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हत्या कर शव जलाने वाले कपिल को उम्रकैद की सजा
Updated Sun, 06 May 2018 01:44 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने हत्या और शव खुर्द-बुर्द करने के जुर्म में गांव बुड़ाना के कपिल को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी को नौ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। कपिल को तीन मई को दोषी करार दिया गया था।
सिटी थाना पुलिस ने इस संबंध में 9 जून 2014 को केस दर्ज किया था। घटना के बाद टिब्बा दानाशेर का मंजीत कमरे से गायब मिला था और कमरे में खून बिखरा पड़ा था। उसकी लाइसेंसी बंदूक, रिवॉल्वर और जायलो कार भी गायब थी। घिराय गांव के विश्वजीत ने पुलिस को बयान दिए थे कि वह अपने चाचा मंजीत के पास टिब्बा दानाशेर में आया हुआ है। चाचा के पास एक लाइसेंसी बंदूक व एक रिवॉल्वर थे। वे कमरे में रखे थे। चाचा के मकान में बुड़ाना का कपिल पत्नी व बच्ची के साथ किरायेदार के तौर पर रहता है। मैं रात को खाना खाकर छत पर सो गया था। उस समय मंजीत व कपिल कमरे में शराब पी रहे थे। रात को मैंने एक युवक चाचा के कमरे से निकलकर जिंदल पार्क की तरफ जाते देखा था। मैं सुबह उठा तो चाचा घर में नहीं मिला और बंदूक, रिवॉल्वर और कार गायब थे। कपिल व एक अन्य ने मंजीत की हत्या कर शव कार में ले जाकर कहीं छुपा दिया है। सिटी थाना पुलिस हत्या और शव खुर्द-बुर्द करने का केस दर्ज किया था। इस मामले में अदालत ने तीन मई को कपिल को दोषी करार दिया था।
छह हुए थे बरी
अदालत ने रोहनात के सिकंदर, माजरा प्याऊ के जगबीर उर्फ काला, गुराना के नरेश, बुड़ाना के बिजेंद्र उर्फ भरथु, सिवानी बोलान के दयानंद और खरकड़ा के मंदीप को बरी कर दिया था।
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हिसार।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने हत्या और शव खुर्द-बुर्द करने के जुर्म में गांव बुड़ाना के कपिल को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी को नौ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। कपिल को तीन मई को दोषी करार दिया गया था।
सिटी थाना पुलिस ने इस संबंध में 9 जून 2014 को केस दर्ज किया था। घटना के बाद टिब्बा दानाशेर का मंजीत कमरे से गायब मिला था और कमरे में खून बिखरा पड़ा था। उसकी लाइसेंसी बंदूक, रिवॉल्वर और जायलो कार भी गायब थी। घिराय गांव के विश्वजीत ने पुलिस को बयान दिए थे कि वह अपने चाचा मंजीत के पास टिब्बा दानाशेर में आया हुआ है। चाचा के पास एक लाइसेंसी बंदूक व एक रिवॉल्वर थे। वे कमरे में रखे थे। चाचा के मकान में बुड़ाना का कपिल पत्नी व बच्ची के साथ किरायेदार के तौर पर रहता है। मैं रात को खाना खाकर छत पर सो गया था। उस समय मंजीत व कपिल कमरे में शराब पी रहे थे। रात को मैंने एक युवक चाचा के कमरे से निकलकर जिंदल पार्क की तरफ जाते देखा था। मैं सुबह उठा तो चाचा घर में नहीं मिला और बंदूक, रिवॉल्वर और कार गायब थे। कपिल व एक अन्य ने मंजीत की हत्या कर शव कार में ले जाकर कहीं छुपा दिया है। सिटी थाना पुलिस हत्या और शव खुर्द-बुर्द करने का केस दर्ज किया था। इस मामले में अदालत ने तीन मई को कपिल को दोषी करार दिया था।
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छह हुए थे बरी
अदालत ने रोहनात के सिकंदर, माजरा प्याऊ के जगबीर उर्फ काला, गुराना के नरेश, बुड़ाना के बिजेंद्र उर्फ भरथु, सिवानी बोलान के दयानंद और खरकड़ा के मंदीप को बरी कर दिया था।
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