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दुष्कर्म के आरोपी ने जेल में फंदा लगा दी जान
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हिसार। हिसार सेंट्रल जेल-1 में शनिवार सुबह करीब 10 बजे विचाराधीन बंदी ने फंदा लगा जान दे दी। सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने तुरंत शव को कब्जे में लिया। शाम करीब चार बजे शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया गया।
दरअसल विचाराधीन हवालाती बंदी 25 वर्षीय डोबी निवासी संदीप दुष्कर्म के आरोप में यहां बंद था। संदीप के खिलाफ हिसार सदर थाने में फरवरी में दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ था। संदीप करीब दो माह पूर्व ही सेंट्रल जेल-1 में आया था। मिली जानकारी के अनुसार संदीप अपने माता-पिता का इकलौता था। शनिवार को हर रोज की तरह सुबह जेल में सभी कैदियों व बंदियों को चाय दी जा रही थी तो संदीप उस दौरान वहां नहीं मिला। करीब 10 बजे देखा तो वह जेल में बनी फैक्टरी में पंखे पर रस्सी के सहारे झूल रहा था। यह रस्सी वह जेल में स्टोर से लाया था। नागरिक अस्पताल पहुंचे संदीप के पिता ने बताया कि वह व उनकी पत्नी डेढ़ महीने पहले संदीप से मिलकर गए थे। उस दौरान संदीप ने कहा था कि वह ठीक है, कोई समस्या नहीं है।
निष्पक्ष जांच की मांग
नागरिक अस्पताल में तीन डॉक्टरों के पैनल ने संदीप के शव का पोस्टमार्टम किया। उस दौरान वहां सिविल लाइन थाना पुलिस व मजिस्ट्रेट अनंतप्रीत भी पहुंचे। पीड़ित परिवार ने उनके सामने गुहार लगाई कि वह मामले में निष्पक्ष जांच चाहते हैं। उन्होंने संदीप की मौत पर किसी पर शक नहीं जताया।
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जांच के लिए एएसपी पहुंचीं जेल
संदीप की मौत की सूचना मिलते ही शाम के समय एएसपी उपासना जांच के लिए सेंट्रल जेल-1 में गईं। इसके अलावा जेल से बार-बार मोबाइल फोन बरामदगी मामलों को लेकर भी जेल प्रशासन से बातचीत की।
इस मामले में जेल में बंद था संदीप
संदीप के खिलाफ सदर थाना पुलिस ने 13 फरवरी को धारा 363 व 366 ए के तहत जिले के एक गांव निवासी व्यक्ति की शिकायत पर केस दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि 12 फरवरी की शाम करीब साढ़े आठ बजे उसकी 15 वर्षीय बेटी शौच के लिए घर के सामने प्लॉट में गई थी। उस दौरान संदीप उसे बहला-फुसलाकर ले गया। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसकी बेटी अपने साथ 95 हजार रुपये, आधार कार्ड व दो सोने की अंगूठी भी ले गई थी। बाद में यह मामला 376 व पोक्सो में तबदील हो गया था।
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दरअसल विचाराधीन हवालाती बंदी 25 वर्षीय डोबी निवासी संदीप दुष्कर्म के आरोप में यहां बंद था। संदीप के खिलाफ हिसार सदर थाने में फरवरी में दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ था। संदीप करीब दो माह पूर्व ही सेंट्रल जेल-1 में आया था। मिली जानकारी के अनुसार संदीप अपने माता-पिता का इकलौता था। शनिवार को हर रोज की तरह सुबह जेल में सभी कैदियों व बंदियों को चाय दी जा रही थी तो संदीप उस दौरान वहां नहीं मिला। करीब 10 बजे देखा तो वह जेल में बनी फैक्टरी में पंखे पर रस्सी के सहारे झूल रहा था। यह रस्सी वह जेल में स्टोर से लाया था। नागरिक अस्पताल पहुंचे संदीप के पिता ने बताया कि वह व उनकी पत्नी डेढ़ महीने पहले संदीप से मिलकर गए थे। उस दौरान संदीप ने कहा था कि वह ठीक है, कोई समस्या नहीं है।
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निष्पक्ष जांच की मांग
नागरिक अस्पताल में तीन डॉक्टरों के पैनल ने संदीप के शव का पोस्टमार्टम किया। उस दौरान वहां सिविल लाइन थाना पुलिस व मजिस्ट्रेट अनंतप्रीत भी पहुंचे। पीड़ित परिवार ने उनके सामने गुहार लगाई कि वह मामले में निष्पक्ष जांच चाहते हैं। उन्होंने संदीप की मौत पर किसी पर शक नहीं जताया।
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जांच के लिए एएसपी पहुंचीं जेल
संदीप की मौत की सूचना मिलते ही शाम के समय एएसपी उपासना जांच के लिए सेंट्रल जेल-1 में गईं। इसके अलावा जेल से बार-बार मोबाइल फोन बरामदगी मामलों को लेकर भी जेल प्रशासन से बातचीत की।
इस मामले में जेल में बंद था संदीप
संदीप के खिलाफ सदर थाना पुलिस ने 13 फरवरी को धारा 363 व 366 ए के तहत जिले के एक गांव निवासी व्यक्ति की शिकायत पर केस दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि 12 फरवरी की शाम करीब साढ़े आठ बजे उसकी 15 वर्षीय बेटी शौच के लिए घर के सामने प्लॉट में गई थी। उस दौरान संदीप उसे बहला-फुसलाकर ले गया। शिकायतकर्ता का आरोप था कि उसकी बेटी अपने साथ 95 हजार रुपये, आधार कार्ड व दो सोने की अंगूठी भी ले गई थी। बाद में यह मामला 376 व पोक्सो में तबदील हो गया था।