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महिलाओं ने खोला मोर्चा, ठेके से सड़क पर फेंकी शराब की बोतलें
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Sat, 28 May 2016 12:43 AM IST
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ठेके के खिलाफ महिलाओं ने खोला मोर्चा
- फोटो : bureau
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गांव में शराबखोरी की बढ़ती लत और शराबियों से परेशान महिलाओं ने शुक्रवार को शराब के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। गांव पेटवाड़ की कई महिलाओं ने ठेकेदार और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर शराब के ठेके के अंदर रखी शराब की बोतलों को सड़क पर फेंक दिया। इस दौरान महिलाओं ने सरकार के खिलाफ भी रोष जताया।
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महिलाओं ने गांव से शराब का ठेका हटाने की प्रशासन से मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह के अंदर अंदर ठेका बंद नहीं किया गया तो वो अपने आंदोलन को तेज करेंगी। वहीं ठेकेदार के कारिंदों ने तोड़ फोड़ करने व पैसे छीनने की शिकायत पुलिस में दी है। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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गांव पेटवाड़ निवासी रोमा, शीतल, सुमन, सरोज, सुनीता, मूर्ति, अनीता, प्रेमो, सीमा, भतेरी, बिमला, मनीषा, कृष्णा, दर्शना आदि महिलाओं ने आरोप लगाया कि गांव के युवा नशे के दलदल में फंसते जा रहे हैं और अपने जीवन को अंधकार में धकेल रहे हैं। वहीं शराब का ठेका भी उनकी बस्ती के पास है, जिसके कारण शराबी लोग शराब पीकर यहां पर हुड़दंग करते हैं।
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कई बार तो शराब के ठेके से शराब खरीदकर ये लोग गलियों में ही बोतल खोलकर बैठ जाते हैं। जब महिलाएं गलियों से गुजरती हैं तो उन पर कमेंट कसते हैं, जिसके कारण गांव का माहौल लगातार खराब होता जा रहा है। इसको लेकर वो कई बार ठेकेदार व प्रशासन से ठेका हटवाने की मांग कर चुकी हैं। लेकिन आज तक उन गांव से शराब का ठेका नहीं हटाया गया। इसको लेकर महिलाओं का गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने शराब ठेके के अंदर रखी शराब की बोतलों को सड़क पर फेंक दिया।
इस संबंध में ठेकेदार सुजेंद्र मलिक ने बताया कि उन्होंने आबकारी विभाग में पैसे भरकर ठेका लिया हुआ है और इसकी पूरी राशि विभाग में जमा करवाई हुई है। उन्होंने बताया कि सरकार की पॉलिसी के तहत भी सब ठेके के पैसे भरकर सब ठेका खोला गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाएं शराब की बोतलों को तोड़ने के साथ पैसे भी छीनकर ले गईं। इस संबंध में थाना प्रभारी नरेंद्र पाल ने बताया कि ठेकेदार के कारिंदे ने शिकायत दी है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
रात में चुपके से लगाया था देसी शराब का ठेका
गांव पेटवाड़ में खांडाखेड़ी रोड पर रात के समय चुपके से देसी शराब का ठेका स्थापित किया गया था, जिसके बाद गांव की महिलाओं का उग्र रूप देखने को मिला। गांव की महिलाओं ने बताया कि गांव में ठेका न खोलने के संबंध में वह सरपंच से भी मुलाकात कर चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने इस संबंध में अधिकारियों को भी शिकायत दी थी कि इस स्थान पर ठेका नहीं खुलना चाहिए, यह सार्वजनिक स्थान है।
इससे समाज के युवा वर्ग पर बुरा असर पड़ेगा। इसके अलावा यहां से गुजरने वाली महिलाओं के साथ छेड़खानी की घटनाएं भी बढ़ेंगी, लेकिन इसके बावजूद ठेकेदार ने रात को चुपके से ठेका स्थापित कर दिया। शुक्रवार सुबह जैसे ही महिलाओं को इस बात की भनक पड़ी तो गुस्साई महिलाओं ने ठेके पर रखी बोतलों को सड़क पर फेंक दिया।
इस घटना के दौरान खास बात यह देखने को मिली कि जब महिलाओं ने शराब की बोतलों को सड़क पर फेंका तो लालपरी के शौकीन मौके पर पहुंच गए और उन्होंने स्वयं शराब पीना शुरू कर दिया। इस पर महिलाएं क्रोधित हो उठीं और महिलाओं ने बोतलें छीनते हुए उन्हें मौके से भगा दिया और शराब की बोतलों को सड़क पर गिरा दिया।