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अपनी जमीन बचाने के लिए भाजयुमो जिला अध्यक्ष पहुंचे कोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Tue, 27 Dec 2016 12:32 AM IST
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सिंचाई विभाग के कच्चे नाले को पक्का करने के प्रोजेक्ट को भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अरुणदत्त शर्मा ने अदालत में चुनौती दी है। इस मामले में सिंचाई विभाग के एक्सईन, एससी तथा स्टेट हरियाणा को पार्टी बनाया है, जिसमें तीनों को नोटिस जारी करते हुए 28 को स्टे के लिए तारीख लगाई है।
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बालसमंद निवासी अरुणदत्त शर्मा ने सिविल जज इंदुबाला की अदालत में केस दायर किया है। जिसमें उन्होंने कहा कि हमारी जमीन से खेत से खाला पक्का किया जा चुका है। हमने भाईचारे में एक कच्चा खोल ओर छोड़ रखा है। सिंचाई विभाग के कुछ अधिकारी एक षडयंत्र के तहत इसे पक्का कराने का प्रयास कर रहे हैं। नियम के हिसाब से इस कच्चे खाले को पक्का नहीं किया जा सकता। बाराबंदी में यह खाला नहीं है। रिकार्ड में यह खाला नहीं है। रिमोडलिंग के आए पैसे से इसे पक्का किया जा रहा है। नियम के हिसाब से रिमोडलिंग पक्के खाले की ही हो सकती है। ऐसे में सिंचाई विभाग के अधिकारी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। सिंचाई विभाग को इस खाल को पक्का करने से तुरंत रोका जाए। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने जान बूझकर यह समय चुना कि अदालत में सर्द अवकाश होने के कारण इसमें सुनवाई न हो सके।
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भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष अरुणदत्त शर्मा ने इस मामले में सिंचाई विभाग के एक्सईन, सिंचाई विभाग के एससी तथा डीसी के जरिए स्टेट हरियाणा को पार्टी बनाया है। अरुणदत्त ने इस मामले में स्टे ऑर्डर मांगा है। अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए 28 दिसंबर की तारीख तय की है। साथ ही अदालत की ओर से तीनों को नोटिस जारी किया गया है।
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सात दिन की इमरजेंसी से भी छूट
सरकारी विभागों को पार्टी बनाने के लिए सात दिन का नोटिस देना पड़ता है। अगर मामला ज्यादा अर्जेंट हो तो जज इससे छूट प्रदान कर सकते हैं। एडवोकेट योगेश सिहाग ने कहा कि विभाग की ओर से मौके पर ईंट व कंकरीट का सामान डाला जा चुका है। अगर एक सप्ताह का समय दिया गया तो तब तक वहां खाल पक्का हो जाएगा तब केस का मतलब नहीं हो रह जाएगा। जज ने सात दिन की इमरजेंसी से छूट दे दी।
सिंचाई विभाग की ओर से गलत तरीके से यह काम कराया जा रहा था। इस कारण स्टे के लिए अदालत में केस दायर किया है। कुछ अधिकारी यह गलत काम कर रहे हैं। मेरे पास पुख्ता सबूत हैं। जिन्हें हम अदालत में पेश करेंगे।
- अरुणदत्त शर्मा, याचिकाकर्ता
अरुणदत्त शर्मा के एडवोकेट के तौर पर मैंने केस दायर किया है। जिसमें तीनों पार्टी को नोटिस जारी हो गए हैं। इस मामले में स्टे के लिए 28 दिसंबर को सुनवाई होगी।
- योगेश सिहाग, एडवोकेट, हिसार