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Hisar News: हर माह 2.70 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी शहर गंदा
Sat, 13 Jan 2024 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sat, 13 Jan 2024 01:16 AM IST
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हिसार। नगर निगम हर माह शहर की सफाई पर करीब 2.70 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। इसके बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था पटरी पर नहीं है। इसमें सबसे ज्यादा खर्च स्वच्छता शाखा के स्टाफ पर होता है। शाखा के कर्मचारियाें के वेतन पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च आता है। बता दें कि इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 में नगर निगम की रैंकिंग 79 पायदान गिरकर 194 पर पहुंच गई। हालांकि राज्य स्तरीय की रैंकिंग में पिछले वर्ष के मुकाबले एक पायदान चढ़कर 7 पर पहुंच गई।
सफाई व्यवस्था पर होने वाले का खर्च का ये है ब्योरा
वार्ड 1 से 10 में घराें से कचरा उठान के टेंडर का खर्च-50 लाख रुपये
निगम की गाड़ियों के तेल का खर्च-13 लाख रुपये
मुख्यालय से मिली रोड स्वीपिंग मशीन का खर्च-4.70 लाख रुपये
शुलभ शौचालयों की सफाई का खर्च-3 लाख रुपये
सफाई कर्मचारियों के वेतन पर खर्च-2 करोड़ रुपये
ये व्यवस्था लागू हो तो रैंकिंग में सुधार आने की संभावना
- कचरा एकत्रित करते समय ही ज्यादा से ज्यादा गीला व सूखा कचरा अलग-अलग एकत्रित किया जाए।
- शहर के एकत्रित किए गए कचरे का सही से निस्तारण किया जाए। इसके लिए ठोस कचरा निस्तारण प्लांट का होना अनिवार्य है।
- कचरा स्थलों में सुधार करना। मतलब इन जगहों पर कचरा फैला न रहे। उसका समय-समय उठान किया जाए।
- घरों से कचरे का उठान 100 प्रतिशत किया जाए।
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सफाई व्यवस्था पर होने वाले का खर्च का ये है ब्योरा
वार्ड 1 से 10 में घराें से कचरा उठान के टेंडर का खर्च-50 लाख रुपये
निगम की गाड़ियों के तेल का खर्च-13 लाख रुपये
मुख्यालय से मिली रोड स्वीपिंग मशीन का खर्च-4.70 लाख रुपये
शुलभ शौचालयों की सफाई का खर्च-3 लाख रुपये
सफाई कर्मचारियों के वेतन पर खर्च-2 करोड़ रुपये
ये व्यवस्था लागू हो तो रैंकिंग में सुधार आने की संभावना
- कचरा एकत्रित करते समय ही ज्यादा से ज्यादा गीला व सूखा कचरा अलग-अलग एकत्रित किया जाए।
- शहर के एकत्रित किए गए कचरे का सही से निस्तारण किया जाए। इसके लिए ठोस कचरा निस्तारण प्लांट का होना अनिवार्य है।
- कचरा स्थलों में सुधार करना। मतलब इन जगहों पर कचरा फैला न रहे। उसका समय-समय उठान किया जाए।
- घरों से कचरे का उठान 100 प्रतिशत किया जाए।