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Hisar News: नशे ने छीन ली सांसें...एक और घर का इकलौता चिराग बुझा
Sun, 12 Oct 2025 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Sun, 12 Oct 2025 11:22 PM IST
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हिसार। नशा युवाओं की जिंदगी लीलता जा रहा है। हालत इस कदर बिगड़ रहे हैं कि रविवार को जवाहर नगर में एक और युवक की नशे से जान चली गई। बीते 24 घंटे में यह दूसरी मौत है। मृतक घर में इकलौता बेटा था और पिता दर्जी का काम करते हैं। कुछ दिन पहले ही वह नशा मुक्ति केंद्र से घर लौटा था।
सिविल लाइन थाना पुलिस के मुताबिक फतेहाबाद निवासी नरेश ने बताया कि उसके ससुर व जवाहर नगर निवासी सुरेश कुमार दर्जी का काम करते हैं। उनका 25 वर्षीय इकलौता बेटा आकाश बेरोजगार था। वह गलत संगत में पड़कर नशा करने का आदी बन गया। अक्सर परिजनों को डरा-धमकाकर रुपये लेता और उनसे नशा करता था। नशे की लत को छुड़वाने के लिए परिजनों ने उसे राजगढ़ रोड स्थित एक निजी नशा मुक्ति केंद्र में कई माह तक भर्ती कराया। इसी बीच आकाश ने परिजनों से कहा कि जितने रुपये आप इस केंद्र संचालक को दे रहे हो, उतने रुपये में वह घर बैठे ही कुछ सामान ऑनलाइन बेचने का कारोबार करना चाहता है। इस पर परिजन 2 अक्तूबर को उसे घर ले आए। शनिवार को परिजनों से उसने करीब 1200 रुपये लिए और रात में नशा कर घर आ गया। रविवार सुबह करीब सात बजे वह उठा, लेकिन नशे के कारण चल नहीं सका। करीब 9:30 बजे परिजन बेहोशी की हालत में उसे जिला नागरिक अस्पताल ले गए, जहां डॉ. कीर्ति लोहान ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच अधिकारी सुभाष चंद्र ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में नशे से मौत की पुष्टि हुई है। विसरा जांच के लिए भेजा जाएगा। इससे पहले शनिवार को शनिवार को महावीर कॉलोनी निवासी 28 वर्षीय मोहित की नशे की ओवरडोज से मौत हो गई थी। उसका शव जीजेयू के सामने विकासनगर की झाड़ियों में मिला था। शव के पास ही आधार कार्ड, पैन कार्ड और दो सिरिंज मिलीं थीं।
पिछले माह विश्वासपुरम के पास मिला था शव
सितंबर में विश्वासपुरम के पास एक युवक शव मिला था। वह चिकन कॉर्नर की दुकान पर काम करता था। सका परिवार भी वहीं काम करता है। युवक स्कूटी लेकर निकला था और लौटा नहीं। अगले दिन उसका शव मिला था। नशे की ओवरडोज से उसकी मौत की आशंका जताई गई थी।
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खुलेआम बिक रहा नशा, पुलिस मौन
पुलिस प्रशासन बेशक दावा कर रहा है कि कहीं भी नशा नहीं बिक रहा है और नशा बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। मगर जमीनी हकीकत इसके अलग है। सच्चाई यह है कि शहर में खुलेआम नशा बिक रहा है और नशा करने वालों को आसानी से उपलब्ध हो रहा है। पिछले करीब एक माह में ही नशे के कारण तीन युवक की मौत हो चुकी है।
आंबेडकर बस्ती नशे का गढ़
शहर में जहां नशा खुलेआम बिकता है, उनमें आंबेडकर बस्ती का नाम सबसे पहले आता है। किसी भी नशीला पदार्थ लेना है तो उसे यहां आसानी से मिल जाता है। पुलिस इससे अच्छी तरह वाकिफ है, फिर भी कोई कदम नहीं उठा रही। मिल गेट व सातरोड एरिया में भी नशा खुलेआम बिकता है। शहर से सटा गांव पीरावाली भी नशे की तस्करी के लिए बदनाम है।
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सिविल लाइन थाना पुलिस के मुताबिक फतेहाबाद निवासी नरेश ने बताया कि उसके ससुर व जवाहर नगर निवासी सुरेश कुमार दर्जी का काम करते हैं। उनका 25 वर्षीय इकलौता बेटा आकाश बेरोजगार था। वह गलत संगत में पड़कर नशा करने का आदी बन गया। अक्सर परिजनों को डरा-धमकाकर रुपये लेता और उनसे नशा करता था। नशे की लत को छुड़वाने के लिए परिजनों ने उसे राजगढ़ रोड स्थित एक निजी नशा मुक्ति केंद्र में कई माह तक भर्ती कराया। इसी बीच आकाश ने परिजनों से कहा कि जितने रुपये आप इस केंद्र संचालक को दे रहे हो, उतने रुपये में वह घर बैठे ही कुछ सामान ऑनलाइन बेचने का कारोबार करना चाहता है। इस पर परिजन 2 अक्तूबर को उसे घर ले आए। शनिवार को परिजनों से उसने करीब 1200 रुपये लिए और रात में नशा कर घर आ गया। रविवार सुबह करीब सात बजे वह उठा, लेकिन नशे के कारण चल नहीं सका। करीब 9:30 बजे परिजन बेहोशी की हालत में उसे जिला नागरिक अस्पताल ले गए, जहां डॉ. कीर्ति लोहान ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच अधिकारी सुभाष चंद्र ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में नशे से मौत की पुष्टि हुई है। विसरा जांच के लिए भेजा जाएगा। इससे पहले शनिवार को शनिवार को महावीर कॉलोनी निवासी 28 वर्षीय मोहित की नशे की ओवरडोज से मौत हो गई थी। उसका शव जीजेयू के सामने विकासनगर की झाड़ियों में मिला था। शव के पास ही आधार कार्ड, पैन कार्ड और दो सिरिंज मिलीं थीं।
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पिछले माह विश्वासपुरम के पास मिला था शव
सितंबर में विश्वासपुरम के पास एक युवक शव मिला था। वह चिकन कॉर्नर की दुकान पर काम करता था। सका परिवार भी वहीं काम करता है। युवक स्कूटी लेकर निकला था और लौटा नहीं। अगले दिन उसका शव मिला था। नशे की ओवरडोज से उसकी मौत की आशंका जताई गई थी।
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खुलेआम बिक रहा नशा, पुलिस मौन
पुलिस प्रशासन बेशक दावा कर रहा है कि कहीं भी नशा नहीं बिक रहा है और नशा बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। मगर जमीनी हकीकत इसके अलग है। सच्चाई यह है कि शहर में खुलेआम नशा बिक रहा है और नशा करने वालों को आसानी से उपलब्ध हो रहा है। पिछले करीब एक माह में ही नशे के कारण तीन युवक की मौत हो चुकी है।
आंबेडकर बस्ती नशे का गढ़
शहर में जहां नशा खुलेआम बिकता है, उनमें आंबेडकर बस्ती का नाम सबसे पहले आता है। किसी भी नशीला पदार्थ लेना है तो उसे यहां आसानी से मिल जाता है। पुलिस इससे अच्छी तरह वाकिफ है, फिर भी कोई कदम नहीं उठा रही। मिल गेट व सातरोड एरिया में भी नशा खुलेआम बिकता है। शहर से सटा गांव पीरावाली भी नशे की तस्करी के लिए बदनाम है।