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36 साल का रिकॉर्ड टूटा, 15 घंटे में 148.4 एमएम बरसात
Updated Thu, 29 Jun 2017 01:07 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
प्री मानसून ने दस्तक दे दी है। हिसार में बुधवार सुबह से हो रही बारिश ने 36 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बुधवार देर शाम तक 15 घंटों में 148.4 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार हिसार और आसपास के एरिया में बुधवार को रिकॉर्ड तोड़ 103.8 एमएम बारिश हुई। मंगलवार रात को 44.6 एमएम दर्ज की गई। बारिश के कारण पूरा शहर जलमग्न हो गया। पुराने शहर और निचले इलाकों में सड़कों पर करीब चार फीट तक पानी भर गया। कई एरिया में लोगों के घरों के अंदर पानी घुस गया।
जलभराव वाले मुख्य मार्गों पर पानी के कारण वाहन रुक गए। शहर में फव्वारा चौक, डाबड़ा चौक, अर्बन इस्टेट, कैंप चौक, ऑटो मार्केट, जिंदल चौक पर जाम की स्थिति रही। पारिजात चौक पर बारिश से रुकी वाहनों की रफ्तार के कारण तीन एंबुलेंस जाम में फंस गई। काफी मशक्कत के बाद उन्हें रास्ता दिलवाया गया।
जून में अब तक 255.4 एमएम बारिश
मंगलवार रात साढे़ 9 बजे तेज अंधड़ के बाद हुई बारिश 44.6 मिलीमीटर दर्ज की गई। इसके बाद बुधवार सुबह करीब 11 बजे से लगातार चार घंटे बारिश फिर हुई। मौसम विभाग के अनुसार यह बारिश 103.8 मिलीमीटर हुई, जो पिछले दो दशक में सबसे अधिक है। 27 और 28 जून को छोड़कर जून में बारिश का रिकॉर्ड देखा जाए तो इससे पहले पूरी 107 एमएम बारिश हुई थी। इन दो दिनों की बारिश इस महीने में जोड़ दी जाए तो जून में अब तक 255.4 एमएम बारिश हुई है, जो पिछले 36 सालों में सर्वाधिक बारिश है।
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इससे पहले साल 1981 में 30 जून को 123.9 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जबकि जून 2007 में 192.4 एमएम सर्वाधिक बारिश हुई थी।
फसलों के लिए लाभदायक
प्री मानसून की इस बारिश से फसलों को कोई नुकसान नहीं है। मौसम विभाग की मानें तो अभी तक तो यह लाभकारी है। मगर शहर और निचले इलाकों में जहां पानी जमा हो जाता है, वहां के लिए आफत है। शहर की सड़कें तालाब बनी हुई हैं।
जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के दावे फेल
जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के दावों की बारिश ने पोल खोल दी है। बारिश में जलभराव से बचने के लिए किए गए दावे झूठे निकले। सीवरेज और बरसाती नालों की ठीक ढंग से सफाई नहीं होने के कारण सभी सड़कों पर पानी भर गया। हालांकि बारिश के पहले जलनिकासी के प्रबंध करने के बारे में सांसद दुष्यंत चौटाला ने भी अधिकारियों की खिंचाई की थी, लेकिन इसका भी उन पर कोई असर नहीं दिखा।
बिजली गिरने से दो भैंसों की मौत
मिलगेट एरिया के आदर्श नगर स्थित काली देवी मंदिर के पास बिजली गिरने से दो भैंसों की मौत हो गई। मकान मालिक अजय यादव ने बताया कि भैंसें बाड़े में बंधी हुई थीं। अचानक आसमानी बिजली गिरी और जोर का धमाका हुआ। बिजली गिरते ही दोनों भैंसों ने दम तोड़ दिया।
जून में बारिश का रिकॉर्ड
वर्ष -- एक दिन का तारीख वाइज रिकॉर्ड ---- कुल बारिश
- 2016 में 14 जून को 93.1 एमएम- कुल बारिश हुई 106
- 2015 में 24 जून को 48.0 ---कुल बारिश 123.9
- 2014 में 13 जून को 30.16 एमएम --कुल बारिश 49.0 एमएम
-2013 में 16 जून को 59.8 एमएम -- कुल बारिश 101.3
-2012 में 14 जून को 8.4 एमएम --कुल बारिश 24.5 एमएम
2011 में 2 जून को 14.6 एमएम -- कुल बारिश 34.3
