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दवा के अभाव में ब्लैक फंगस के 4 मरीजों की मौत, 10 नए मामले पहुंचे
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हिसार। मेडिकल कॉलेज में दवा के अभाव में शनिवार को ब्लैक फंगस संक्रमण (म्यूकरमाइकोसिस) के चार मरीजों की मौत हो गई। अब तक ब्लैक फंगस संक्रमित27 मरीजों की मौत हो चुकी है। वहीं, अस्पताल में ब्लैक फंगस संक्रमण के 10 नए मामले पहुंचे हैं। फिलहाल अस्पताल में ब्लैक फंगस के 77 मरीज उपचाराधीन हैं।
मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में शनिवार को ब्लैक फंगस संक्रमण के 13 मरीजों के ऑपरेशन हुए। इनमें से 6 मरीजों के नाक से फंगस निकाला। बाकी सात मरीजों की आंखों के ऑपरेशन किए। डॉक्टरों के मुताबिक ये मरीज देरी से अस्पताल आए थे। इनमें आंखों की तरफ फंगस का संक्रमण फैलना शुरू हो गया था। इसलिए चिकित्सकों ने आते ही बिना देरी किए इन मरीजों की आंखों में साइड से ऑपरेशन कर दवा डाल दी गई है। ऑपरेशन आंख रोग विभाग के एचओडी डॉ. प्रवीण रेवड़ी की टीम ने किए। सभी ऑपरेशन नई विधि से किए गए हैं। जिनमें कम से कम नसें काटी गई ।
दवा आना शुरू
ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए राहत की खबर है कि मेडिकल कॉलेज में म्यूकरमाइकोसिस इलाज में कारगर इंजेक्शन और दवा आनी शुरू हो गई है। मगर अभी शुरुआत में केवल मरीजों की मांग केे मुताबिक ही दवा मिल रही है। दवा का भंडारण नहीं किया जा सकेगा। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को वार्ड में दाखिल सभी मरीजों का डाटा, हिस्ट्री, किस मरीज की कितनी मांग है। उसे कितनी दवा देना जरूरी है। इस पर रिपोर्ट तैयार कर फाइल उच्च अधिकारियों को भेजी जाती है। इसक बाद दवा मिल पा रही हैै। वरना पहले अस्पताल में 5 से 6 दिनों का दवा का अतिरिक्त भंडारण रहता था। वार्ड में दाखिल मरीजों से बातचीत की तो बोले कि अच्छी बात है कि दवा आ गई है। हमने भी चिकित्सकों सेे ही सुना है, लेकिन अभी लगनी शुरू नहीं हुई है। अगर दवा आ गई है तो जल्द ही लग जाएगी।
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9 मरीजों में ऑपरेशन के बाद नहीं फैला संक्रमण
शनिवार को चिकित्सकों द्वारा 9 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेजा गया है। इन मरीजों में ऑपरेशन के बाद फंगस का संक्रमण खत्म हुआ है। यह भी राहत की बात है। इससे बाकी मरीजों में भी उम्मीद बढ़ी है कि ऑपरेशन के बाद फंगस के संक्रमण से जल्द ठीक हो सकेंगे।
अब तक इस तरह के मामले आए सामने
अब तक मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस संक्रमण के 133 मामले आ चुके हैं। इनमें 105 मरीज ऐसे थे, जिनमें कुछ में पहले कोरोना का संक्रमण आ चुका था और कुछ में अभी कोरोना का संक्रमण है। इनमें 90 मरीज ऐसे भी है, जिन्होंने पल्स थेरेपी और स्टेरॉयड इस्तेमाल किया है। शुगर से ग्रस्त हैं।
डॉ. अनूप को बनाया मीडिया प्रभारी
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने म्यूकरमाइकोसिस संबंधित जानकारी देने के लिए मीडिया से रूबरू होने और जानकारी देने के लिए दंत रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. अनूप ग्रोवर को मीडिया प्रभारी के तौर पर नियुक्त किया गया है।
दवा मिलनी शुरू हो गई
अब हमें दवा मिलनी शुरू हो गई है। मरीजों की मांग के अनुसार रिपोर्ट भेजी जाती है। उसी अनुसार दवा आती है। शनिवार को म्यूकरमाइकोसिस के 13 मरीजों के ऑपरेशन किए गए हैं, जिनमें 7 ऑपरेशन आंखों के हुए हैं। बाकी ईएनटी विभाग की ओर से हुए हैं।
