{"_id":"655e3794bdd8d441680a0b36","slug":"amrit-2-again-gets-green-signal-public-health-department-seeks-permission-from-consultant-for-survey-hisar-news-c-21-hsr1005-264984-2023-11-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: अमृत-2 को फिर मिली हरी झंडी, जनस्वास्थ्य विभाग ने सर्वे के लिए सलाहकार की मांगी अनुमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: अमृत-2 को फिर मिली हरी झंडी, जनस्वास्थ्य विभाग ने सर्वे के लिए सलाहकार की मांगी अनुमति
विज्ञापन
हिसार।
अमृत टू योजना को सरकार ने फिर से हरी झंडी दे दी है। साथ ही जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पेयजल व सीवर लाइन की डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अधिकारियों ने सर्वे के लिए सलाहकार नियुक्त करने को लेकर 10-10 लाख रुपये के दो एस्टीमेट मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजे हैं। अधिकारियों की मानें तो इन एस्टीमेट को मंजूरी मिलने के बाद सलाहकार नियुक्त करने के लिए टेंडर लगाया जाएगा। उक्त सलाहकार के सर्वे के आधार पर डीपीआर तैयार की जाएगी।
बता दें कि वर्ष 2022 में अमृत टू योजना के तहत जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को डीपीआर तैयार करने के आदेश दिए गए थे। अधिकारियों ने डीपीआर तैयार करने को लेकर कार्रवाई शुरू भी कर दी थी। मगर कुछ समय पहले विभाग को बताया कि सरकार ने इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। अब अधिकारी स्थानीय स्तर पर ही टेंडर करवाकर पेयजल व सीवर लाइन के नए कार्य करवाएं। मगर अब अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अमृत टू के तहत ही नए कार्य करवाए जाएंगे तो उसी के अनुसार प्लानिंग तैयार करें।
दो सलाहकार किए जाएंगे नियुक्त
अधिकारियों के मुताबिक उनकी तरफ से दो सलाहकार नियुक्त किए जाएंगे। एक सलाहकार पाइप और दूसरा सलाहकार वाटर वर्क्स व बूस्टिंग स्टेशन निर्माण को लेकर सर्वे करेगा। अधिकारियों ने बताया कि पहले अमृत टू के तहत पूरे जिले की एक डीपीआर तैयार करने को कहा गया था, जबकि अब एक शहर की ही डीपीआर बनाने के निर्देश मिले हैं।
विज्ञापन
अमृत वन के शेष काम पर संकट के बादल
उधर शहर में अमृत एक के तहत पेजयल लाइन बिछाने का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। हालांकि निगम की तरफ से इसे लेकर तीसरा बार टेंडर लगाया गया है। सूत्रों की मानें तो सरकार का कहना है कि 31 मार्च 2024 तक ही अमृत एक के तहत कराए गए कार्य का भुगतान किया जाएगा, जबकि अभी तक निगम की तरफ से बचे हुए कार्य को शुरू ही नहीं करवाया गया है। इस कारण से जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी दिक्कत आ रही है। वह असमंजस की स्थिति में है कि जिन क्षेत्रों में अमृत एक के तहत कार्य पूरा नहीं हो सका है, उन एरिया को अमृत टू में शामिल करें या नहीं।
अमृत टू के तहत पेयजल लाइन को लेकर डीपीआर तैयार की जाएगी। फिलहाल सलाहकार नियुक्त करने के लिए एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेजे हैं।
- कंवरपाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
अमृत टू योजना को सरकार ने फिर से हरी झंडी दे दी है। साथ ही जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पेयजल व सीवर लाइन की डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अधिकारियों ने सर्वे के लिए सलाहकार नियुक्त करने को लेकर 10-10 लाख रुपये के दो एस्टीमेट मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजे हैं। अधिकारियों की मानें तो इन एस्टीमेट को मंजूरी मिलने के बाद सलाहकार नियुक्त करने के लिए टेंडर लगाया जाएगा। उक्त सलाहकार के सर्वे के आधार पर डीपीआर तैयार की जाएगी।
बता दें कि वर्ष 2022 में अमृत टू योजना के तहत जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को डीपीआर तैयार करने के आदेश दिए गए थे। अधिकारियों ने डीपीआर तैयार करने को लेकर कार्रवाई शुरू भी कर दी थी। मगर कुछ समय पहले विभाग को बताया कि सरकार ने इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। अब अधिकारी स्थानीय स्तर पर ही टेंडर करवाकर पेयजल व सीवर लाइन के नए कार्य करवाएं। मगर अब अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अमृत टू के तहत ही नए कार्य करवाए जाएंगे तो उसी के अनुसार प्लानिंग तैयार करें।
विज्ञापन
दो सलाहकार किए जाएंगे नियुक्त
अधिकारियों के मुताबिक उनकी तरफ से दो सलाहकार नियुक्त किए जाएंगे। एक सलाहकार पाइप और दूसरा सलाहकार वाटर वर्क्स व बूस्टिंग स्टेशन निर्माण को लेकर सर्वे करेगा। अधिकारियों ने बताया कि पहले अमृत टू के तहत पूरे जिले की एक डीपीआर तैयार करने को कहा गया था, जबकि अब एक शहर की ही डीपीआर बनाने के निर्देश मिले हैं।
विज्ञापन
अमृत वन के शेष काम पर संकट के बादल
उधर शहर में अमृत एक के तहत पेजयल लाइन बिछाने का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। हालांकि निगम की तरफ से इसे लेकर तीसरा बार टेंडर लगाया गया है। सूत्रों की मानें तो सरकार का कहना है कि 31 मार्च 2024 तक ही अमृत एक के तहत कराए गए कार्य का भुगतान किया जाएगा, जबकि अभी तक निगम की तरफ से बचे हुए कार्य को शुरू ही नहीं करवाया गया है। इस कारण से जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी दिक्कत आ रही है। वह असमंजस की स्थिति में है कि जिन क्षेत्रों में अमृत एक के तहत कार्य पूरा नहीं हो सका है, उन एरिया को अमृत टू में शामिल करें या नहीं।
अमृत टू के तहत पेयजल लाइन को लेकर डीपीआर तैयार की जाएगी। फिलहाल सलाहकार नियुक्त करने के लिए एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय भेजे हैं।
- कंवरपाल, एसडीओ, जनस्वास्थ्य विभाग