनिल मानी, पार्षद भूप सिंह, जयप्रकाश, मनोनीत पार्षद कैप्टन नरेंद्र व पार्षद प्रतिनिधि प्रवीण केडिया को शामिल किया गया। इसके अलावा पार्षदों ने कूड़ा शुल्क का भी मामला निकाय मंत्री के सामने रखा तो उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी मालिकों से सिर्फ मौजूदा वित्त वर्ष का ही कूड़ा शुल्क लिया जाएगा, बेशक उन्होंने पहले का शुल्क भी न जमा करवाया हो। इसे लेकर लेटर जारी कर दिया जाएगा। इस दौरान मेयर ने निकाय मंत्री से अनुरोध किया कि वह कुछ समय निकालकर निगम में आए, जिससे प्रॉपर्टी टैक्स की अटकी फाइलें निकल सकें। मगर निकाय मंत्री ने साफ कह दिया कि वह नहीं आएंगे।
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इसके अलावा मंत्री ने कहा कि प्रॉपर्टी मालिकों से सिर्फ इस साल का ही कचरा शुल्क लिया जाएगा। इसे लेकर जल्द ही सभी निकायों को पत्र जारी कर दिया जाएगा। मंत्री के साथ बैठक में कार्ड वाले प्लॉट की रजिस्ट्री को लेकर 5 पार्षदों की कमेटी का भी गठन किया गया, जो शुक्रवार को मुख्यालय में सीटीपी से इस मामले पर मुलाकात करेगी। बैठक की अध्यक्षता मेयर गौतम सरदाना ने की। उन्होंने कहा कि 14 जून के बाद से शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ी हुई है। प्लांट के लिए जगह देखी तो विधायकों ने भी विरोध कर दिया। प्रोसेसिंग प्लांट के लिए मुख्यमंत्री से मिलकर जमीन मांगी, लेकिन इसमें समय लग रहा है।
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वी उमाशंकर से मिला था तो उन्होंने बिना प्रोसेसिंग के एजेंसी की पेमेंट करनी की बात कही। इसका लेटर बनाकर मुख्यालय भेज जा चुका है, लेकिन अनुमति नहीं मिल रही है। निकाय मंत्री सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। अभी तक हमें टाइम दिया जा रहा था। अब हम टाइम दे रहे हैं। 27 सितंबर तक सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो 28 को बैठक कर कठोर फैसला लेंगे। मेयर ने कहा कि जब तक सफाई व्यवस्था ठीक नहीं होती तब तक कूड़ा शुल्क हटा दिया जाए।
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18 में से 3 पार्षदों ने इस्तीफा देने की दी चेतावनी
बैठक में 18 पार्षद व पार्षद प्रतिनिधि मौजूद रहे। मेयर ने फैसले को लेकर सभी पार्षदों से अपने विचार रखने को कहा। इस पर पार्षद प्रतिनिधि सुशील शर्मा व पार्षद अनिल जैन ने कहा कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे धरना देने को तैयार हैं। पार्षद भूप सिंह, मनोनीत पार्षद कैप्टन नरेंद्र शर्मा व सुतीश सुरलिया ने कहा कि पहले निकाय मंत्री से मुलाकात करते हैं। समाधान न होने पर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। पार्षद पिंकी शर्मा, जयप्रकाश, उमेद खन्ना, प्रीतम सैनी, जगमाेहन मित्तल और पार्षद प्रतिनिधि उदयवीर मींटू, राजकुमार, पंकज दीवान, प्रवीण केडिया, कृष्ण सैनी ने कहा कि पहले निकाय मंत्री से मिलते हैं। काम नहीं हुआ तो सख्त फैसला लेंगे।
वहीं पार्षद मनोहर लाल, अमित ग्रोवर व सीनियर डिप्टी मेयर अनिल मानी ने कहा कि मंत्री से मिलने के बाद भी काम नहीं हुआ तो वह इस्तीफा दे देंगे। इस्तीफे को लेकर पार्षदों के तर्क-वितर्क हुए। मेयर ने कहा कि तीन माह के इस्तीफा क्या देना। कृष्ण सैनी बोले कि मेरे वार्ड में तो कुदरती इस्तीफा हो रखा है। मनोहर लाल ने कहा कि इस्तीफे के लिए बड़ा दिल चाहिए। अनिल जैन ने कहा कि तीन माह तक धरने को तैयार हैं, लेकिन इस्तीफा नहीं देंगे। अमित ग्रोवर ने कहा कि सफाई व्यवस्था सुधार लो वरना सभी की सफाई हो जाएगी जगमोहन मित्तल ने कहा कि सफाई व्यवस्था खराब कर हवाई व्यवस्था नहीं चाहिए।
मंत्री बोले-धमकाने आए हो या अनुरोध करने
मेयर बोले-कूड़े का समाधान करवा दो
बैठक के बाद मेयर के नेतृत्व में सभी पार्षद पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता से मिलने पहुंचे। सभी पार्षदों को देख निकाय मंत्री बोले कि धमकाने आए हो या अनुरोध करने। मेयर ने कहा कि आज सभी पार्षद एक निर्णय करके आए हैं। कूड़े का समाधान करवा दो वरना कठोर निर्णय लेने को बाध्य होंगे। पार्षदों की बात सुनकर डॉ. कमल गुप्ता ने एसीएस विकास गुप्ता से फोन पर बात की और नगर निगम को प्रोसेसिंग के बिना एजेंसी को पेमेंट करने की अनुमति दी जाए। इस पर एसीएस ने उन्हें बताया कि यह मामला मुख्यमंत्री के लेवल का है और इसमें थोड़ा समय लग सकता है। निकाय मंत्री ने एसीएस से एक सप्ताह में यह अनुमति दिलवाने को कहा। निकाय मंत्री ने पार्षदों से कहा कि उनकी शुक्रवार को मुख्यमंत्री के साथ बैठक है। वह इस मामले को उनके सामने रखेंगे।
कार्ड वाले प्लॉट की रजिस्ट्री को लेकर 5 पार्षदों की कमेटी का किया गठन
पार्षदाें ने अप्रूव्ड एरिया में कार्ड वाले प्लॉट का प्राॅपर्टी टैक्स रिकॉर्ड में नाम दर्ज करवाना व एनओसी देने का मामला भी उठाया। इसे लेकर निकाय मंत्री ने कहा कि कुछ पार्षद चंडीगढ़ जाकर सीटीपी से मिलें। कमेटी में सीनियर डिप्टी मेयर अनिल मानी, पार्षद भूप सिंह, जयप्रकाश, मनोनीत पार्षद कैप्टन नरेंद्र व पार्षद प्रतिनिधि प्रवीण केडिया को शामिल किया गया। इसके अलावा पार्षदों ने कूड़ा शुल्क का भी मामला निकाय मंत्री के सामने रखा तो उन्होंने कहा कि प्रॉपर्टी मालिकों से सिर्फ मौजूदा वित्त वर्ष का ही कूड़ा शुल्क लिया जाएगा, बेशक उन्होंने पहले का शुल्क भी न जमा करवाया हो। इसे लेकर लेटर जारी कर दिया जाएगा। इस दौरान मेयर ने निकाय मंत्री से अनुरोध किया कि वह कुछ समय निकालकर निगम में आए, जिससे प्रॉपर्टी टैक्स की अटकी फाइलें निकल सकें। मगर निकाय मंत्री ने साफ कह दिया कि वह नहीं आएंगे।