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रेलवे गैंगमैन की मौत, यूनियन ने कहा-अधिकारियों की लापरवाही से गई जान, स्टेशन पर दिया धरना
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। रेलवे गैंगमैन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रेल कर्मचारियों ने इसे अधिकारियों की लापरवाही का मामला बताया। मूल रूप से बिहार के गंगापुर निवासी विपिन कुमार अपने पिता के स्थान पर रेलवे में ट्रैकमैन के पद पर तैनात था। कर्मचारी यूनियन के अनुसार विपिन बुधवार रात को 11 बजे जाखौद खेड़ा ड्यूटी पर गया था। इस दौरान वह जींद की ओर से आ रही 54043 गाड़ी की चपेट में आ गया।
गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसने जेई को अपने घायल होने की सूचना दी। मौके पर पहुंचकर उन्होंने विपिन को एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। विपिन की दो साल पहले शादी हुई थी और 7-8 माह का एक बेटा है।
कर्मचारियों ने स्टेशन पर किया हंगामा
विपिन की मौत के बाद नॉर्थ वेस्ट रेलवे एंप्लाइज यूनियन और रेलवे कर्मचारी ट्रैकमैंटेनर एसोसिएशन ने वीरवार सुबह स्टेशन पर धरना दिया और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने मांग की कि पीड़ित के परिवार को मुआवजा दिया जाए। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विपिन की मौत अधिकारियों के तानाशाहीपूर्ण रवैये के कारण हुई है। बीकानेर से दो पेट्रोलमैन चलाने के आदेश हैं, लेकिन अकेले विपिन की ड्यूटी लगाई गई। उसे कई दिन से रेस्ट भी नहीं मिला था, जिस कारण वह तनाव में था। एडीएन सिरसा बलबीर सिंह मौके पर पहुंच कर यूनियन के नेताओं से बात की।
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अधिकारियों ने नहीं माने आदेश : राय
नॉर्थ वेस्ट रेलवे एंप्लाइज यूनियन के चेयरमैन एसएन राय ने कहा कि जब भी गर्मी या सर्दी ज्यादा होती है तो पेट्रोलमैन चलाया जाता है। पहले दो पेट्रोलमैन साथ चलते थे। प्रशासन ने मैनपावर कम होने के कारण एक कर दिया। यूनियन ने इसका विरोध किया तो 1 जनवरी से हमारी बात मानी गई और अधिकारियों को पेट्रोलिंग के दौरान दो लोग भेजने के निर्देश दिए, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने इस आदेश को नहीं माना। उन्होंने कहा कि विपिन हिसार में तैनात था, लेकिन उसकी ड्यूटी जाखौद खेड़ा ड्यूटी पर भेज दिया। 23 जनवरी को अंतिम रेस्ट किया था, उसके बाद रेस्ट भी नहीं किया था।
जो हादसा हुआ है, बहुत मार्मिक है। घटना की जांच की जा रही है, जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि सच्चाई क्या है। जो जांच रिपोर्ट आएगी, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी।
- कपिल देव सिंह, सीनियर सेक्शन इंजीनियर।
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हिसार। रेलवे गैंगमैन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रेल कर्मचारियों ने इसे अधिकारियों की लापरवाही का मामला बताया। मूल रूप से बिहार के गंगापुर निवासी विपिन कुमार अपने पिता के स्थान पर रेलवे में ट्रैकमैन के पद पर तैनात था। कर्मचारी यूनियन के अनुसार विपिन बुधवार रात को 11 बजे जाखौद खेड़ा ड्यूटी पर गया था। इस दौरान वह जींद की ओर से आ रही 54043 गाड़ी की चपेट में आ गया।
गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसने जेई को अपने घायल होने की सूचना दी। मौके पर पहुंचकर उन्होंने विपिन को एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। विपिन की दो साल पहले शादी हुई थी और 7-8 माह का एक बेटा है।
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कर्मचारियों ने स्टेशन पर किया हंगामा
विपिन की मौत के बाद नॉर्थ वेस्ट रेलवे एंप्लाइज यूनियन और रेलवे कर्मचारी ट्रैकमैंटेनर एसोसिएशन ने वीरवार सुबह स्टेशन पर धरना दिया और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी भी की। उन्होंने मांग की कि पीड़ित के परिवार को मुआवजा दिया जाए। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि विपिन की मौत अधिकारियों के तानाशाहीपूर्ण रवैये के कारण हुई है। बीकानेर से दो पेट्रोलमैन चलाने के आदेश हैं, लेकिन अकेले विपिन की ड्यूटी लगाई गई। उसे कई दिन से रेस्ट भी नहीं मिला था, जिस कारण वह तनाव में था। एडीएन सिरसा बलबीर सिंह मौके पर पहुंच कर यूनियन के नेताओं से बात की।
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अधिकारियों ने नहीं माने आदेश : राय
नॉर्थ वेस्ट रेलवे एंप्लाइज यूनियन के चेयरमैन एसएन राय ने कहा कि जब भी गर्मी या सर्दी ज्यादा होती है तो पेट्रोलमैन चलाया जाता है। पहले दो पेट्रोलमैन साथ चलते थे। प्रशासन ने मैनपावर कम होने के कारण एक कर दिया। यूनियन ने इसका विरोध किया तो 1 जनवरी से हमारी बात मानी गई और अधिकारियों को पेट्रोलिंग के दौरान दो लोग भेजने के निर्देश दिए, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने इस आदेश को नहीं माना। उन्होंने कहा कि विपिन हिसार में तैनात था, लेकिन उसकी ड्यूटी जाखौद खेड़ा ड्यूटी पर भेज दिया। 23 जनवरी को अंतिम रेस्ट किया था, उसके बाद रेस्ट भी नहीं किया था।
जो हादसा हुआ है, बहुत मार्मिक है। घटना की जांच की जा रही है, जांच के बाद ही पता चल पाएगा कि सच्चाई क्या है। जो जांच रिपोर्ट आएगी, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। परिवार की हरसंभव मदद की जाएगी।
- कपिल देव सिंह, सीनियर सेक्शन इंजीनियर।