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Hisar News: फर्जी रजिस्ट्री से 73 लाख रुपये का बैंक लोन, 7 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज, जमीन हड़पने का आरोप
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हिसार। अर्बन एस्टेट थाना पुलिस ने जमीन हड़पने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और बैंक से धोखाधड़ी कर 73 लाख रुपये का लोन लेने के आरोप में सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप है कि आरोपियों ने मिलीभगत कर शिकायतकर्ता की जमीन को अपने पुराने मकान के साथ मिलाकर नगर निगम रिकॉर्ड में दर्ज कराया और फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर पंजाब नेशनल बैंक से लोन ले लिया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार की जांच रिपोर्ट के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। लतीश कुमार अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि वह खसरा नंबर 5962/2 के हिस्सेदार हैं। यह भूमि गैर-मुमकिन है और रेलवे लाइन से सटी हुई है।
वर्ष 2023 में जसवंत, अजमेर और हरदीप की पत्नी सुनीता ने उन्हें अपनी जमीन पर जाने से रोकते हुए जान-माल के नुकसान की धमकी दी। आरोपियों ने जमीन के कुछ हिस्से पर जबरन निर्माण भी शुरू कर दिया। तहसीलदार की निशानदेही में जसवंत और अजमेर का अतिक्रमण पाया गया।
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फर्जीवाड़े का तरीका
शिकायत के अनुसार आरोपियों ने अजमेर के नाम नगर निगम में एक प्रॉपर्टी आईडी बनवाई, जिसे बाद में नया प्रॉपर्टी आईडी नंबर 1DDC2VJ9 दिया गया। इसके बाद पुराने मकान और शिकायतकर्ता की खाली जमीन को मिलाकर कुल 261 वर्ग गज भूमि हरदीप के नाम निगम रिकॉर्ड में दर्ज करा ली गई। 26 अप्रैल 2023 को रजिस्ट्री डीड नंबर 678 तैयार की गई। इसमें हरदीप द्वारा कमलजीत को मकान बेचने का उल्लेख था। रजिस्ट्री में खसरा नंबर 5960/1/4/1/2/2 दर्ज था, जबकि इसमें शिकायतकर्ता की खसरा नंबर 5962/2 की जमीन भी शामिल थी। निशानदेही के दौरान भी जसवंत और अजमेर ने लतीश को धमकाया।
दूसरी रजिस्ट्री के आधार पर लिया 73 लाख का लोन
आरोपियों ने कथित फर्जीवाड़े को छिपाने के लिए रजिस्ट्री डीड नंबर 2456 तैयार की। यह रजिस्ट्री 3 जून 2024 को कमलजीत ने सुशील के नाम करवाई। इसी रजिस्ट्री के आधार पर सुशील ने पंजाब नेशनल बैंक से 73 लाख रुपये का लोन लिया। बैंक के दस्तावेजों में भी शिकायतकर्ता की जमीन को शामिल किया गया था। जांच में सामने आया कि रजिस्ट्री में दर्ज 261 वर्ग गज का रकबा शिकायतकर्ता की जमीन को शामिल किए बिना पूरा नहीं होता।
जांच के बाद सात पर प्राथमिकी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार की जांच में शिकायतकर्ता की जमीन हड़पने की पुष्टि हुई। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने गलत प्रॉपर्टी आईडी तैयार कर दस्तावेजों में हेरफेर किया और जमीन को बैंक के पास गिरवी रखकर लोन हासिल किया। जांच अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि जसवंत, अजमेर, हरदीप, कमलजीत, सुरेश, सुशील और अनूप के खिलाफ धारा 447, 420, 423, 467, 468, 471, 120बी और 506 आईपीसी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार की जांच रिपोर्ट के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की है। लतीश कुमार अग्रवाल ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि वह खसरा नंबर 5962/2 के हिस्सेदार हैं। यह भूमि गैर-मुमकिन है और रेलवे लाइन से सटी हुई है।
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वर्ष 2023 में जसवंत, अजमेर और हरदीप की पत्नी सुनीता ने उन्हें अपनी जमीन पर जाने से रोकते हुए जान-माल के नुकसान की धमकी दी। आरोपियों ने जमीन के कुछ हिस्से पर जबरन निर्माण भी शुरू कर दिया। तहसीलदार की निशानदेही में जसवंत और अजमेर का अतिक्रमण पाया गया।
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फर्जीवाड़े का तरीका
शिकायत के अनुसार आरोपियों ने अजमेर के नाम नगर निगम में एक प्रॉपर्टी आईडी बनवाई, जिसे बाद में नया प्रॉपर्टी आईडी नंबर 1DDC2VJ9 दिया गया। इसके बाद पुराने मकान और शिकायतकर्ता की खाली जमीन को मिलाकर कुल 261 वर्ग गज भूमि हरदीप के नाम निगम रिकॉर्ड में दर्ज करा ली गई। 26 अप्रैल 2023 को रजिस्ट्री डीड नंबर 678 तैयार की गई। इसमें हरदीप द्वारा कमलजीत को मकान बेचने का उल्लेख था। रजिस्ट्री में खसरा नंबर 5960/1/4/1/2/2 दर्ज था, जबकि इसमें शिकायतकर्ता की खसरा नंबर 5962/2 की जमीन भी शामिल थी। निशानदेही के दौरान भी जसवंत और अजमेर ने लतीश को धमकाया।
दूसरी रजिस्ट्री के आधार पर लिया 73 लाख का लोन
आरोपियों ने कथित फर्जीवाड़े को छिपाने के लिए रजिस्ट्री डीड नंबर 2456 तैयार की। यह रजिस्ट्री 3 जून 2024 को कमलजीत ने सुशील के नाम करवाई। इसी रजिस्ट्री के आधार पर सुशील ने पंजाब नेशनल बैंक से 73 लाख रुपये का लोन लिया। बैंक के दस्तावेजों में भी शिकायतकर्ता की जमीन को शामिल किया गया था। जांच में सामने आया कि रजिस्ट्री में दर्ज 261 वर्ग गज का रकबा शिकायतकर्ता की जमीन को शामिल किए बिना पूरा नहीं होता।
जांच के बाद सात पर प्राथमिकी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार की जांच में शिकायतकर्ता की जमीन हड़पने की पुष्टि हुई। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने गलत प्रॉपर्टी आईडी तैयार कर दस्तावेजों में हेरफेर किया और जमीन को बैंक के पास गिरवी रखकर लोन हासिल किया। जांच अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि जसवंत, अजमेर, हरदीप, कमलजीत, सुरेश, सुशील और अनूप के खिलाफ धारा 447, 420, 423, 467, 468, 471, 120बी और 506 आईपीसी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।