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धूल-धुएं से घुट रहीं सांसें, प्रदूषण कम करने के लिए चार दमकल गाड़ियों से कराईं पानी की बौछारें
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हिसार। जिले में लगातार दूसरे दिन बुधवार को 21 जगहों पर पराली जलाई गई। हालांकि मौसम साफ रहा, लेकिन हवा न चलने से एक्यूआई के स्तर में कोई गिरावट नहीं आई। इस दौरान एक्यूआई 300 से ऊपर बरकरार रहा। उधर, डीसी के आदेश पर देर रात प्रदूषण कम करने के लिए चार दमकल गाड़ियों से पानी की बौछारें करवाई गईं।
बता दें कि पिछले तीन दिनों से एक्यूआई (वायु गुुणवत्ता सूचकांक) का स्तर 300 से ऊपर चल रहा है। जिले में इस सीजन में अब तक पराली जलाने के 109 मामले सामने आए हैं। एक दिन में सबसे ज्यादा जगहों पर पराली जलाने के मामले 16 व 17 नवंबर मिले। इन दोनों दिनों में 21-21 जगहों पर पराली जलाने की घटनाएं रिकॉर्ड की गईं। उधर, पराली जलाने पर अभी तक 43 किसानों पर एक लाख सात हजार पांच सौ रुपये जुर्माना लगाया गया है। एक एकड़ पराली जलाने पर 2500 रुपये का जुर्माना तय है। पराली जलाने पर दस हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जुर्माना अदा न करने पर किसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का प्रावधान है।
शहर में दिवाली की रात से प्रदूषण की स्थिति खराब बनी हुई है। शहरवासी इतने दिनों से जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर है। उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ है, जिसका काम प्रदूषण को नियंत्रित करना है। बात करने पर अधिकारी कहते हैं कि बारिश आने या हवा चलने से ही इससे राहत मिलेगी।
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एक्यूआई की स्थिति
समय एक्यूआई
सुबह 9 बजे 360
सुबह 11 बजे 358
दोपहर 1 बजे 345
दोपहर 3 बजे 329
शाम 5 बजे 323
शाम 7 बजे 313
रात 9 बजे
शहर में काफी संख्या में वाहन चल रहे हैं, इन्हें सम-विषम आधार चलाया जाए। रेड जोन में आनी वाली फैक्टरियों को कुछ दिनों के बंद किया जाए। निर्माण कार्यों पर रोक लगाई जाए। ये कदम उठाकर ही इस प्रदूषण से राहत मिल सकती है। मगर जिला प्रशासन या संबंधित विभाग इसे लेकर कोई कदम नहीं उठा रहा है। - प्रो. नरसी राम बिश्नोई, पर्यावरण विशेषज्ञ
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बता दें कि पिछले तीन दिनों से एक्यूआई (वायु गुुणवत्ता सूचकांक) का स्तर 300 से ऊपर चल रहा है। जिले में इस सीजन में अब तक पराली जलाने के 109 मामले सामने आए हैं। एक दिन में सबसे ज्यादा जगहों पर पराली जलाने के मामले 16 व 17 नवंबर मिले। इन दोनों दिनों में 21-21 जगहों पर पराली जलाने की घटनाएं रिकॉर्ड की गईं। उधर, पराली जलाने पर अभी तक 43 किसानों पर एक लाख सात हजार पांच सौ रुपये जुर्माना लगाया गया है। एक एकड़ पराली जलाने पर 2500 रुपये का जुर्माना तय है। पराली जलाने पर दस हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जुर्माना अदा न करने पर किसान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का प्रावधान है।
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शहर में दिवाली की रात से प्रदूषण की स्थिति खराब बनी हुई है। शहरवासी इतने दिनों से जहरीली हवा में सांस लेने को मजबूर है। उधर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हाथ पर हाथ धरे बैठा हुआ है, जिसका काम प्रदूषण को नियंत्रित करना है। बात करने पर अधिकारी कहते हैं कि बारिश आने या हवा चलने से ही इससे राहत मिलेगी।
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समय एक्यूआई
सुबह 9 बजे 360
सुबह 11 बजे 358
दोपहर 1 बजे 345
दोपहर 3 बजे 329
शाम 5 बजे 323
शाम 7 बजे 313
रात 9 बजे
शहर में काफी संख्या में वाहन चल रहे हैं, इन्हें सम-विषम आधार चलाया जाए। रेड जोन में आनी वाली फैक्टरियों को कुछ दिनों के बंद किया जाए। निर्माण कार्यों पर रोक लगाई जाए। ये कदम उठाकर ही इस प्रदूषण से राहत मिल सकती है। मगर जिला प्रशासन या संबंधित विभाग इसे लेकर कोई कदम नहीं उठा रहा है। - प्रो. नरसी राम बिश्नोई, पर्यावरण विशेषज्ञ