- डॉ. अनूप ग्रोवर, प्रोफेसर, दंत रोग विभाग, मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा।
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मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में शनिवार को ब्लैक फंगस संक्रमण के 13 मरीजों के ऑपरेशन हुए। इनमें से 6 मरीजों के नाक से फंगस निकाला। बाकी सात मरीजों की आंखों के ऑपरेशन किए। डॉक्टरों के मुताबिक ये मरीज देरी से अस्पताल आए थे। इनमें आंखों की तरफ फंगस का संक्रमण फैलना शुरू हो गया था। इसलिए चिकित्सकों ने आते ही बिना देरी किए इन मरीजों की आंखों में साइड से ऑपरेशन कर दवा डाल दी गई है। ऑपरेशन आंख रोग विभाग के एचओडी डॉ. प्रवीण रेवड़ी की टीम ने किए। सभी ऑपरेशन नई विधि से किए गए हैं। जिनमें कम से कम नसें काटी गई ।
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दवा आना शुरू
ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए राहत की खबर है कि मेडिकल कॉलेज में म्यूकरमाइकोसिस इलाज में कारगर इंजेक्शन और दवा आनी शुरू हो गई है। मगर अभी शुरुआत में केवल मरीजों की मांग केे मुताबिक ही दवा मिल रही है। दवा का भंडारण नहीं किया जा सकेगा। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को वार्ड में दाखिल सभी मरीजों का डाटा, हिस्ट्री, किस मरीज की कितनी मांग है। उसे कितनी दवा देना जरूरी है। इस पर रिपोर्ट तैयार कर फाइल उच्च अधिकारियों को भेजी जाती है। इसक बाद दवा मिल पा रही हैै। वरना पहले अस्पताल में 5 से 6 दिनों का दवा का अतिरिक्त भंडारण रहता था। वार्ड में दाखिल मरीजों से बातचीत की तो बोले कि अच्छी बात है कि दवा आ गई है। हमने भी चिकित्सकों सेे ही सुना है, लेकिन अभी लगनी शुरू नहीं हुई है। अगर दवा आ गई है तो जल्द ही लग जाएगी।
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9 मरीजों में ऑपरेशन के बाद नहीं फैला संक्रमण
शनिवार को चिकित्सकों द्वारा 9 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेजा गया है। इन मरीजों में ऑपरेशन के बाद फंगस का संक्रमण खत्म हुआ है। यह भी राहत की बात है। इससे बाकी मरीजों में भी उम्मीद बढ़ी है कि ऑपरेशन के बाद फंगस के संक्रमण से जल्द ठीक हो सकेंगे।
अब तक इस तरह के मामले आए सामने
अब तक मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस संक्रमण के 133 मामले आ चुके हैं। इनमें 105 मरीज ऐसे थे, जिनमें कुछ में पहले कोरोना का संक्रमण आ चुका था और कुछ में अभी कोरोना का संक्रमण है। इनमें 90 मरीज ऐसे भी है, जिन्होंने पल्स थेरेपी और स्टेरॉयड इस्तेमाल किया है। शुगर से ग्रस्त हैं।
डॉ. अनूप को बनाया मीडिया प्रभारी
मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने म्यूकरमाइकोसिस संबंधित जानकारी देने के लिए मीडिया से रूबरू होने और जानकारी देने के लिए दंत रोग विभाग के प्रोफेसर डॉ. अनूप ग्रोवर को मीडिया प्रभारी के तौर पर नियुक्त किया गया है।
दवा मिलनी शुरू हो गई
अब हमें दवा मिलनी शुरू हो गई है। मरीजों की मांग के अनुसार रिपोर्ट भेजी जाती है। उसी अनुसार दवा आती है। शनिवार को म्यूकरमाइकोसिस के 13 मरीजों के ऑपरेशन किए गए हैं, जिनमें 7 ऑपरेशन आंखों के हुए हैं। बाकी ईएनटी विभाग की ओर से हुए हैं।
- डॉ. अनूप ग्रोवर, प्रोफेसर, दंत रोग विभाग, मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा।