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रिश्वत मामला : सुरेश चौधरी 12 साल पहले चलाता था केमिस्ट की दुकान, अब 2 हजार गज में बना रखी है कोठी
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हिसार। केमिस्ट संचालक से लाइसेंस की एवज में रिश्वत लेने के मामले में फरार चल रहा ड्रग कंट्रोल अधिकारी सुरेश चौधरी के बारे में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाली गई है। इस पोस्ट में लिखा गया है कि सुरेश चौधरी करीब 12 साल पहले भिवानी के नागरिक अस्पताल के सामने केमिस्ट की दुकान चलाता था। साल 2009 में वह हिसार नागरिक अस्पताल में ड्रग इंस्पेक्टर के तौर पर लगा और उन्हें दुकानों को शिकार बनाने लगा। जहां वह खुद कभी काउंटर पर बैठकर दवा भेजता था। इस समय सुरेश चौधरी की हिसार शहर में 2 हजार गज में महल नुमा कोठी है। यह खुलासा स्वास्थ्य विभाग के जीव विज्ञान के डॉ. रमेश पूनिया ने सोशल मीडिया पर डाली पोस्ट में किया है।
डॉ. पूनिया ने लिखा कि सुरेश चौधरी करीब 1100 दुकानों से मंथली लेता था। 17 सितंबर को विजिलेंस की टीम ने डीआईजी विजिलेंस को लुकआउट नोटिस पत्र भेजने की बात कही थी। इस मामले में मंगलवार को जवाब दो हिसाब के अध्यक्ष राजीव सरदाना ने अम्बाला फोन करके सच्चाई जानने की कोशिश की तो पता चला कि उनके पास इस मामले से जुड़ा न तो पत्र पहुंचा है न ही कोई मेल। आरोप है कि विजिलेंस टीम सुरेश चौधरी को बचाना चाहती है।
स्वास्थ्य मंत्री और उपायुक्त को दी शिकायत
हांसी निवासी राजीव सैनी ने ड्रग कंट्रोल अधिकारी सुरेश चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी सीएम विंडो की शिकायत के जवाब में झूठी रिपोर्ट मिलने के मामले में मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और उपायुक्त को शिकायत भेजी है। सात अगस्त 2019 को उसने सीनियर ड्रग कंट्रोल और ड्रग कंट्रोल अधिकारी सुरेश चौधरी के खिलाफ सीएम विंडो में शिकायत दी थी। मंजू टूटेजा की निगरानी कमेटी में सीएम विंडो पर ड्यूटी थी। सीएम विंडो की तरफ से जवाब में शिकायत को झूठा करार दिया गया था।
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डॉ. पूनिया ने लिखा कि सुरेश चौधरी करीब 1100 दुकानों से मंथली लेता था। 17 सितंबर को विजिलेंस की टीम ने डीआईजी विजिलेंस को लुकआउट नोटिस पत्र भेजने की बात कही थी। इस मामले में मंगलवार को जवाब दो हिसाब के अध्यक्ष राजीव सरदाना ने अम्बाला फोन करके सच्चाई जानने की कोशिश की तो पता चला कि उनके पास इस मामले से जुड़ा न तो पत्र पहुंचा है न ही कोई मेल। आरोप है कि विजिलेंस टीम सुरेश चौधरी को बचाना चाहती है।
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स्वास्थ्य मंत्री और उपायुक्त को दी शिकायत
हांसी निवासी राजीव सैनी ने ड्रग कंट्रोल अधिकारी सुरेश चौधरी के खिलाफ भ्रष्टाचार संबंधी सीएम विंडो की शिकायत के जवाब में झूठी रिपोर्ट मिलने के मामले में मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और उपायुक्त को शिकायत भेजी है। सात अगस्त 2019 को उसने सीनियर ड्रग कंट्रोल और ड्रग कंट्रोल अधिकारी सुरेश चौधरी के खिलाफ सीएम विंडो में शिकायत दी थी। मंजू टूटेजा की निगरानी कमेटी में सीएम विंडो पर ड्यूटी थी। सीएम विंडो की तरफ से जवाब में शिकायत को झूठा करार दिया गया था।
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