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मेरठ की टीम पहुंची , आज से शुरू होगा बंदर पकडो अभियान
Updated Sat, 21 Oct 2017 11:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
नगर निगम एरिया में सद्भावना संस्था की ओर से रविवार से बंदर पकड़ो अभियान शुरू किया जाएगा। मेरठ की एक टीम बंदर पकड़ने के लिए शनिवार को हिसार पहुंच गई है। टीम रविवार शहरी एरिया का पहले ही सर्वे कर चुकी है।
सद्भावना संस्था की ओर से रविवार को सेक्टर-13, सेक्टर-16-17, मॉडल टाउन एरिया में बंदर पकड़ने का अभियान शुरू किया जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ता अमित ग्रोवर ने बताया कि बंदरों को पकड़ने वाली मथुुरा की टीम को सेक्टर व इसके आसपास के एरिया का सर्वे करवाया गया था। टीम अपने साथ कुछ पिंजरे लेकर पहुंची है। इस टीम के रहने और खाने का खर्च भी संस्था वहन करेगी। इसके अलावा बंदरों से शहर से यमुनानगर क्लेसर के जंगलों तक पहुंचाने के लिए भी व्यवस्था की जाएगी। नगर निगम हर बार बंदर पकड़वाने को लेकर खानापूर्ति करता है। शहर में हजारों की संख्या में बंदर है, लेकिन हर बार 200 या इससे कम बंदर पकड़वाने के बाद एजेंसी को और बंदर पकड़ने से रोक देता है। पिछले महीने बंदरों ने मिलगेट एरिया में एक साथ तीन बच्चों को बुरी तरह से काट खाया था। छोटे बच्चे बंदरों के आतंक के कारण छतों पर भी नहीं जा पाते। बंदरों के काटने के हर रोज दो से तीन मामले आ रहे हैं।
एक हजार से अधिक आएगा खर्च
निगम की ओर से टेंडर लगाए जाने के बाद भी किसी एजेंसी ने आवेदन नहीं किया। निगम की पेमेंट न करने की फितरत अथवा मामला उलझाने के चक्कर में कोई एजेंसी टेंडर लेने के लिए तैयार नहीं। सद्भावना संस्था ने खुद अपने स्तर पर वन्य प्राणी विभाग से बंदर पकड़ने के लिए एनओसी ली है। संस्था को एक बंदर पकड़वाकर उसे यमुनानगर तक भेजने में 1 हजार से 1200 रुपये खर्च आने का अनुमान लगाया गया है।
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वीडियोग्राफी कराएगी संस्था
बंदर को पकड़ने की पूरी वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसके बाद बंदरों को यमुनानगर के जंगलों में छोड़ने की भी मोबाइल से रिकॉर्डिंग की जाएगी। संस्था के पदाधिकारी यह पूरा वीडियो तैयार करेंगे। बंदरों को पकड़ने के लिए आम नागरिकों से भी सहयोग मांगेंगे।
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हिसार।
नगर निगम एरिया में सद्भावना संस्था की ओर से रविवार से बंदर पकड़ो अभियान शुरू किया जाएगा। मेरठ की एक टीम बंदर पकड़ने के लिए शनिवार को हिसार पहुंच गई है। टीम रविवार शहरी एरिया का पहले ही सर्वे कर चुकी है।
सद्भावना संस्था की ओर से रविवार को सेक्टर-13, सेक्टर-16-17, मॉडल टाउन एरिया में बंदर पकड़ने का अभियान शुरू किया जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ता अमित ग्रोवर ने बताया कि बंदरों को पकड़ने वाली मथुुरा की टीम को सेक्टर व इसके आसपास के एरिया का सर्वे करवाया गया था। टीम अपने साथ कुछ पिंजरे लेकर पहुंची है। इस टीम के रहने और खाने का खर्च भी संस्था वहन करेगी। इसके अलावा बंदरों से शहर से यमुनानगर क्लेसर के जंगलों तक पहुंचाने के लिए भी व्यवस्था की जाएगी। नगर निगम हर बार बंदर पकड़वाने को लेकर खानापूर्ति करता है। शहर में हजारों की संख्या में बंदर है, लेकिन हर बार 200 या इससे कम बंदर पकड़वाने के बाद एजेंसी को और बंदर पकड़ने से रोक देता है। पिछले महीने बंदरों ने मिलगेट एरिया में एक साथ तीन बच्चों को बुरी तरह से काट खाया था। छोटे बच्चे बंदरों के आतंक के कारण छतों पर भी नहीं जा पाते। बंदरों के काटने के हर रोज दो से तीन मामले आ रहे हैं।
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एक हजार से अधिक आएगा खर्च
निगम की ओर से टेंडर लगाए जाने के बाद भी किसी एजेंसी ने आवेदन नहीं किया। निगम की पेमेंट न करने की फितरत अथवा मामला उलझाने के चक्कर में कोई एजेंसी टेंडर लेने के लिए तैयार नहीं। सद्भावना संस्था ने खुद अपने स्तर पर वन्य प्राणी विभाग से बंदर पकड़ने के लिए एनओसी ली है। संस्था को एक बंदर पकड़वाकर उसे यमुनानगर तक भेजने में 1 हजार से 1200 रुपये खर्च आने का अनुमान लगाया गया है।
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वीडियोग्राफी कराएगी संस्था
बंदर को पकड़ने की पूरी वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसके बाद बंदरों को यमुनानगर के जंगलों में छोड़ने की भी मोबाइल से रिकॉर्डिंग की जाएगी। संस्था के पदाधिकारी यह पूरा वीडियो तैयार करेंगे। बंदरों को पकड़ने के लिए आम नागरिकों से भी सहयोग मांगेंगे।