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Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   After three years of decline, child marriage cases have risen again, with 21 complaints so far this year.

Hisar News: तीन साल गिरावट के बाद फिर बढ़े बाल विवाह के मामले, इस वर्ष अब तक 21 शिकायतें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 12 Mar 2026 12:01 AM IST
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After three years of decline, child marriage cases have risen again, with 21 complaints so far this year.
हिसार। जिले में लगातार तीन वर्षों तक गिरावट के बाद बाल विवाह के मामलों में फिर तेजी देखने को मिल रही है। चालू वर्ष में अब तक बाल विवाह की 21 शिकायतें मिल चुकी हैं, जिनमें से तीन शिकायतें जांच के दौरान झूठी पाई गई हैं।
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बाल विवाह को रोकने के लिए सख्त कानून और बढ़ती जागरूकता के कारण पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मामलों में कमी आई थी, लेकिन अभी भी इस पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है। अधिकारियों के अनुसार, लोगों में पहले की तुलना में जागरूकता जरूर बढ़ी है, फिर भी कुछ अभिभावकों को यह आशंका रहती है कि उनके बच्चे उनकी इच्छा के बिना विवाह न कर लें। इसी कारण कुछ परिवार जल्दबाजी में बाल विवाह करा देते हैं।
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11 वर्षों में कभी गिरावट तो कभी बढ़ोतरी
पिछले 11 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2015-16 में बाल विवाह की 22 शिकायतें मिली थीं। इसके बाद यह संख्या लगातार बढ़ती हुई वर्ष 2018-19 में 46 तक पहुंच गई। इसके बाद मामलों में गिरावट शुरू हुई और वर्ष 2020-21 में शिकायतों की संख्या घटकर 21 रह गई। वर्ष 2021-22 में फिर उछाल आया और यह आंकड़ा 39 तक पहुंच गया। इसके बाद मामलों में धीरे-धीरे कमी आई और वर्ष 2024-25 में यह संख्या 15 रह गई। हालांकि मौजूदा वर्ष में अब तक 21 शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
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न मानने पर पुलिस करती है कार्रवाई
अधिकारियों के अनुसार जैसे ही बाल विवाह की शिकायत मिलती है, संबंधित टीम तुरंत मौके पर पहुंचकर विवाह रुकवाने का प्रयास करती है। दोनों पक्षों को समझाया जाता है कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। यदि इसके बावजूद भी लोग नहीं मानते तो उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन को लिखा जाता है। वर्ष 2017-18 और 2018-19 में ऐसे नौ-नौ मामलों में पुलिस कार्रवाई के लिए लिखा गया था।
यह है बाल विवाह कानून

भारत में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के की शादी करना अपराध है। यह संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है। इसमें शामिल होने या बढ़ावा देने वालों को दो साल तक का कठोर कारावास और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।

10 वर्षों का आंकड़ा


वर्ष — कुल शिकायतें — पुलिस कार्रवाई — झूठी

2015-16 — 22 — 15 — 03 — 04
2016-17 — 34 — 29 — 03 — 02
2017-18 — 41 — 26 — 09 — 06
2018-19 — 46 — 20 — 09 — 17
2019-20 — 32 — 20 — 06 — 06
2020-21 — 21 — 15 — 05 — 01
2021-22 — 39 — 21 — 08 — 10
2022-23 — 31 — 20 — 08 — 03
2023-24 — 10 — 08 — 04 — 06
2024-25 — 15 — 07 — 02 — 06

बाल विवाह को लेकर अब सख्त कानून बने हुए हैं। कानून के डर और बढ़ती जागरूकता के कारण मामलों में कमी आई है। जहां से भी शिकायत मिलती है, हमारी टीम तुरंत मौके पर पहुंचती है। कई बार शिकायतें जांच में झूठी भी निकलती हैं।
- बबीता चौधरी, जिला संरक्षण अधिकारी।
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