फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   स्वामी रामदेव के केस में ट्रांसफर एप्लीकेशन खारिज

स्वामी रामदेव के केस में ट्रांसफर एप्लीकेशन खारिज

Sat, 20 Apr 2019 12:20 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 20 Apr 2019 12:20 AM IST
विज्ञापन
स्वामी रामदेव के केस में ट्रांसफर एप्लीकेशन खारिज
हिसार। स्वामी रामदेव मामले में ट्रांसफर एप्लीकेशन में शुक्रवार को सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार सिंघल की अदालत में स्वामी रामदेव की तरफ से उनके वकील लाल बहादुर खोवाल पेश हुए। ट्रांसफर एप्लीकेशन पर बहस सुनने के बाद सत्र न्यायाधीश ने एडवोकेट रजत कल्सन की ट्रांसफर एप्लीकेशन खारिज कर दी। अब यह मामला एडीजे सीमा सिंगल की अदालत में ही चलेगा, जो पहले से ही सात मई 2019 के लिए तय है।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि इस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश आरके जैन ने बहस सुनने के बाद फैसले के लिए 11 अप्रैल 2019 की तारीख तय की थी। इसी दौरान शिकायतकर्ता एडवोकेट रजत कल्सन ने सत्र न्यायाधीश अरुण कुमार सिंगल की कोर्ट में केस ट्रांसफर की दरखास्त दी थी और कहा था कि यह केस एससी-एसटी की स्पेशल कोर्ट में ट्रांसफर किया जाए। स्वामी रामदेव की तरफ से उनके वकील लाल बहादुर खोवाल ने उनका पक्ष रखते हुए बहस की थी कि जिन धाराओं में केस डाला गया है, उनमें केस डालने से पहले शिकायतकर्ता को धारा 196 सीआरपीसी के तहत सरकार से अनुमति लेनी होती हैं, जो इस केस में नहीं ली गई। इसके अलावा शुक्रवार को खोवाल ने कहा कि यह केस ट्रांसफर नहीं किया जा सकता और न ही ऐसा कानून में कोई प्रावधान है। खोवाल ने कहा कि एक बार केस अलॉट होने के बाद ज्यूडीशियल ग्राउंड पर दूसरी अदालत में ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है। इसलिए ट्रांसफर एप्लीकेशन खारिज की जाए। एडवोकेट रजत कल्सन ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद अदालत में इस्तगासा दायर किया था, जिसमें कहा था कि स्वामी रामदेव ने लखनऊ में एक जनसभा में राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के बारे में बोलते हुए अनुसूचित जाति के लोगों पर टिप्पणी की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed