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कोर्ट परिसर में मर्डर करने पर विनोद काणा का गुर्गा दोषी करार, सजा 6 को
Updated Fri, 02 Mar 2018 12:24 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने कोर्ट परिसर में पेटवाड़ के संदीप उर्फ बच्ची की हत्या करने पर बालसमंद के साजिद खान को दोषी करार दिया है। अदालत उसे छह मार्च को सजा सुनाएगी। इस मामले में साजिश रचने का आरोपी थुराना का विनोद काणा और हत्या का आरोपी बालसमंद का अरविंद पंडित बाद में गिरफ्तार हुए थे। उनका केस अलग से विचाराधीन है।
सिविल लाइन पुलिस ने इस संबंध में 14 मई 2015 को केस दर्ज किया था। घटना वाले दिन एएसआई गुलबीर अन्य मुलाजिमों के साथ पेटवाड़ के संदीप उर्फ बच्ची को कस्टडी में कोर्ट में पेश करके लौट रहे थे। कोर्ट के हॉल वाले गेट और वीटा बूथ के बीच बालसमंद के साजिद ने बच्ची को गोलियां मारकर ढेर कर दिया था। पुलिस पार्टी ने गोलियां बरसाने वाले को पकड़ने का प्रयास किया तो उसने फिर गोली चला दी थी। एक गोली एएसआई गुलबीर के हाथ में लगी थी। पुलिसकर्मियों ने साजिद खान को पिस्तौल समेत काबू किया था। पुलिसकर्मी एक जिप्सी में एएसआई गुलबीर और बच्ची को सिविल अस्पताल में ले गए थे। वहां बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया था।
अरविंद ने साजिद को दूर से दिखाया था बच्ची
सिविल लाइन पुलिस ने हत्या, हत्या प्रयास, सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस पूछताछ में साजिद ने बताया था कि उनके गांव का अरविंद पंडित वारदात के समय कोर्ट परिसर में ही मौजूद था। पुलिसकर्मी कस्टडी में बच्ची को ला रहे थे। अरविंद ने दूर से इशारा कर बताया था कि वो बच्ची है। उसे निशाना बनाना है। फिर अरविंद दूर चला गया था और मैंने बच्ची को गोलियां मारकर ढेर कर दिया था। तब पुलिस को अरविंद पंडित की संलिप्तता का पता चला था। साजिद ने बताया था कि अरविंद गैंगस्टर विनोद काणा के लिए काम करता है। अरविंद ने उसे गैंग में शामिल करने और काणा से मिलाने की बात कहकर हत्या करने के लिए तैयार किया था।
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काणा और अजीत थुराना की है दुश्मनी
थुराना गांव के विनोद काणा और अजीत थुराना की दुश्मनी है। वे पहले एक अखाड़े में कुश्ती खेलते थे और फिर एक-दूसरे के दुश्मन बन गए थे। अखाड़े से शुरू हुई दुश्मनी के कारण कई युवक जान गवां चुके हैं। काणा ने शहर से बाहर रहकर थुराना गैंग के बच्ची को कोर्ट परिसर में मरवा डाला था। इतना ही नहीं बिट्टू पहलवान व एक अन्य की मदनहेड़ी में हुई हत्या में भी काणा गैंग का नाम सामने आया था।
काणा और अरविंद का केस अलग विचाराधीन
गैंगस्टर काणा भूमिगत होकर थुराना गैंग के सदस्यों को ठिकाने लगवा रहा था। गुरुग्राम पुलिस ने बालसमंद के अरविंद पंडित को गुरुग्राम में पकड़ा था। इसके अलावा झज्जर पुलिस ने विनोद काणा को करीब चार महीने पहले झज्जर एरिया में गिरफ्तार किया था। काणा पर षड्यंत्र रचने का आरोप है। काणा और अरविंद पर यह मुकदमा अलग से विचाराधीन है।
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हिसार।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पराशर की अदालत ने कोर्ट परिसर में पेटवाड़ के संदीप उर्फ बच्ची की हत्या करने पर बालसमंद के साजिद खान को दोषी करार दिया है। अदालत उसे छह मार्च को सजा सुनाएगी। इस मामले में साजिश रचने का आरोपी थुराना का विनोद काणा और हत्या का आरोपी बालसमंद का अरविंद पंडित बाद में गिरफ्तार हुए थे। उनका केस अलग से विचाराधीन है।
सिविल लाइन पुलिस ने इस संबंध में 14 मई 2015 को केस दर्ज किया था। घटना वाले दिन एएसआई गुलबीर अन्य मुलाजिमों के साथ पेटवाड़ के संदीप उर्फ बच्ची को कस्टडी में कोर्ट में पेश करके लौट रहे थे। कोर्ट के हॉल वाले गेट और वीटा बूथ के बीच बालसमंद के साजिद ने बच्ची को गोलियां मारकर ढेर कर दिया था। पुलिस पार्टी ने गोलियां बरसाने वाले को पकड़ने का प्रयास किया तो उसने फिर गोली चला दी थी। एक गोली एएसआई गुलबीर के हाथ में लगी थी। पुलिसकर्मियों ने साजिद खान को पिस्तौल समेत काबू किया था। पुलिसकर्मी एक जिप्सी में एएसआई गुलबीर और बच्ची को सिविल अस्पताल में ले गए थे। वहां बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया था।
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अरविंद ने साजिद को दूर से दिखाया था बच्ची
सिविल लाइन पुलिस ने हत्या, हत्या प्रयास, सरकारी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस पूछताछ में साजिद ने बताया था कि उनके गांव का अरविंद पंडित वारदात के समय कोर्ट परिसर में ही मौजूद था। पुलिसकर्मी कस्टडी में बच्ची को ला रहे थे। अरविंद ने दूर से इशारा कर बताया था कि वो बच्ची है। उसे निशाना बनाना है। फिर अरविंद दूर चला गया था और मैंने बच्ची को गोलियां मारकर ढेर कर दिया था। तब पुलिस को अरविंद पंडित की संलिप्तता का पता चला था। साजिद ने बताया था कि अरविंद गैंगस्टर विनोद काणा के लिए काम करता है। अरविंद ने उसे गैंग में शामिल करने और काणा से मिलाने की बात कहकर हत्या करने के लिए तैयार किया था।
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काणा और अजीत थुराना की है दुश्मनी
थुराना गांव के विनोद काणा और अजीत थुराना की दुश्मनी है। वे पहले एक अखाड़े में कुश्ती खेलते थे और फिर एक-दूसरे के दुश्मन बन गए थे। अखाड़े से शुरू हुई दुश्मनी के कारण कई युवक जान गवां चुके हैं। काणा ने शहर से बाहर रहकर थुराना गैंग के बच्ची को कोर्ट परिसर में मरवा डाला था। इतना ही नहीं बिट्टू पहलवान व एक अन्य की मदनहेड़ी में हुई हत्या में भी काणा गैंग का नाम सामने आया था।
काणा और अरविंद का केस अलग विचाराधीन
गैंगस्टर काणा भूमिगत होकर थुराना गैंग के सदस्यों को ठिकाने लगवा रहा था। गुरुग्राम पुलिस ने बालसमंद के अरविंद पंडित को गुरुग्राम में पकड़ा था। इसके अलावा झज्जर पुलिस ने विनोद काणा को करीब चार महीने पहले झज्जर एरिया में गिरफ्तार किया था। काणा पर षड्यंत्र रचने का आरोप है। काणा और अरविंद पर यह मुकदमा अलग से विचाराधीन है।