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हिसार जिले में कोरोना काल में सबसे अधिक 379 संक्रमित मिले
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नागरिक अस्पताल में बने कोविड-19 ब्लॉक पर पुलिसकर्मी का सैंपल लेते एलटी राकेश कुमार।
- फोटो : Hisar
हिसार। जिले में अबकी बार कोरोना की लहर ने कोरोना आंकड़े मिलने का पिछले साल का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग के भी सभी संक्रमित मरीजों की हिस्ट्री जुटाने में पसीने छूट रहे हैं। वीरवार को 379 नए कोरोना संक्रमित मरीज मिले, जो पूरे कोरोना काल में एक दिन में सबसे अधिक संक्रमित मिलने का रिकॉर्ड है। इससे पहले 18 नवंबर 2020 को सबसे अधिक 351 केस मिले थे।
वीरवार को अचानक अधिक केस मिलने के कारण सीएमओ डॉ. रत्ना भारती ने विभागीय अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक की। बैठक में सीएमओ ने कोरोना को लेकर वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और पूछताछ की कि हमारे पास कितना स्टाफ है और कितने स्टाफ की जरूरत है। इसके अलावा कोरोना से निपटने के लिए मास्क, पीपीई किट एवं दवा का कितना भंडारण है। इस बारे में जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए, ताकि इसकी मांग उच्च अधिकारियों को भेजी जा सके। कोरोना मरीजों का 300 का आंकड़ा पार करने पर स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से निपटने के लिए जिला प्रशासन से और स्टाफ की मांग की है। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से भी अध्यापक एवं एलटी सहित अन्य स्टाफ जल्द देने का आश्वासन दिया है। वैसे भी अब एक माह तक स्कूल बंद है तो अध्यापकों की ड्यूटी स्वास्थ्य विभाग में लगाई जाएगी। इससे विभाग को काफी आसानी होगी। इसके अलावा विभाग ने सैंपलिंग को बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन से 15 एलटी की भी मांग रखी है।
आयुष विभाग से 18 एएमओ मिले
आयुष विभाग की तरफ से स्वास्थ्य विभाग को 18 आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर मिले हैं। ये सभी एएमओ संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों की हिस्ट्री जुटाने का काम करेंगे। विभाग ने इनमें से 5 एएमओ की ड्यूटी हांसी में लगाई है और 13 की ड्यूटी हिसार में लगाई है।
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वॉर रूम और हेल्पलाइन नंबर भी दोबारा होंगे शुरू
अब आईडीएसपी विभाग कोरोना से निपटने के लिए एक बार फिर से पहले की तरह वॉर रूम और हेल्पलाइन नंबर की सुविधा शुरू करेगा। वॉर रूम में कोरोना मरीजों की पॉजिटिव रिपोर्ट एवं हिस्ट्री से लेकर सभी व्यवस्था उपलब्ध होगी। हेल्पलाइन नंबर के जरिये कोई भी संक्रमित मरीज होम आइसोलेट के दौरान किसी भी जरूरत या पूछताछ के लिए फोन कर सकता है। इसके बाद मरीज को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
कमरे खाली करवाने के लिए लिखा पत्र
