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हिसार के तीन लोगों को 12 साल बाद एचसीएस बनकर मिला न्याय
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
Updated Sat, 07 May 2016 12:45 AM IST
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हिसार के तीन लोगों को 12 साल बाद एचसीएस बनकर मिला न्याय
- फोटो : bureau
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एचसीएस की सूची में हिसार शहर के तीन युवाओं ने सफलता हासिल की है। प्रदेश सरकार की ओर से कुल 23 लोगों का चयन किया गया है। इसमें हिसार के सेक्टर 15 ए से डॉ. वेदप्रकाश, सेक्टर 14 से सुजीत कुमार और अर्बन इस्टेट दो से जयबीर यादव एचसीएस बने हैं।
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हिसार के सेक्टर 15 ए निवासी डॉ. वेद प्रकाश एचसीएस बने हैं।
वह फिलहाल भिवानी में डिस्ट्रिक फूड एंड सप्लाई कंट्रोलर के पद पर नियुक्त हैं। अमर उजाला से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद यह सूची जारी की गई है। उनकी प्राथमिक शिक्षा हिसार के केएलआर्य डीएवी स्कूल से पढ़ाई की। इसके बाद डीएन कॉलेज से पढ़ाई के बाद रोहतक पीजीआई से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की थी।
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डॉ. वेद प्रकाश ने कहा कि अगर मेहनत से दस घंटे नियमित पढ़ाई की जाए तो सफलता हासिल की जा सकती है। अर्बन इस्टेट दो के मकान नंबर 480 के निवासी जयबीर भी एचसीएस की सूची में शामिल हैं। अमर उजाला से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि वह फिलहाल आदमपुर राजकीय कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उन्होंने बताया कि सीनियर मॉडल स्कूूल में पढ़ाई की।
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इसके बाद राजकीय कॉलेज हिसार से बीए की। चंडीगढ़ में पीयू से साइकोलॉजी में एमए की डिग्री हासिल की। इसके बाद एलएलबी की। 2001 में डीएन कॉलेज में एक्सटेंशन लेक्चरर के तौर पर नौकरी की। 2003 में हायर एजूकेेशन में एसोसिएट प्रोफेेसर के तौर पर काम किया।
आखिर 12 साल बाद मिला न्याय
हिसार। एचसीएस की एक लिस्ट 2004 में जारी की गई थी। इन लोगों की ज्वाइनिंग से पहले ही आचार संहिता लागू हो गई। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद सरकार ने इन लोगों को ज्वाइन कराने से इनकार कर दिया। एचसीएस पास कर चुके इन लोगों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। यहां राहत नहीं मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी डाली।
इस बीच विजिलेंस जांच में साफ हो गया कि सूूची में शामिल 38 लोगों का नाम पूरी तरह से सही है। इसमें किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिए कि इन लोगों को पर सही फैसला लें। सरकार की ओर से इस पर फैसला नहीं लिया गया। कुछ समय पहले हरियाणा सरकार ने एचसीएस की पोस्ट निकाली तो इन लोगों ने हाइकोर्ट में केस किया।
इसके बाद अदालत ने नए आदेश जारी करते हुए इन लोगों को नौकरी देने का आदेश जारी किया। हरियाणा के प्रधान सचिव की ओर से शुक्रवार को 23 लोगों की सूची जारी की गई, जिसमें हिसार के तीन लोग शामिल हैं।