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Hisar News: ग्लैंडर्स संक्रमित की जांच के लिए पशुपालन विभाग की 6 टीम 5 किलोमीटर के क्षेत्र में करेंगी सैंपलिंग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Nov 2024 02:25 AM IST
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6 teams of the department will do sampling to check glanders infection
हिसार। जिले के गांव सुल्तानपुर में ग्लैंडर्स का केस मिलने के बाद पशुपालन विभाग ने अब स्क्रीनिंग अभियान शुरू किया है। जिसमें संक्रमण वाली जगह के 5 किलोमीटर के दायरे में अभियान चलाया जाएगा। इस दायरे के अंदर अश्व प्रजाति के सभी पशुओं की जांच होगी। पशुपालन विभाग ने इस जांच अभियान के लिए 6 टीमों का गठन किया है। ये टीमें 5 किलोमीटर का एरिया पूरा होने के बाद 25 किलोमीटर के दायरे में अश्व प्रजाति के पशुओं की सैंपलिंग करेंगी। दिवाली पर अवकाश होेने के चलते यह जांच अब शुरू हो सकी है। पशुपालन विभाग को एक महीने में यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
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दिवाली से पहले हांसी उपमंडल के गांव सुल्तानपुर में खच्चर ग्लैंडर्स पॉजिटिव पाया गया था। जिसके बाद पशुपालन विभाग ने एक विशेष दस्ते का गठन किया। इस टीम ने संक्रमित खच्चर को इंजेक्शन देकर मार दिया था। यह खच्चर पॉजिटिव मिलने के बाद पशुपालन विभाग ने अश्व प्रजाति के पशुओं में पाई जाने वाली जीवाणु जनित बीमारी ग्लैंडर्स को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। हिसार को अश्व प्रजाति के पशुओं में ग्लैंडर्स बीमारी से बचाव, नियंत्रण के लिए नियंत्रित क्षेत्र घोषित किया गया है तथा साथ ही घोड़े, गधे, खच्चर व अश्व प्रजाति के पशुओं की जिले से अन्य स्थान पर आवाजाही को पूर्ण प्रतिबंधित किया है। अश्व जाति के पशुओं की दौड़, मेले, प्रदर्शनी, खेल आदि का आयोजन और एकत्रित करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
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पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपनिदेशक डॉ. सुभाष चंद्र जांगड़ा ने बताया कि हांसी एरिया में यह केस सामने आने के बाद पशुपालन विभाग अलर्ट हो गया है। जो खच्चर संक्रमित पाया गया है उसके पालकों के सैंपल की भी जांच की जा रही है। अश्व प्रजाति के पशुओं की जांच के लिए पशुपालन विभाग ने 6 टीमें गठित कर दी है। ये टीमें एक माह के अंदर अपना यह जांच अभियान पूरा कर देंगी। बता दें कि ग्लैंडर्स का कोई उपचार नहीं है। इसमें पशु को मौत के घाट उतारा जाता है।
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