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Hisar News: कभी अभ्यास के लिए नहीं था तीर-धनुष, अब अचूक है निशाना
Tue, 13 Feb 2024 03:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Tue, 13 Feb 2024 03:00 AM IST
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हिसार। तीरंदाजी महंगे खेलों में शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए एक धनुष की कीमत करीब चार लाख रुपये से शुरू होती है। कई बार खिलाड़ी धनुष तक नहीं खरीद पाते हैं। ऐसे में धनुष से निशाना लगाने से पहले ही उनकी प्रतिभाएं दम तोड़ देती हैं। मगर उमरा की तीरंदाज बेटियों ने हिम्मत नहीं हारी। आर्थिक कमजोर परिवार होने के बावजूद माता-पिता ने बेटियों के सपने को पंख लगाए। किसी के पिता ने रुपये उधार लेकर बेटी को धनुष दिलाया तो किसी बेटी ने मेडल जीतने पर मिली अवॉर्ड राशि से सफलता पर निशाना साधा।
शिलांग में होने वाले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में अब उमरा गांव की बेटी प्रीति, रविना और अवनि निशाना लगाएंगी। प्रतियोगिता 20 से 25 फरवरी तक चलेगी। ये बेटियां जीजेयू की ओर से खेलेंगी। इन बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर पर भी कई पदक हासिल किए हैं। सभी बेटियां उमरा के तीरंदाजी सेंटर में कोच मनजीत मलिक के पास प्रशिक्षण ले रही हैं।
मैं 9 साल से तीरंदाजी का प्रशिक्षण ले रही हूं। नेशनल चैंपियनशिप में 10 से ज्यादा पदक जीत चुकी हूं। 2016 में नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हालिस किया था। इस पर मुझे कैश अवाॅर्ड मिला तो मैंने धनुष खरीदा। अब सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना है। फिलहाल खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की तैयारी में जुटी हूं। - प्रीति, राष्ट्रीय खिलाड़ी
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परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। जब धनुष नहीं खरीद पाई तो पिता राजेश ने रिश्तेदार से रुपये उधार लेकर धनुष दिलाया। इसके बाद मेरा हौसला बढ़ गया। मैं सात साल से अभ्यास कर रही हूं। 2022 में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल किया था। कोच मनजीत मलिक ने काफी मोटिवेट किया। - रविना, राष्ट्रीय खिलाड़ी
उमरा में आठ साल से प्रशिक्षण ले रही हूं। 2024 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स में स्वर्ण पदक और 2022 यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया। पिता किसान हैं। अब मेरा सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना है। मैं रोजाना दो से तीन घंटे अभ्यास कर रही हूं। - अवनी, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
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शिलांग में होने वाले खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में अब उमरा गांव की बेटी प्रीति, रविना और अवनि निशाना लगाएंगी। प्रतियोगिता 20 से 25 फरवरी तक चलेगी। ये बेटियां जीजेयू की ओर से खेलेंगी। इन बेटियों ने राष्ट्रीय स्तर पर भी कई पदक हासिल किए हैं। सभी बेटियां उमरा के तीरंदाजी सेंटर में कोच मनजीत मलिक के पास प्रशिक्षण ले रही हैं।
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मैं 9 साल से तीरंदाजी का प्रशिक्षण ले रही हूं। नेशनल चैंपियनशिप में 10 से ज्यादा पदक जीत चुकी हूं। 2016 में नेशनल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हालिस किया था। इस पर मुझे कैश अवाॅर्ड मिला तो मैंने धनुष खरीदा। अब सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतना है। फिलहाल खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की तैयारी में जुटी हूं। - प्रीति, राष्ट्रीय खिलाड़ी
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परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। जब धनुष नहीं खरीद पाई तो पिता राजेश ने रिश्तेदार से रुपये उधार लेकर धनुष दिलाया। इसके बाद मेरा हौसला बढ़ गया। मैं सात साल से अभ्यास कर रही हूं। 2022 में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल किया था। कोच मनजीत मलिक ने काफी मोटिवेट किया। - रविना, राष्ट्रीय खिलाड़ी
उमरा में आठ साल से प्रशिक्षण ले रही हूं। 2024 में खेलो इंडिया यूथ गेम्स में स्वर्ण पदक और 2022 यूथ वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया। पिता किसान हैं। अब मेरा सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना है। मैं रोजाना दो से तीन घंटे अभ्यास कर रही हूं। - अवनी, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी