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Hisar News: भाई की हत्या के मामले में गवाही से रोकने के लिए ठेके पर चलाई थीं गोलियां, मामला दर्ज
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मंडी आदमपुर। गांव सदलपुर के चक्की चौपटा स्थित शराब ठेके पर रविवार देर रात बाइक सवार 2 युवकों ने दहशत फैलाने व ठेकेदार के भाई की हत्या के मामले में गवाही से रोकने के लिए फायर किए और वहां से फरार हो गए। मामले की सूचना मिलने पर आदमपुर थाना प्रभारी कर्ण सिंह मौके पर पहुंचे। इसके बाद डीएसपी सज्जन कुमार भी मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। पुलिस ने ठेकेदार की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव दड़ौली निवासी करीब 40 वर्षीय स्वतंत्र ने बताया कि वह शराब ठेकेदारी का काम करता है। रविवार सात जनवरी की रात करीब साढ़े 10 बजे वह अपने गनमैन तेजपाल के साथ गांव सदलपुर में मौजूद था। उसी दौरान उसके पास चक्की चौपटा ठेके के सेल्समैन गांव दड़ौली निवासी प्रदीप का फोन आया कि ठेके पर एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो लड़के आए और ठेके पर गोलियां चला कर चले गए। सूचना मिलने पर वह ठेके पर पहुंचा, तो वहां पर गोलियां चलाई हुई थी। वहीं ठेके के बाहर एक पत्र पड़ा था, जिसमें लिखा था कि तेरे भाई जितेंद्र की हत्या केस में गवाही दी तो तुझे जान से मार देंगे और भविष्य में ठेके लिए तो अंजाम बुरा होगा। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके भाई जितेंद्र की हत्या के केस में गवाही से रोकने के लिए भय दिखाने के लिए गोलियां चलाई हैं, ताकि वह काला खैरमपुरिया और उसके अन्य साथियों के खिलाफ अदालत में गवाही न दे सके। स्वतंत्र ने मांग की है कि काला खैरमपुरिया व उसके अज्ञात दोस्तों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
एक मार्च 2021 को स्कूल में की थी जितेंद्र की हत्या
स्वतंत्र के भाई गांव दड़ौली निवासी अध्यापक जितेंद्र की वर्ष 2021 में एक मार्च को गांव रामसरा के स्कूल में ड्यूटी के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दरअसल, जितेंद्र की गांव रामसरा के राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल में ड्यूटी थी। जितेंद्र कुमार के साथ इसी स्कूल में कार्यरत आदमपुर खंड के गांव चूलीकलां निवासी अध्यापक विनोद कुमार भी साथ जाता था। दोनों घर जाने के लिए कार में सवार हो गए थे। इस दौरान एक बाइक पर सवार होकर आए दो युवकों ने जितेंद्र पर गोली चलानी शुरू कर दी थी। इससे घबराकर जितेंद्र कुमार व विनोद गाड़ी से बाहर निकल गए। जितेंद्र प्रधानाचार्य के कार्यालय की तरफ दौड़ पड़ा, तो आरोपी भी पीछे गए। बदमाशों ने छह गोलियां दागकर जितेंद्र को मौत के घाट उतार दिया और फरार हो गए थे।
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पुलिस को दी शिकायत में गांव दड़ौली निवासी करीब 40 वर्षीय स्वतंत्र ने बताया कि वह शराब ठेकेदारी का काम करता है। रविवार सात जनवरी की रात करीब साढ़े 10 बजे वह अपने गनमैन तेजपाल के साथ गांव सदलपुर में मौजूद था। उसी दौरान उसके पास चक्की चौपटा ठेके के सेल्समैन गांव दड़ौली निवासी प्रदीप का फोन आया कि ठेके पर एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो लड़के आए और ठेके पर गोलियां चला कर चले गए। सूचना मिलने पर वह ठेके पर पहुंचा, तो वहां पर गोलियां चलाई हुई थी। वहीं ठेके के बाहर एक पत्र पड़ा था, जिसमें लिखा था कि तेरे भाई जितेंद्र की हत्या केस में गवाही दी तो तुझे जान से मार देंगे और भविष्य में ठेके लिए तो अंजाम बुरा होगा। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके भाई जितेंद्र की हत्या के केस में गवाही से रोकने के लिए भय दिखाने के लिए गोलियां चलाई हैं, ताकि वह काला खैरमपुरिया और उसके अन्य साथियों के खिलाफ अदालत में गवाही न दे सके। स्वतंत्र ने मांग की है कि काला खैरमपुरिया व उसके अज्ञात दोस्तों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
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एक मार्च 2021 को स्कूल में की थी जितेंद्र की हत्या
स्वतंत्र के भाई गांव दड़ौली निवासी अध्यापक जितेंद्र की वर्ष 2021 में एक मार्च को गांव रामसरा के स्कूल में ड्यूटी के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दरअसल, जितेंद्र की गांव रामसरा के राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल में ड्यूटी थी। जितेंद्र कुमार के साथ इसी स्कूल में कार्यरत आदमपुर खंड के गांव चूलीकलां निवासी अध्यापक विनोद कुमार भी साथ जाता था। दोनों घर जाने के लिए कार में सवार हो गए थे। इस दौरान एक बाइक पर सवार होकर आए दो युवकों ने जितेंद्र पर गोली चलानी शुरू कर दी थी। इससे घबराकर जितेंद्र कुमार व विनोद गाड़ी से बाहर निकल गए। जितेंद्र प्रधानाचार्य के कार्यालय की तरफ दौड़ पड़ा, तो आरोपी भी पीछे गए। बदमाशों ने छह गोलियां दागकर जितेंद्र को मौत के घाट उतार दिया और फरार हो गए थे।
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