आईडीएसपी प्रभारी डिप्टी सीएमओ डॉ. अनामिका बिश्नोई ने मलेरिया विभाग में बने फूड एंड ड्रग विभाग के अधिकारियों को कार्यालय के सभी कमरे खाली करने के लिए सीएमओ एवं जिला उपायुक्त को पत्र लिखा है। फूड एंड ड्रग्स विभाग ने मलेरिया विभाग के सात से आठ कमरों पर कब्जा किया हुआ है, जो पिछले साल ही खाली होने थे, मगर अभी तक नहीं हो पाए हैं। इस कारण विभाग ने सभी कमरे खाली करवाने के लिए पत्र भेजा है, क्योंकि केस बढ़ गए हैं और टीम को बैठाने के लिए जगह की भी आवश्यकता होगी। इसके बाद सभी टीमों को कार्यभार सौंपा जाएगा।
सैंपलिंग बढ़ाने को लेकर बनाई जा रही योजना
डिप्टी सीएमओ डॉ. अनामिका बिश्नोई ने बताया कि सैंपलिंग बढ़ाने को लेकर अभी उनकी ओर से योजना के लिए रूपरेखा बनाई जा रही है। फील्ड में सैंपलिंग बढ़ाने के लिए सीएचसी-पीएचसी से लेकर अस्पतालों में अलग से 30 टीमें बनाई जाएंगी, जो जगह-जगह से सैंपल लेंगी। शहर में संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों के सैंपल लेने के लिए अलग से पांच फील्ड टीम होंगी।
स्टाफ की कमी से आ रही समस्या
विभाग के पास स्टाफ की काफी कमी है, जिस कारण सभी मरीजों की हिस्ट्री जुटाने, संपर्क में आए लोगों की जानकारी लेने, होम आइसोलेट वालों की मॉनीटरिंग करने से लेकर कंटेनमेंट जोन तक की सभी व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। इनके लिए ज्यादातर कंप्यूटर एवं डाटा ऑपरेटर की बेहद आवश्यकता है। इनके बिना सभी मरीजों की समय पर एंट्री भी नहीं हो पा रही है।
डॉ. अनामिका बिश्नोई को सौंपा अतिरिक्त कार्यभार
सीएमओ ने आईडीएसपी विभाग का अतिरिक्त कार्यभार डिप्टी सीएमओ डॉ. अनामिका बिश्नोई को सौंपा है, ताकि टीम का हौसला बढ़े और उनकी देखरेख में टीम अच्छा काम कर सके। डिप्टी सीएमओ डॉ. जया गोयल द्वारा काफी दिनों से छुट्टी के चलते यह फैसला लिया है, क्योंकि उनके बाद संभालने वाला कोई नहीं था और नोडल अधिकारी डॉ. सुभाष खटरेजा भी उपचाराधीन हैं।
मलेरिया विभाग में रिपोर्ट के लिए लगी भीड़
इधर, कोविड-19 टेस्ट करवाने के बाद मरीजों को समय पर रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है और न ही उनके पास कोई मैसेज जा रहा है। इस कारण ज्यादातर मरीज रिपोर्ट लेने के लिए मलेरिया विभाग में पहुंच रहे हैं। वीरवार को रिपोर्ट लेने वाले मरीजों की काफी भीड़ नजर आई। ऐसे में विभाग में कार्यरत अन्य कर्मियों एवं लोगों में संक्रमण फैलने की आशंका हो सकती है, क्योंकि रिपोर्ट के बिना उनका यह भी नहीं पता कि वह पॉजिटिव है या निगेटिव।
संक्रमितों में 56 विद्यार्थी
विभाग द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार 56 विद्यार्थी, 35 गृहणियां, मंडी आदमपुर के पॉलिटेक्निकल कॉलेज के अध्यापक सहित 12 अध्यापक, लुवास का वैज्ञानिक, चार बैंक कर्मी, 3 से 5 वर्षीय तीन बच्चे, मेडिकल कॉलेज की दो स्टाफ, छात्र, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, पीएनबी का सहायक प्रबंधक, एचएयू का सहायक प्रोफेसर, प्रोफेसर, गुरुग्राम का टाउन प्लानर, चार चिकित्सक, इंजीनियर, आईटी इंजीनियर, एसबीआई का कर्मी, नागरिक अस्पताल का कर्मी, वकील, जीजेयू से दो कुक, रेलवे का स्टाफ, सेक्टर 9-11 का कोच, भिवानी के सहायक स्टैटिकल एवं कुछ भारतीय सेना के जवान सहित में शामिल हैं। नहीं में 89 अज्ञात भी मिले हैं।
स्टाफ कम है
