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40 दिन में 20 हजार किसानों के खेतों की मिट्टी जांचेगा कृषि विभाग
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
Updated Tue, 27 Oct 2015 01:24 AM IST
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अगले 40 दिनों में कृषि विभाग 20 हजार किसानों के खेतों की मिट्टी जांचेगा। एडीओ, पटवारी और पंचायत सचिव सहित तीन अधिकारियों की टीम खेतों से मिट्टी के सैंपल लेगी।
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सभी सैंपल जांचने के बाद 5 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय मृदा स्वास्थ्य दिवस (इंटरनेशनल सॉयल हेल्थ-डे) पर सॉयल हेल्थ कार्ड बांटे जाएंगे। विभाग को करीब 30 हजार किसानों के खेतों के सैंपल जांच का लक्ष्य मिला है, जिसमें से करीब 10 हजार सैंपल ले लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए लैब में भेज दिया गया है।
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पटवारी बताएगा किला नंबर, एडीओ भरेगा सैंपल
तीन अधिकारियों की टीम में शामिल पटवारी मरबा और किला नंबर बताएगा। इसके बाद कृषि विकास अधिकारी (एडीओ) सैंपल भरेंगे और फिर पंचायत सचिव जमाबंदी करेगा।
इसके बाद खेतों से लिए गए सैंपल की जांच कृषि विभाग की हांसी स्थित लैब तथा एचएयू की हिसार स्थित लैब में की जाएगी। इन सभी सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद उसी के अनुसार किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड वितरित किए जाएंगे।
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फील्ड में जाने पर ज्यादा हुआ लक्ष्य
कृषि विभाग के सैंपलों का लक्ष्य पहले से थोड़ा बढ़ गया है। पहले जहां 28 हजार सैंपलों का टारगेट बनाया गया था, वहीं फील्ड में जाने के बाद यह लक्ष्य 30 हजार से भी ज्यादा हो गया है। पहले जहां सवा छह एकड़ पर एक सैंपल लेना था, वहीं अब खेतों में जाने पर कुछ बदलाव सामने आ रहे हैं, जिसके चलते सवा छह एकड़ के निर्धारित फार्मूले को बदलना पड़ गया है।
आउटसोर्सिंग पर रखे जाएंगे टेक्नीशियन
कृषि विभाग की लैब में सैंपलों की संख्या बढ़ने से उनकी निर्धारित समय से पहले जांच करने के लिए आउटसोर्सिंग पर टेक्नीशियन रखे जाएंगे।
इन सभी टेक्नीशियन को एक दिन में निर्धारित संख्या देकर उनकी जांच के निर्देश दिए जाएंगे। आउटसोर्सिंग पर टेक्नीशियन रखने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का दावा है कि 5 दिसंबर से पहले इस लक्ष्य को हासिल कर लिया जाएगा, ताकि सभी किसानों के खेतों की मिट्टी जांच कर उसकी रिपोर्ट के आधार पर सॉयल हेल्थ कार्ड दिए जा सके।
5 दिसंबर को इंटरनेशनल सॉयल हेल्थ-डे पर सॉयल हेल्थ कार्ड बांटे जाएंगे। इसलिए मिट्टी जांच के लिए सैंपल भरवाए जा रहे हैं। निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के लिए भरसक कोशिश की जा रही है। अब तक करीब 10 हजार सैंपल ले लिए गए हैं। डॉ. विनोद फौगाट, उप-कृषि निदेशक, हिसार