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Hisar News: दूध-दही खानपान के प्रदेश में 57.8 फीसदी लोगों में खून की कमी
Mon, 19 Jun 2023 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Mon, 19 Jun 2023 11:24 PM IST
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फतेहाबाद में स्वास्थ्य केंद्र पर बच्चे में खून की जांच करते हुए स्वास्थ्यकर्मी
मुकेश खुराना
फतेहाबाद। प्रदेश की पहचान दूध-दही के खानपान से है। इसके बावजूद यहां के लोगों में खून की कमी है। बच्चे और महिलाएं सबसे ज्यादा एनीमिया के शिकार हो रहे हैं। इसका खुलासा प्रदेश में लगाए गए तीन कैंपों में जांच के दौरान हुआ है। प्रदेश में 11 लाख 77 हजार 515 लोगों में खून जांच की गई। इसमें से 6 लाख 73 हजार लोगों में खून की कमी है। ये कैंप पिछले साल मई और नवंबर और इस साल फरवरी माह में लगाया गए थे।
अब स्वास्थ्य विभाग प्रदेश को एनीमिया मुक्त करने के लिए एक बार फिर से एनीमिया मुक्त अभियान शुरू करने जा रहा है। ये अभियान आज से शुरू हो गया है और 25 जून तक चलाया जाएगा। इस अभियान को टी थ्री नाम दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग अभियान में स्पेशल कैटेगरी के लोगों के टेस्ट करेगा, उपचार देगा और उन्हें जागरूक करेगा। ये अभियान जिला नागरिक अस्पताल, उप नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चलेगा। संवाद
जांच के दौरान इन लोगों में मिली खून की कमी
खून की जांच की गई - 1177515
एनीमिया के शिकार मिले - 673828
उपचार शुरू किया गया - 363557
रेफर किए गए - 105433
जिले में तीन कैंपों में इन लोगों के खून की हुई जांच
माह खून जांच की गई
मई 2022 4526
नवंबर 2022 25319
फरवरी 2023 21879
-- -- -- --
इन कैटेगरी की होगी खून की जांच
6 से 59 माह के बच्चे
5 से 9 साल के बच्चे
10 से 19 साल तक के किशोर
बिना गर्भवती 20 से 49 साल की महिलाएं
गर्भवती महिलाएं
स्तनपान करवाने वाली महिलाएं
फ्रंटलाइन वर्कर
-- -- --
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एनीमिया मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। अभियान सोमवार से शुरू हो गया है। इस दौरान चयनित कैटेगरी के लोगों में खून की जांच की जा रही है। इसके अलावा ओपीडी में आने वाले मरीजों और फ्रंटलाइन वर्कर की भी जांच होगी।
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- डॉ. हमेश बंसल, उप सिविल सर्जन
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फतेहाबाद। प्रदेश की पहचान दूध-दही के खानपान से है। इसके बावजूद यहां के लोगों में खून की कमी है। बच्चे और महिलाएं सबसे ज्यादा एनीमिया के शिकार हो रहे हैं। इसका खुलासा प्रदेश में लगाए गए तीन कैंपों में जांच के दौरान हुआ है। प्रदेश में 11 लाख 77 हजार 515 लोगों में खून जांच की गई। इसमें से 6 लाख 73 हजार लोगों में खून की कमी है। ये कैंप पिछले साल मई और नवंबर और इस साल फरवरी माह में लगाया गए थे।
अब स्वास्थ्य विभाग प्रदेश को एनीमिया मुक्त करने के लिए एक बार फिर से एनीमिया मुक्त अभियान शुरू करने जा रहा है। ये अभियान आज से शुरू हो गया है और 25 जून तक चलाया जाएगा। इस अभियान को टी थ्री नाम दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग अभियान में स्पेशल कैटेगरी के लोगों के टेस्ट करेगा, उपचार देगा और उन्हें जागरूक करेगा। ये अभियान जिला नागरिक अस्पताल, उप नागरिक अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चलेगा। संवाद
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जांच के दौरान इन लोगों में मिली खून की कमी
खून की जांच की गई - 1177515
एनीमिया के शिकार मिले - 673828
उपचार शुरू किया गया - 363557
रेफर किए गए - 105433
जिले में तीन कैंपों में इन लोगों के खून की हुई जांच
माह खून जांच की गई
मई 2022 4526
नवंबर 2022 25319
फरवरी 2023 21879
इन कैटेगरी की होगी खून की जांच
6 से 59 माह के बच्चे
5 से 9 साल के बच्चे
10 से 19 साल तक के किशोर
बिना गर्भवती 20 से 49 साल की महिलाएं
गर्भवती महिलाएं
स्तनपान करवाने वाली महिलाएं
फ्रंटलाइन वर्कर
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एनीमिया मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। अभियान सोमवार से शुरू हो गया है। इस दौरान चयनित कैटेगरी के लोगों में खून की जांच की जा रही है। इसके अलावा ओपीडी में आने वाले मरीजों और फ्रंटलाइन वर्कर की भी जांच होगी।
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- डॉ. हमेश बंसल, उप सिविल सर्जन