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रिहायशी कॉलोनी को बना दिया कॉमर्शियल
Updated Mon, 27 Nov 2017 12:50 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
जीजेयू के सामने विकास नगर के 80 के करीब प्लॉट धारकों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आर्थिक अपराध शाखा ने जांच शुरू कर दी है। अपराध शाखा ने सभी प्लॉट धारकों को नोटिस भेजे हैं। नोटिस से प्लॉट धारकों को रजिस्ट्री और नक्शा जमा करवाने के लिए कहा गया है। इतना ही नहीं नोटिस के माध्यम सेम प्लॉट धारकों को दो दिन का समय दिया गया है। अगर दो दिन तक रजिस्ट्री और नक्शा इकॉनोमिक सेल में जमा नहीं करवाया गया तो इस मामले में प्लॉट धारक स्वयं जिम्मेदार होंगे।
फरवरी में दर्ज हुआ था केस
मामले में सिटी पुलिस ने फरवरी में केस दर्ज किया था। पुलिस ने 80 के करीब लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। मामले की शिकायत टाउन प्लानर की तरफ से एसपी हिसार से की गई थी। एसपी ने इस मामले में 70 लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मामले की जांच पड़ाव चौकी पुलिस को दी गई थी। बाद में यह केस इकॉनोमिक सेल में ट्रांसफर हो गया।
यह था मामला
जीजेयू के सामने स्थित विकास नगर में वर्ष 1987 में गजेटेड ऑफिसर्स हाउस कॉरपोरेशन हाउस बिल्डिंग सोसायटी को गवर्नमेंट टाउन एंड कंट्री प्लानिंग द्वारा लाइसेंस दिया गया था। 34 एकड़ जमीन पर सोसायटी को प्लॉट काटे गए थे। सोसायटी ने एक बार लाइसेंस वर्ष 1993 तक रिन्यू करवा लिया। मगर इसके बाद लाइसेंस रिन्यू नहीं करवाया गया। जिन्होंने ये प्लॉट लिए, उन्हें आगे बेच दिया गया। यानी इसी दौरान प्लॉट थर्ड पार्टी को बेच दिए गए। थर्ड पार्टी ने इन प्लॉटों पर गैर रिहायशी बिल्डिंग बना ली गई। अधिकतर प्लॉट पर कॉमर्शियल यूज को लेकर बिल्डिंग बनाई हुई हैं। हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरिया एक्ट 1975 के तहत केस दर्ज किया था।
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हिसार।
जीजेयू के सामने विकास नगर के 80 के करीब प्लॉट धारकों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आर्थिक अपराध शाखा ने जांच शुरू कर दी है। अपराध शाखा ने सभी प्लॉट धारकों को नोटिस भेजे हैं। नोटिस से प्लॉट धारकों को रजिस्ट्री और नक्शा जमा करवाने के लिए कहा गया है। इतना ही नहीं नोटिस के माध्यम सेम प्लॉट धारकों को दो दिन का समय दिया गया है। अगर दो दिन तक रजिस्ट्री और नक्शा इकॉनोमिक सेल में जमा नहीं करवाया गया तो इस मामले में प्लॉट धारक स्वयं जिम्मेदार होंगे।
फरवरी में दर्ज हुआ था केस
मामले में सिटी पुलिस ने फरवरी में केस दर्ज किया था। पुलिस ने 80 के करीब लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। मामले की शिकायत टाउन प्लानर की तरफ से एसपी हिसार से की गई थी। एसपी ने इस मामले में 70 लोगों पर नामजद मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद मामले की जांच पड़ाव चौकी पुलिस को दी गई थी। बाद में यह केस इकॉनोमिक सेल में ट्रांसफर हो गया।
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यह था मामला
जीजेयू के सामने स्थित विकास नगर में वर्ष 1987 में गजेटेड ऑफिसर्स हाउस कॉरपोरेशन हाउस बिल्डिंग सोसायटी को गवर्नमेंट टाउन एंड कंट्री प्लानिंग द्वारा लाइसेंस दिया गया था। 34 एकड़ जमीन पर सोसायटी को प्लॉट काटे गए थे। सोसायटी ने एक बार लाइसेंस वर्ष 1993 तक रिन्यू करवा लिया। मगर इसके बाद लाइसेंस रिन्यू नहीं करवाया गया। जिन्होंने ये प्लॉट लिए, उन्हें आगे बेच दिया गया। यानी इसी दौरान प्लॉट थर्ड पार्टी को बेच दिए गए। थर्ड पार्टी ने इन प्लॉटों पर गैर रिहायशी बिल्डिंग बना ली गई। अधिकतर प्लॉट पर कॉमर्शियल यूज को लेकर बिल्डिंग बनाई हुई हैं। हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरिया एक्ट 1975 के तहत केस दर्ज किया था।
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