जिला प्रशासन से स्टाफ की मांग की गई है। अब स्टाफ के मिलने की उम्मीद है। उपायुक्त ने सहयोग के लिए कुछ अध्यापक देने का आश्वासन दिया है। जब तक स्कूल बंद रहेंगे, तब तक अध्यापकों की मदद ली जा सकेगी। हमारी ओर से 15 एलटी की मांग भी की गई है।
-डॉ. रत्ना भारती, सिविल सर्जन, हिसार।
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वीरवार को अचानक अधिक केस मिलने के कारण सीएमओ डॉ. रत्ना भारती ने विभागीय अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक की। बैठक में सीएमओ ने कोरोना को लेकर वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और पूछताछ की कि हमारे पास कितना स्टाफ है और कितने स्टाफ की जरूरत है। इसके अलावा कोरोना से निपटने के लिए मास्क, पीपीई किट एवं दवा का कितना भंडारण है। इस बारे में जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए, ताकि इसकी मांग उच्च अधिकारियों को भेजी जा सके। कोरोना मरीजों का 300 का आंकड़ा पार करने पर स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना से निपटने के लिए जिला प्रशासन से और स्टाफ की मांग की है। ऐसे में जिला प्रशासन की ओर से भी अध्यापक एवं एलटी सहित अन्य स्टाफ जल्द देने का आश्वासन दिया है। वैसे भी अब एक माह तक स्कूल बंद है तो अध्यापकों की ड्यूटी स्वास्थ्य विभाग में लगाई जाएगी। इससे विभाग को काफी आसानी होगी। इसके अलावा विभाग ने सैंपलिंग को बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन से 15 एलटी की भी मांग रखी है।
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आयुष विभाग से 18 एएमओ मिले
आयुष विभाग की तरफ से स्वास्थ्य विभाग को 18 आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर मिले हैं। ये सभी एएमओ संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों की हिस्ट्री जुटाने का काम करेंगे। विभाग ने इनमें से 5 एएमओ की ड्यूटी हांसी में लगाई है और 13 की ड्यूटी हिसार में लगाई है।
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वॉर रूम और हेल्पलाइन नंबर भी दोबारा होंगे शुरू
अब आईडीएसपी विभाग कोरोना से निपटने के लिए एक बार फिर से पहले की तरह वॉर रूम और हेल्पलाइन नंबर की सुविधा शुरू करेगा। वॉर रूम में कोरोना मरीजों की पॉजिटिव रिपोर्ट एवं हिस्ट्री से लेकर सभी व्यवस्था उपलब्ध होगी। हेल्पलाइन नंबर के जरिये कोई भी संक्रमित मरीज होम आइसोलेट के दौरान किसी भी जरूरत या पूछताछ के लिए फोन कर सकता है। इसके बाद मरीज को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
कमरे खाली करवाने के लिए लिखा पत्र
आईडीएसपी प्रभारी डिप्टी सीएमओ डॉ. अनामिका बिश्नोई ने मलेरिया विभाग में बने फूड एंड ड्रग विभाग के अधिकारियों को कार्यालय के सभी कमरे खाली करने के लिए सीएमओ एवं जिला उपायुक्त को पत्र लिखा है। फूड एंड ड्रग्स विभाग ने मलेरिया विभाग के सात से आठ कमरों पर कब्जा किया हुआ है, जो पिछले साल ही खाली होने थे, मगर अभी तक नहीं हो पाए हैं। इस कारण विभाग ने सभी कमरे खाली करवाने के लिए पत्र भेजा है, क्योंकि केस बढ़ गए हैं और टीम को बैठाने के लिए जगह की भी आवश्यकता होगी। इसके बाद सभी टीमों को कार्यभार सौंपा जाएगा।
