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Hisar News: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बोले-कृषि में विविधीकरण अपनाएं, मोटे अनाज को दें प्राथमिकता
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हिसार। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों से आह्वान किया कि वे आय बढ़ाने के लिए कृषि में विविधीकरण को अपनाएं और मोटे अनाज की पैदावार पर जोर दें। औषधीय पौधों, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन, सब्जी, फूल और फल की खेती जैसे विकल्प अपनाकर किसान अपनी आमदनी को कई गुना बढ़ा सकते हैं। सरकार, कृषि वैज्ञानिक और किसान मिलकर यह सुनिश्चित करें कि खेती का हर कदम प्रकृति के संतुलन के साथ बढ़े।
मुख्यमंत्री रविवार को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित रबी कृषि मेला का शुभारंभ करने के बाद किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पानी की बचत के लिए वर्षा जल संचयन, ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी माइक्रो इरिगेशन तकनीकों पर 85 फीसदी तक सब्सिडी दी जाती है। तालाब बनाने पर भी 85 फीसदी अनुदान उपलब्ध है। सिंचाई के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स से शोधित पानी का उपयोग करने के लिए 27 योजनाएं तैयार की गई हैं, जिनमें से 11 पूरी हो चुकी हैं।
प्राकृतिक खेती ही भविष्य : कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार देशी गाय पर 35 हजार रुपये तक की सब्सिडी और प्रति पशु 4 हजार रुपये की सहायता राशि दे रही है। रासायनिक खेती के दुष्परिणाम अब सामने आ रहे हैं। भूमि की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। यदि खेती की दिशा नहीं बदली गई तो एक अध्ययन के अनुसार 2040 तक कैंसर जैसी बीमारियां हर घर तक पहुंच सकती हैं।
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पशुपालकों और महिला उद्यमियों को मिला सम्मान : मुख्यमंत्री ने देशी गायों के संरक्षण और मुर्राह विकास योजना के अंतर्गत 50 पशुपालकों को 40 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि के डमी चेक बांटे। 75 महिला उद्यमियों को डेयरी स्थापना स्वीकृति पत्र प्रदान किए। सीएम ने विश्वविद्यालय परिसर में दत्तोपंत ठेंगड़ी कृषि उद्यमिता स्थल और कल्पना चावला महिला छात्रावास व देवी अहिल्या बाई होलकर महिला छात्रावास का उद्घाटन भी किया।
72 हजार किसान पहुंचे कृषि मेले में : कृषि मेले के पहले दिन करीब 72 हजार किसानों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। किसानों ने 1.14 करोड़ रुपये के बीज और 44,750 रुपये के कृषि साहित्य खरीदे। मिट्टी और पानी के 246 नमूनों की जांच करवाई गई। टिश्यू कल्चर तकनीक से विकसित पौध की 22 हजार रुपये की और जैव उर्वरक के टीके की 93 हजार रुपये की बिक्री हुई।
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मुख्यमंत्री रविवार को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित रबी कृषि मेला का शुभारंभ करने के बाद किसानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पानी की बचत के लिए वर्षा जल संचयन, ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी माइक्रो इरिगेशन तकनीकों पर 85 फीसदी तक सब्सिडी दी जाती है। तालाब बनाने पर भी 85 फीसदी अनुदान उपलब्ध है। सिंचाई के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स से शोधित पानी का उपयोग करने के लिए 27 योजनाएं तैयार की गई हैं, जिनमें से 11 पूरी हो चुकी हैं।
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प्राकृतिक खेती ही भविष्य : कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार देशी गाय पर 35 हजार रुपये तक की सब्सिडी और प्रति पशु 4 हजार रुपये की सहायता राशि दे रही है। रासायनिक खेती के दुष्परिणाम अब सामने आ रहे हैं। भूमि की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। यदि खेती की दिशा नहीं बदली गई तो एक अध्ययन के अनुसार 2040 तक कैंसर जैसी बीमारियां हर घर तक पहुंच सकती हैं।
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पशुपालकों और महिला उद्यमियों को मिला सम्मान : मुख्यमंत्री ने देशी गायों के संरक्षण और मुर्राह विकास योजना के अंतर्गत 50 पशुपालकों को 40 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि के डमी चेक बांटे। 75 महिला उद्यमियों को डेयरी स्थापना स्वीकृति पत्र प्रदान किए। सीएम ने विश्वविद्यालय परिसर में दत्तोपंत ठेंगड़ी कृषि उद्यमिता स्थल और कल्पना चावला महिला छात्रावास व देवी अहिल्या बाई होलकर महिला छात्रावास का उद्घाटन भी किया।
72 हजार किसान पहुंचे कृषि मेले में : कृषि मेले के पहले दिन करीब 72 हजार किसानों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। किसानों ने 1.14 करोड़ रुपये के बीज और 44,750 रुपये के कृषि साहित्य खरीदे। मिट्टी और पानी के 246 नमूनों की जांच करवाई गई। टिश्यू कल्चर तकनीक से विकसित पौध की 22 हजार रुपये की और जैव उर्वरक के टीके की 93 हजार रुपये की बिक्री हुई।