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Hisar News: योग साइंस एंड थैरेपी कोर्स में 20 सीटें बढ़ीं
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हिसार। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय (जीजेयू ) ने अकादमिक सत्र 2025-26 से इंटीग्रेटेड बीएससी (ऑनर्स/ऑनर्स विद रिसर्च)-एमएससी योगा साइंस एंड थैरेपी में सीटों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने विभागाध्यक्ष, योग साइंस के सुझाव पर 20 नई सीटें बढ़ाने की स्वीकृति दी है। विवि प्रशासन के इस फैसले से 20 और अधिक विद्यार्थियों को योगा साइंस एंड थैरेपी में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
पहले इस कोर्स में 50 सीटें उपलब्ध थीं, जिन्हें बढ़ाकर अब 70 कर दिया गया है। ये सभी सीटें निर्धारित शेड्यूल के अनुसार काउंसिलिंग प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों को ऑफर की जाएंगीं। विवि में अभी भी कई विभागों में सीटें खाली हैं। इसको लेकर विवि प्रशासन विभागों में काउंसिलिंग भी करवा रहा है।
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नई सीटों का वितरण भी विश्वविद्यालय की आरक्षण नीति के अनुरूप किया गया है। इनमें 15 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया कैटेगरी, 10 प्रतिशत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), 10 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओएससी), 20 प्रतिशत अनुसूचित जाति, 16 प्रतिशत बीसी-ए, 11 प्रतिशत बीसी-बी और 3 प्रतिशत सीटें शारीरिक रूप से दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित की गई हैं।
अनुसूचित जाति वर्ग की कुल सीटों में से आधी सीटें वंचित अनुसूचित जाति (डीएससी) और आधी सीटें अन्य एससी उम्मीदवारों के लिए निर्धारित होंगी। इसके अलावा सीट मैट्रिक्स में किसी भी प्रकार का बदलाव आगामी सत्र 2026-27 से रोटेशन आधार पर किया जाएगा।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने विभागाध्यक्ष, योग साइंस के सुझाव पर 20 नई सीटें बढ़ाने की स्वीकृति दी है। विवि प्रशासन के इस फैसले से 20 और अधिक विद्यार्थियों को योगा साइंस एंड थैरेपी में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
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पहले इस कोर्स में 50 सीटें उपलब्ध थीं, जिन्हें बढ़ाकर अब 70 कर दिया गया है। ये सभी सीटें निर्धारित शेड्यूल के अनुसार काउंसिलिंग प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों को ऑफर की जाएंगीं। विवि में अभी भी कई विभागों में सीटें खाली हैं। इसको लेकर विवि प्रशासन विभागों में काउंसिलिंग भी करवा रहा है।
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नई सीटों का वितरण भी विश्वविद्यालय की आरक्षण नीति के अनुरूप किया गया है। इनमें 15 प्रतिशत सीटें ऑल इंडिया कैटेगरी, 10 प्रतिशत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), 10 प्रतिशत अन्य पिछड़ा वर्ग (ओएससी), 20 प्रतिशत अनुसूचित जाति, 16 प्रतिशत बीसी-ए, 11 प्रतिशत बीसी-बी और 3 प्रतिशत सीटें शारीरिक रूप से दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आरक्षित की गई हैं।
अनुसूचित जाति वर्ग की कुल सीटों में से आधी सीटें वंचित अनुसूचित जाति (डीएससी) और आधी सीटें अन्य एससी उम्मीदवारों के लिए निर्धारित होंगी। इसके अलावा सीट मैट्रिक्स में किसी भी प्रकार का बदलाव आगामी सत्र 2026-27 से रोटेशन आधार पर किया जाएगा।