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Hisar News: आठ साल से अधूरी अमृत की धारा, बदहाल गलियों में परेशान सातरोड के लोग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 11:23 PM IST
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'Amrit' scheme work incomplete for eight years; residents of Satrod distressed by dilapidated streets.
गांव सातरोड़ में गली में सीवरेज का अधूरा व टूटा मेनहोल।
हिसार। नगर निगम के वार्ड 10 और 11 के अंतर्गत आने वाले गांव सातरोड में वर्ष 2018 में शुरू की गई अमृत योजना आठ साल बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। सीवरेज और पेयजल लाइन बिछाने के बाद गलियों का निर्माण होना था लेकिन आज भी कई गलियां उखड़ी हुई हैं। जगह-जगह सीवरेज और पेयजल लाइन में लीकेज है जबकि कई स्थानों पर मैनहोल अधूरे पड़े हैं। बरसात के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं तथा लोगों का आवागमन मुश्किल हो जाता है।
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अमृत योजना के तहत गांव सातरोड में करीब 35 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन बिछाई जानी थी। इसके लिए अक्तूबर 2018 में एक एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी किया गया था और मार्च 2020 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। हालांकि एजेंसी तय समय में काम पूरा नहीं कर सकी। इसके बाद नगर निगम ने क्लॉज-3 लगाकर टेंडर रद्द कर दिया और नया टेंडर जारी किया।
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नए टेंडर के तहत करीब 12 किलोमीटर लंबी लाइन बिछाने का कार्य 19.32 करोड रुपये की लागत से किया जाना था, जिसे एक वर्ष में पूरा करना था। वर्ष 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सातरोड दौरे के दौरान छह माह में कार्य पूरा करने के निर्देश भी दिए थे। अब सीवरेज और पेयजल लाइन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन कई स्थानों पर मैनहोल अधूरे हैं और सड़क निर्माण अब भी लंबित है। ग्रामीणों का कहना है कि नगर निगम में शामिल होने के बाद से गांव में सड़क निर्माण नहीं हुआ।
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आठ साल से हम इस समस्या को झेल रहे हैं। ठेकेदार गलियों को उखाड़कर छोड़ गया। पाइपलाइन में लगातार लीकेज होती है, लेकिन रखरखाव नहीं हो रहा। कुछ लोग सीवरेज में कचरा भी डाल रहे हैं। छह-सात साल से काम चल रहा है, अब कुछ क्षेत्रों में दोबारा काम शुरू हुआ है।
- विक्की।
सीवर के मैनहोल अक्सर उफनते रहते हैं। 15-20 दिन पहले हमारी गली को फिर से उखाड़ दिया गया। गंदा पानी भरने से घर तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही।
- राजेश।
करीब एक माह पहले गली को खोदकर छोड़ दिया गया। सीवरेज लाइन में जगह-जगह लीकेज है। मेरे घर के सामने सीवर का पानी रिस रहा है, जिससे घर में सीलन आ गई है। गली में पानी भरने से ग्राहक भी दुकान तक नहीं पहुंच पाते।
- रमेश।
करीब डेढ़ माह से मैनहोल का ढक्कन और उससे जुड़ा कार्य अधूरा पड़ा है। इससे हर समय हादसे का डर बना रहता है। जगह-जगह गलियां खोदकर छोड़ दी गई हैं और महीनों तक कोई देखने नहीं आता।

- राधेश्याम पोपली।
पिछले कई वर्षों से पेयजल लाइन बिछाने का कार्य चल रहा था। अब सीवरेज और पेयजल लाइन का काम पूरा हो चुका है, लेकिन सड़क निर्माण अब भी लंबित है। करीब दो वर्ष पहले सीवरेज लाइन का आंशिक कार्य हुआ था, तभी से लीकेज की समस्या बनी हुई है।
- देवेंद्र।
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