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कंडक्टर-ड्राइवर से मारपीट, विभाग ने रोकी बस

Tue, 15 Jul 2014 11:58 PM IST
hisar
hisar Updated Tue, 15 Jul 2014 11:58 PM IST
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गांव ठसका के युवकों द्वारा कंडक्टर और ड्राइवर पर किए गए हमले के बाद रोडवेज विभाग ने गांव में बस के आवागमन पर रोक लगा दी है। अब बसें गांव में तभी जाएगी जब दोनों पक्षों के बीच मामला सुलझा लिया जाएगा। डिपो इंचार्ज कर्मबीर बामल ने बताया कि बस स्टैंड परिसर में गांव ठसका के तीन युवकों ने सोमवार को गांव में जाने वाली रोडवेज बस के ड्राइवर और कंडक्टर पर हमला बोल दिया था। जिसके बाद कंडक्टर व ड्राइवर ने लिखित शिकायत महाप्रबंधक को सौंप दी है।

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इसके बाद फैसला लिया गया है कि जब तक दोनों पक्षों में समझौता नहीं हो जाता, तब तक गांव में बस के आवागमन पर रोक रहेगी। हालांकि इसी बीच कुछ ग्रामीणों और सरपंच ने कंडक्टर व ड्राइवर से मुलाकात कर समझौते के प्रयास किए, लेकिन दोनों आरोपियों को सामने लाने की बात पर जोर देते रहे, जिससे बात सिरे नहीं चढ़ सकी। वहीं बस स्टैंड चौकी पुलिस हमलावराें के खिलाफ मामला दर्ज कर चुकी है।  
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रोडवेज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव में रोडवेज की केवल दो ही बसें जाती हैं, जिनमें से एक सुबह 7.30 बजे जाती है, जबकि दूसरी दोपहर साढे़ 12 बजे और तीसरी शाम 6 बजे चलती है। अन्य रूटों पर चलने वाली प्राइवेट बसें भी गांव से होकर निकलती हैं, लेकिन इस फैसले के बाद अब रोडवेज बसों के तीनों चक्कर गांव में नहीं लगेंगे।   
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रोडवेज की बसों का गांव में संचालन बंद होने से सैकड़ों ग्रामीणों का सफर प्रभावित होगा, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीण सुबह गांव से चलकर रोजमर्रा के कार्यों के लिए हिसार आते हैं, लेकिन अब रोडवेज बसेें बंद होने के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ सकती है। ग्रामीणों के अलावा विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ने के लिए भी गांव से भारी संख्या में विद्यार्थी हिसार आते हैं। ऐसे में उन्हें भी परेशानी हो सकती है।


इस मामले को लेकर जब गांव के सरपंच धन सिंह से बात की गई तो उन्होंने दावा किया कि गांव के लड़कों का इस मारपीट में कोई कसूर नहीं है। बल्कि उन्हें झूठ बोलकर फंसाया जा रहा है। सरपंच ने कहा कि वे कंडक्टर व ड्राइवर को समझाकर समझौता करवाने के प्रयास कर रहे हैं। यदि उनके गांव के लड़कों का कसूर निकलता है तो वे स्वयं उन्हें पुलिस के हवाले करेंगे।

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