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Hisar News: अंगद ने तोड़ा मदहोशी में चूर रावण का गुरूर, सिवानी में श्रीराम नाटक क्लब की रामलीला में गूंजा जय श्रीराम का जयघोष
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रामलीला के मंच पर लंका के दरबार में पांव जमाए खड़े अंगद।
सिवानी मंडी। श्रीराम नाटक क्लब, सिवानी की ओर से आयोजित रामलीला में अंगद-रावण संवाद और लक्ष्मण मूर्छा का सजीव मंचन किया गया। वहीं, रावण के दरबार में अंगद ने अपना पैर जमा कर चुनौती दी, जिसे कोई भी हिला नहीं सका। जब रावण स्वयं आगे आया तो अंगद ने कहा मेरे नहीं, प्रभु श्रीराम के चरण पकड़ो, तुम्हारा कल्याण होगा। मंचन के दौरान देर रात तक जय श्रीराम के उद्घोष गूंजते रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ युवा उद्योगपति सुरेश भानगढ़िया, श्याम मित्र मंडल के प्रधान सत्यनारायण सिंघल और समाजसेवी अनिल खारिया ने किया।क्लब सचिव नरसी प्रजापत ने बताया कि मंचन की शुरुआत श्रीराम द्वारा रामेश्वर धाम की स्थापना और सेतु निर्माण से हुई। इसके बाद विभीषण की श्रीराम शरणागति, अंगद का शांतिदूत रूप में रावण दरबार में प्रवेश, और उसका प्रभावशाली संवाद प्रस्तुत किया गया। इसके बाद लक्ष्मण और मेघनाद के युद्ध का मंचन हुआ, जिसमें शक्ति बाण से लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। वैद्यराज सुषेन द्वारा संजीवनी बूटी मंगवाने की सलाह पर हनुमान के प्रस्थान का दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों में रोमांच भर दिया।
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पवन मोटू वर्ष 1997 से बखूबी निभा रहे अंगद का किरदार
रामलीला मंचन का आकर्षण अंगद का संवाद रहा, जिसे राम नाटक क्लब के प्रधान पवन मोटू ने निभाया। इसे खूब सराहा गया। वे 1997 से लगातार अंगद की भूमिका अदा कर रहे हैं। इस दौरान वे 24 घंटे का मौन व्रत रखते हैं और मंच पर आकर प्रभु श्रीराम व अपनी मां स्व. शकुंतला देवी को स्मरण कर मौन तोड़ा। मंच पर उनका संवाद और अभिनय दर्शकों के हृदय में अमिट छाप छोड़ गया।
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कार्यक्रम का शुभारंभ युवा उद्योगपति सुरेश भानगढ़िया, श्याम मित्र मंडल के प्रधान सत्यनारायण सिंघल और समाजसेवी अनिल खारिया ने किया।क्लब सचिव नरसी प्रजापत ने बताया कि मंचन की शुरुआत श्रीराम द्वारा रामेश्वर धाम की स्थापना और सेतु निर्माण से हुई। इसके बाद विभीषण की श्रीराम शरणागति, अंगद का शांतिदूत रूप में रावण दरबार में प्रवेश, और उसका प्रभावशाली संवाद प्रस्तुत किया गया। इसके बाद लक्ष्मण और मेघनाद के युद्ध का मंचन हुआ, जिसमें शक्ति बाण से लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। वैद्यराज सुषेन द्वारा संजीवनी बूटी मंगवाने की सलाह पर हनुमान के प्रस्थान का दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों में रोमांच भर दिया।
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पवन मोटू वर्ष 1997 से बखूबी निभा रहे अंगद का किरदार
रामलीला मंचन का आकर्षण अंगद का संवाद रहा, जिसे राम नाटक क्लब के प्रधान पवन मोटू ने निभाया। इसे खूब सराहा गया। वे 1997 से लगातार अंगद की भूमिका अदा कर रहे हैं। इस दौरान वे 24 घंटे का मौन व्रत रखते हैं और मंच पर आकर प्रभु श्रीराम व अपनी मां स्व. शकुंतला देवी को स्मरण कर मौन तोड़ा। मंच पर उनका संवाद और अभिनय दर्शकों के हृदय में अमिट छाप छोड़ गया।
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