{"_id":"67e1a8ed20cbd8a2550b2877","slug":"a-soldier-from-sandol-village-was-martyred-in-an-accident-in-west-bengal-his-body-will-arrive-tomorrow-hisar-news-c-21-hsr1020-591705-2025-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: पश्चिमी बंगाल में हादसे में गांव संदोल का जवान शहीद, कल पहुंचेगा पार्थिव शरीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: पश्चिमी बंगाल में हादसे में गांव संदोल का जवान शहीद, कल पहुंचेगा पार्थिव शरीर
विज्ञापन
स्व अजय कुमार
अग्रोहा। सेना के सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) में तैनात गांव संदोल के सैन्यकर्मी अजय कुमार (32) पश्चिम बंगाल में हुए हादसे में 23 मार्च को शहीद हो गया। उनका पार्थिव शरीर सैन्य सम्मान साथ 26 मार्च को पैतृक गांव पहुंचेगा।
हिसार से करीब 25 किलोमीटर दूर अग्रोहा से बरवाला मार्ग स्थित गांव संदोल के अजय कुमार 2019 में सेना में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। वर्तमान में वे पश्चिम बंगाल में सीमा सड़क संगठन के तहत परियोजना स्वास्तिक में सेवारत थे, जोकि रक्षा मंत्रालय के अधीन आता है। 23 मार्च को ड्यूटी के दौरान एक हादसा हुआ और उन्होंने देश के लिए बलिदान दे दिया। इस खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अजय की 2018 में शादी हुई थी और उनकी एक साल की बेटी है। शहीद अजय कुमार के पिता खेतीबाड़ी करते हैं। वे दो बहनों का इकलौता भाई था। 26 मार्च को शहीद स्मारक में सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अजय कुमार मार्च 2019 में बीआरओ में भर्ती हुए थे, यह सेना की ही विंग है जोकि दुर्गम इलाकों में सड़क बनाने सहित अन्य कार्य करती है। अजय इन दिनों पश्चिम बंगाल में परियोजना स्वास्तिक में कार्य कर रहे थे। सिक्किम के बार्डर एरिया को जोड़ने वाला यह हाईवे बीते दिनों बाढ़ में टूट गया था। यह हाईवे चीन के साथ वाले एरिया को भारत से जोड़ता है और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसी दौरान एक हादसे में उन्होंने मातृभूमि की सेवा में अपने प्राण दे दिए। उधर, बीआरओ के अधिकारियों ने कहा कि अपनी सेवा के दौरान उन्होंने हमेशा जिम्मेदारी और निष्ठा का परिचय दिया।
विज्ञापन
हादसे से एक दिन पहले मनाया था बेटी का जन्मदिन
अजय का 14 फरवरी 1993 को जन्म हुआ था। उनके पिता हरपाल और मां रोशनी गांव में रहते हैं। अजय कुमार पत्नी सुशीला और बेटी के साथ सिक्किम में ही आर्मी क्वार्टर में साथ रह रहे थे। परिवार को जहां बेटे की शहादत पर नाज है तो वहीं बेटे को खोने का गम भी है। पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि अजय ने 22 मार्च को आर्मी क्वार्टर में पत्नी के साथ बेटी का पहला जन्मदिन मनाया था।
विज्ञापन
हिसार से करीब 25 किलोमीटर दूर अग्रोहा से बरवाला मार्ग स्थित गांव संदोल के अजय कुमार 2019 में सेना में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। वर्तमान में वे पश्चिम बंगाल में सीमा सड़क संगठन के तहत परियोजना स्वास्तिक में सेवारत थे, जोकि रक्षा मंत्रालय के अधीन आता है। 23 मार्च को ड्यूटी के दौरान एक हादसा हुआ और उन्होंने देश के लिए बलिदान दे दिया। इस खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अजय की 2018 में शादी हुई थी और उनकी एक साल की बेटी है। शहीद अजय कुमार के पिता खेतीबाड़ी करते हैं। वे दो बहनों का इकलौता भाई था। 26 मार्च को शहीद स्मारक में सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
विज्ञापन
अजय कुमार मार्च 2019 में बीआरओ में भर्ती हुए थे, यह सेना की ही विंग है जोकि दुर्गम इलाकों में सड़क बनाने सहित अन्य कार्य करती है। अजय इन दिनों पश्चिम बंगाल में परियोजना स्वास्तिक में कार्य कर रहे थे। सिक्किम के बार्डर एरिया को जोड़ने वाला यह हाईवे बीते दिनों बाढ़ में टूट गया था। यह हाईवे चीन के साथ वाले एरिया को भारत से जोड़ता है और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसी दौरान एक हादसे में उन्होंने मातृभूमि की सेवा में अपने प्राण दे दिए। उधर, बीआरओ के अधिकारियों ने कहा कि अपनी सेवा के दौरान उन्होंने हमेशा जिम्मेदारी और निष्ठा का परिचय दिया।
विज्ञापन
हादसे से एक दिन पहले मनाया था बेटी का जन्मदिन
अजय का 14 फरवरी 1993 को जन्म हुआ था। उनके पिता हरपाल और मां रोशनी गांव में रहते हैं। अजय कुमार पत्नी सुशीला और बेटी के साथ सिक्किम में ही आर्मी क्वार्टर में साथ रह रहे थे। परिवार को जहां बेटे की शहादत पर नाज है तो वहीं बेटे को खोने का गम भी है। पत्नी और मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि अजय ने 22 मार्च को आर्मी क्वार्टर में पत्नी के साथ बेटी का पहला जन्मदिन मनाया था।