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चिटफंड: तीन गुणा बयाज देने का लालच देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले पकड़े
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हिसार। जिला पुलिस ने साइबर अपराध करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सीआईए टीम ने चिटफंड स्कीम के जरिये लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह के दो गुर्गों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने सुरेंद्रा नगर गुजरात निवासी सचिन गुड़ालिया और गजराज सोसायटी अहमदाबाद निवासी पिंटू के पास से 50 हजार रुपये भी बरामद किए हैं। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। इस संबंध में 17 जून को सिविल लाइन थाना पुलिस ने पटेल नगर निवासी चंद्रशेखर की शिकायत पर ऐना और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था।
एप के जरिये की थी धोखाधड़ी
एएसआई सुरेंद्र ने बताया कि पटेल नगर निवासी चंद्रशेखर ने शिकायत में बताया था कि टेलीग्राम के माध्यम से एक कॉल आई और बात करने वाले ने अपना नाम ऐना बताया। उसने कहा कि हमारी एक कंपनी विनमनी है। इसी नाम से हमारी एप है, जो कि एक एंड्रायड लिंक चेन एप्लीकेशन है। आपके शहर के अनगिनत लोग हमारी कंपनी की चिटफंट स्कीम से जुड़े हैं। लिंक के माध्यम से आप 1000 रुपये जमा करवाते हो तो तीन माह तक 80 रुपये आपके खाता में आएंगे और अलग मैंबर बनाते हो तो इंसेटिव मिलेगा। उनके प्रलोभन से झांसे में आ गया और करीब 12 लाख रुपये जमा करवा दिए। कुछ समय तक कमीशन मिला, लेकिन इसके बाद बंद हो गया। इस बारे में बात की तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं आया। बाद में मुझे 80 हजार रुपये और जमा कराने की बात कही, लेकिन मैंने रुपये देने से इनकार कर दिया। फिर उन्होंने कहा कि अगर, दोबारा फोन किया तो जान से मार देंगे।
फोन पे की ट्रांजेक्शन से पकड़े गए आरोपी
जांच अधिकारी सुरेंद्र ने बताया कि विनमनी क्लब के मालिक व सदस्यों ने एंड्रायड लिंक चेन एप्लीकेशन को भारत सरकार से मंजूरशुदा बताया और ज्यादा ब्याज देने का लालच देकर एप डाउनलोड करवा कर नकदी हड़पी। जांच के दौरान फोन पे की ट्रांजेक्शन के आधार पर रिकॉर्ड प्राप्त किया। रिकॉर्ड के आधार पर खाता धारक सचिन गुड़ालिया व पिंटू राजपूत को गजराज सोसायटी अहमदाबाद (गुजरात) से गिरफ्तार किया गया। आरोपी सचिन ने बताया कि वह पिंटू राजपूत को अपने अकाउंट का चेक देता था। पिंटू राजपूत सचिन के अकाउंट से पैसे निकालकर आगे किसी व्यक्ति को देता था। पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी हुई है।
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एप के जरिये की थी धोखाधड़ी
एएसआई सुरेंद्र ने बताया कि पटेल नगर निवासी चंद्रशेखर ने शिकायत में बताया था कि टेलीग्राम के माध्यम से एक कॉल आई और बात करने वाले ने अपना नाम ऐना बताया। उसने कहा कि हमारी एक कंपनी विनमनी है। इसी नाम से हमारी एप है, जो कि एक एंड्रायड लिंक चेन एप्लीकेशन है। आपके शहर के अनगिनत लोग हमारी कंपनी की चिटफंट स्कीम से जुड़े हैं। लिंक के माध्यम से आप 1000 रुपये जमा करवाते हो तो तीन माह तक 80 रुपये आपके खाता में आएंगे और अलग मैंबर बनाते हो तो इंसेटिव मिलेगा। उनके प्रलोभन से झांसे में आ गया और करीब 12 लाख रुपये जमा करवा दिए। कुछ समय तक कमीशन मिला, लेकिन इसके बाद बंद हो गया। इस बारे में बात की तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं आया। बाद में मुझे 80 हजार रुपये और जमा कराने की बात कही, लेकिन मैंने रुपये देने से इनकार कर दिया। फिर उन्होंने कहा कि अगर, दोबारा फोन किया तो जान से मार देंगे।
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फोन पे की ट्रांजेक्शन से पकड़े गए आरोपी
जांच अधिकारी सुरेंद्र ने बताया कि विनमनी क्लब के मालिक व सदस्यों ने एंड्रायड लिंक चेन एप्लीकेशन को भारत सरकार से मंजूरशुदा बताया और ज्यादा ब्याज देने का लालच देकर एप डाउनलोड करवा कर नकदी हड़पी। जांच के दौरान फोन पे की ट्रांजेक्शन के आधार पर रिकॉर्ड प्राप्त किया। रिकॉर्ड के आधार पर खाता धारक सचिन गुड़ालिया व पिंटू राजपूत को गजराज सोसायटी अहमदाबाद (गुजरात) से गिरफ्तार किया गया। आरोपी सचिन ने बताया कि वह पिंटू राजपूत को अपने अकाउंट का चेक देता था। पिंटू राजपूत सचिन के अकाउंट से पैसे निकालकर आगे किसी व्यक्ति को देता था। पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी हुई है।
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