सैंपलिंग बढ़ाने को लेकर बनाई जा रही योजना
डिप्टी सीएमओ डॉ. अनामिका बिश्नोई ने बताया कि सैंपलिंग बढ़ाने को लेकर अभी उनकी ओर से योजना के लिए रूपरेखा बनाई जा रही है। फील्ड में सैंपलिंग बढ़ाने के लिए सीएचसी-पीएचसी से लेकर अस्पतालों में अलग से 30 टीमें बनाई जाएंगी, जो जगह-जगह से सैंपल लेंगी। शहर में संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों के सैंपल लेने के लिए अलग से पांच फील्ड टीम होंगी।
स्टाफ की कमी से आ रही समस्या
विभाग के पास स्टाफ की काफी कमी है, जिस कारण सभी मरीजों की हिस्ट्री जुटाने, संपर्क में आए लोगों की जानकारी लेने, होम आइसोलेट वालों की मॉनीटरिंग करने से लेकर कंटेनमेंट जोन तक की सभी व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। इनके लिए ज्यादातर कंप्यूटर एवं डाटा ऑपरेटर की बेहद आवश्यकता है। इनके बिना सभी मरीजों की समय पर एंट्री भी नहीं हो पा रही है।
डॉ. अनामिका बिश्नोई को सौंपा अतिरिक्त कार्यभार
सीएमओ ने आईडीएसपी विभाग का अतिरिक्त कार्यभार डिप्टी सीएमओ डॉ. अनामिका बिश्नोई को सौंपा है, ताकि टीम का हौसला बढ़े और उनकी देखरेख में टीम अच्छा काम कर सके। डिप्टी सीएमओ डॉ. जया गोयल द्वारा काफी दिनों से छुट्टी के चलते यह फैसला लिया है, क्योंकि उनके बाद संभालने वाला कोई नहीं था और नोडल अधिकारी डॉ. सुभाष खटरेजा भी उपचाराधीन हैं।
मलेरिया विभाग में रिपोर्ट के लिए लगी भीड़
इधर, कोविड-19 टेस्ट करवाने के बाद मरीजों को समय पर रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है और न ही उनके पास कोई मैसेज जा रहा है। इस कारण ज्यादातर मरीज रिपोर्ट लेने के लिए मलेरिया विभाग में पहुंच रहे हैं। वीरवार को रिपोर्ट लेने वाले मरीजों की काफी भीड़ नजर आई। ऐसे में विभाग में कार्यरत अन्य कर्मियों एवं लोगों में संक्रमण फैलने की आशंका हो सकती है, क्योंकि रिपोर्ट के बिना उनका यह भी नहीं पता कि वह पॉजिटिव है या निगेटिव।
संक्रमितों में 56 विद्यार्थी
विभाग द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार 56 विद्यार्थी, 35 गृहणियां, मंडी आदमपुर के पॉलिटेक्निकल कॉलेज के अध्यापक सहित 12 अध्यापक, लुवास का वैज्ञानिक, चार बैंक कर्मी, 3 से 5 वर्षीय तीन बच्चे, मेडिकल कॉलेज की दो स्टाफ, छात्र, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, पीएनबी का सहायक प्रबंधक, एचएयू का सहायक प्रोफेसर, प्रोफेसर, गुरुग्राम का टाउन प्लानर, चार चिकित्सक, इंजीनियर, आईटी इंजीनियर, एसबीआई का कर्मी, नागरिक अस्पताल का कर्मी, वकील, जीजेयू से दो कुक, रेलवे का स्टाफ, सेक्टर 9-11 का कोच, भिवानी के सहायक स्टैटिकल एवं कुछ भारतीय सेना के जवान सहित में शामिल हैं। नहीं में 89 अज्ञात भी मिले हैं।
स्टाफ कम है
जिला प्रशासन से स्टाफ की मांग की गई है। अब स्टाफ के मिलने की उम्मीद है। उपायुक्त ने सहयोग के लिए कुछ अध्यापक देने का आश्वासन दिया है। जब तक स्कूल बंद रहेंगे, तब तक अध्यापकों की मदद ली जा सकेगी। हमारी ओर से 15 एलटी की मांग भी की गई है।
-डॉ. रत्ना भारती, सिविल सर्जन, हिसार।

नागरिक अस्पताल में महिला को टीका लगातीं स्टाफ नर्स।- फोटो : Hisar