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32 सालों से चल रही श्री बद्री केदार रामलीला

Mon, 23 Sep 2013 05:39 AM IST
Hisar
Hisar Updated Mon, 23 Sep 2013 05:39 AM IST
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हिसार। विद्युत नगर में रामलीला मंचन का अपना अलग अंदाज है। पिछले 32 सालों से लगातार मंचन कर रहे कलाकारों ने रामलीला में नाच-गाने को कोई स्थान नहीं दिया है। श्री बद्री केदार रामलीला समिति की ओर से प्रस्तुत की जाने वाली रामलीला विशुद्ध हिंदी भाषा में होती है। श्री बद्री केदार रामलीला कमेटी के प्रधान नंदा बल्लभ भट्ट ने बताया कि समिति की स्थापना 1981 में हुई थी। तब से लेकर आज तक 32 सालों से रामलीला का मंचन लगातार किया जा रहा है। इससे पहले दो रामलीला का आयोजन किया जाता था परंतु 10-12 सालों से एक ही आयोजन हो रहा है। इसमें 60 कलाकार अपनी कला का मंचन करते हैं। इनमें विद्युत कर्मचारियों के बच्चे भी शामिल होते हैं।
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पूरी टीम मिलकर करती है काम
रामलीला में सूर्य नगर, शिव कालोनी, न्यू माडल, सेक्टर 9-11, जिंदल कालोनी दिल्ली रोड, माडल टाउन विद्युत नगर के हजारों दर्शक पहुंचते हैं। दशहरा के अवसर पर लगभग ढाई लाख लोग इकट्ठा होते हैं। रामलीला को सफल बनाने में समिति के महासचिव विनोद सिंह, वरिष्ठ उपप्रधान जगत राम, कोषाध्यक्ष हर्ष वर्धन जोशी, उपकोषाध्यक्ष लखपत सिंह रावत, स्टेज निदेशक होरी सिंह रावत, डायरेक्टर दयाकिशन हरबोला, उप डायरेक्टर नरेंद्र सिंह, प्रबंधक भोपाल सिंह रावत, सामग्री प्रबंधक मनबर सिंह नेगी और राजेंद्र सिंह रावत, प्रेस सचिव मुकेश रावत, चीफ मार्शल अनिल भट्ट, सलाहकार सब्बल सिंह, गजेंद्र सिंह, भरत सिंह, पीतांबर दत्त पांडे, प्रचार सचिव महेंद्र बढोला का रामलीला को सफल बनाने में विशेष योगदान रहता है। प्रधान ने बताया कि इस रामलीला में सभी सदस्य मिल जुलकर कार्य करते हैं।
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