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Hisar News: बीएड कॉलेज संचालक ने ट्रेन के आगे कूद की आत्महत्या

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 22 Feb 2024 12:13 AM IST
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B.Ed college director commits suicide by jumping in front of a train
हिसार। लार्ड कृष्णा बीएड कॉलेज के संचालक 37 वर्षीय सुभाष चंद्र ने बुधवार सुबह रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर ट्रेन के सामने कूद कर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर राजकीय रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक से बरामद कागजात के आधार पर उसकी पहचान की। इसके बाद नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान पर इत्तफाकिया कार्रवाई की है। अभी तक मौत के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है।
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राजकीय रेलवे पुलिस ने बताया कि सुभाष चंद्र आजाद नगर स्थित आदर्श कॉलोनी में परिवार के साथ रहता था। सिवानी बोलान के बीएड कॉलेज लार्ड कृष्णा में उनकी हिस्सेदारी थी। बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे वह 9 वर्षीय बेटे को बाइक पर बैठाकर घर से स्कूल जाने वाली बस में छोड़ने की बात कह कर घर से निकला था। इसके बाद वह घर जाने के बजाय रेेलवे स्टेशन पर पहुंच गया। पार्किंग में बाइक खड़ी की और करीब साढ़े 9 बजे चूरू जाने वाली ट्रेन के सामने कूद अपनी जान दे दी।
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मृतक के चचेरे भाई सुनील ने बताया क सुबह दस बजे राजकीय रेलवे पुलिस से सूचना मिली कि सुभाषचंद्र ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर ट्रेन के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली। सुभाष के आत्महत्या के कारणों के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है। परिजनों ने बताया कि किसी प्रकार की दिक्कत नहीं थी। सुभाषचंद्र की पत्नी सीमा नलवा राजकीय महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। उनके पिता वन विभाग से सेवानिवृत्त हैं।
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परिवार के साथ खुल कर करें बात
लोगों में सहनशक्ति लगातार कम हो रही है। आत्महत्या करने के पीछे कई कारण होते हैं। मुख्य तौर पर सबसे बड़ा कारण तनाव है। कई बार परिवार का माहौल ऐसा बन जाता है कि व्यक्ति पर तनाव अधिक हो जाता है। वह परिवार के सदस्यों के साथ उसे साझा नहीं करता। गुमशुम रहने लगता है। उसकी गतिविधियां भी बदल जाती है। ऐसे लक्षण दिखाई दें तो उसे काउंसिलिंग दिलानी चाहिए। कई बार सामाजिक व्यक्ति के सामने बड़ी मुसीबत आती है तो वह उसे सहन नहीं कर पाता। अपने परिवार के साथ खुल कर बात करनी चाहिए। कोई समस्या आए तो उसे साझा करने से समाधान निकल जाता है। - डॉ. प्रशांत कुमार, मनोचिकित्सक, नागरिक अस्पताल, हिसार
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