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Hisar News: 2 साल में बनाना था बाल सुधार गृह, तीन में भी नहीं हो पाया तैयार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 18 May 2024 02:10 AM IST
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Child care home was to be built in 2 years, could not be ready even in three years
हिसार। राणा माइनर के पास प्रस्तावित बाल सुधार गृह तय समय सीमा पूरी होने के एक साल बाद भी बनकर तैयार नहीं हुआ है। इस अवधि में प्रोजेक्ट के नक्शे में चार बार बदलाव किया गया। यही नहीं बार-बार प्रोजेक्ट में बदलाव करने से इसकी लागत में भी बढ़ोतरी हुई है। अब बीएंडआर की तरफ से इसका संशोधित एस्टीमेट भेजा गया है।
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बता दें कि पहले बाल सुधार गृह बरवाला रोड पर था। मगर इसकी जमीन एयरपोर्ट की हवाई पट्टी के बीच में आ गई, जिस कारण इसके भवन को तोड़ना पड़ा। बाल सुधार गृह के नए भवन के लिए राणा माइनर के पास आठ एकड़ जगह चिह्नित की गई।
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पहले एक मंजिला बनना था भवन बाद में किया बदलाव

नए भवन का निर्माण कार्य तीन साल से चल रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने इस अवधि में चार बार नक्शे में बदलाव किया। इसका निर्माण कार्य जुलाई 2021 में शुरू हुआ था और वर्ष 2023 में इसका निर्माण पूरा किया जाना था। मगर बार-बार नक्शे में बदलाव के कारण यह प्रोजेक्ट लेट होता गया। शुरुआती नक्शे में भवन एक मंजिला ही प्रस्तावित था, जो अब दो मंजिला हो चुका है। इस कारण से इसकी लागत भी बढ़ गई है। इसके लिए करीब 34 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी मिली थी और करीब 27 करोड़ रुपये का टेंडर लगाया गया था, जो अब बढ़कर करीब 32 करोड़ रुपये हो गया है।
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ये सुविधाएं होंगी उपलब्ध
नए भवन की क्षमता 150 लोगों की होगी। इसमें बाल कैदियों के लिए कमरों के अलावा योगा रूम, क्लास रूम, पुस्तकालय की भी सुविधा उपलब्ध होगी। बाल सुधार गृह परिसर में तीन स्टाफ क्वार्टर भी बनाए गए हैं।


फरीदाबाद में शिफ्ट किए गए हैं बाल कैदी

चूंकि यहां नया भवन तैयार नहीं हुआ है और पुराना तोड़ा जा चुका है। ऐसे में पुराने भवन में रह रहे बाल कैदियों को फरीदाबाद के बाल सुधार गृह में शिफ्ट किया गया है। इस कारण से उन बाल कैदियों के परिजनों को परेशानी आ रही है और तीन साल उन्हें फरीदाबाद के चक्कर काटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
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