2010 में 8 जून को 30.9 एमएम -- कुल बारिश 44.7
इन क्षेत्रों में भरा पानी
बारिश से महावीर कॉलोनी, बड़वाली ढाणी, सैनियान मोहल्ला, शांति नगर, मिलगेट एरिया, मिर्जापुर रोड, कप्तान स्कूल रोड एरिया, 20 फुटा रोड, गौड़ स्कूल रोड, बरवाला रोड, ऑटो मार्केट, डीएन कॉलेज रोड, मलिक चौक, जिंदल चौक, मॉडल टाउन, पटेल नगर, आठ मरला कॉलोनी, कैमरी रोड की कई कॉलोनियां, आजाद नगर क्षेत्र, कृष्णा नगर, जाट कॉलेज रोड आदि क्षेत्रों में बरसात का पानी सड़कों पर लबालब रहा।
यहां घुसा घरों में पानी
प्रशासन ने मुख्य सड़कों के कई अधिक जलभराव वाले एरिया का पानी निकलवा दिया, लेकिन देर रात तक कॉलोनियों के घरों में घुसा पानी निकाले का कोई प्रबंध नहीं हुआ। शांति नगर, कृष्णा नगर, जयदेव नगर, बड़वाली ढाणी में कई जगहों पर बरसाती पानी घरों में घुस गया।
बस स्टैंड और नागरिक अस्पताल परिसर में घुसा पानी
नागरिक अस्पताल, बस स्टैंड परिसर में पानी घुस गया। बस स्टैंड पर जहां यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं नागरिक अस्पताल में मरीजों और उनके साथ आए लोगों को पानी के अंदर से गुजरना पड़ा। सबसे बुरा हाल अस्पताल परिसर का था। वहीं रेलवे परिसर के बाहर सड़क जलमग्न होने से लोग परेशान रहे।
नाले की दीवार गिरी
बरसाती नाले की गिरी दीवार तेज बारिश के कारण न्यू ऋषि नगर के पास श्मशान घाट के साथ लगती बरसाती नाले की दीवार गिर गई। बताया जाता है कि बरसाती नाले में पानी का तेज बहाव आया। यह दीवार कुछ दिन पहले ही बनाई गई थी।
पुराने शहर और निचले इलाकों में सड़कों पर करीब चार फीट तक पानी भरा
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हिसार।
प्री मानसून ने दस्तक दे दी है। हिसार में बुधवार सुबह से हो रही बारिश ने 36 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बुधवार देर शाम तक 15 घंटों में 148.4 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के अनुसार हिसार और आसपास के एरिया में बुधवार को रिकॉर्ड तोड़ 103.8 एमएम बारिश हुई। मंगलवार रात को 44.6 एमएम दर्ज की गई। बारिश के कारण पूरा शहर जलमग्न हो गया। पुराने शहर और निचले इलाकों में सड़कों पर करीब चार फीट तक पानी भर गया। कई एरिया में लोगों के घरों के अंदर पानी घुस गया।
जलभराव वाले मुख्य मार्गों पर पानी के कारण वाहन रुक गए। शहर में फव्वारा चौक, डाबड़ा चौक, अर्बन इस्टेट, कैंप चौक, ऑटो मार्केट, जिंदल चौक पर जाम की स्थिति रही। पारिजात चौक पर बारिश से रुकी वाहनों की रफ्तार के कारण तीन एंबुलेंस जाम में फंस गई। काफी मशक्कत के बाद उन्हें रास्ता दिलवाया गया।
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जून में अब तक 255.4 एमएम बारिश
मंगलवार रात साढे़ 9 बजे तेज अंधड़ के बाद हुई बारिश 44.6 मिलीमीटर दर्ज की गई। इसके बाद बुधवार सुबह करीब 11 बजे से लगातार चार घंटे बारिश फिर हुई। मौसम विभाग के अनुसार यह बारिश 103.8 मिलीमीटर हुई, जो पिछले दो दशक में सबसे अधिक है। 27 और 28 जून को छोड़कर जून में बारिश का रिकॉर्ड देखा जाए तो इससे पहले पूरी 107 एमएम बारिश हुई थी। इन दो दिनों की बारिश इस महीने में जोड़ दी जाए तो जून में अब तक 255.4 एमएम बारिश हुई है, जो पिछले 36 सालों में सर्वाधिक बारिश है।
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इससे पहले साल 1981 में 30 जून को 123.9 मिलीमीटर बारिश हुई थी, जबकि जून 2007 में 192.4 एमएम सर्वाधिक बारिश हुई थी।
फसलों के लिए लाभदायक
प्री मानसून की इस बारिश से फसलों को कोई नुकसान नहीं है। मौसम विभाग की मानें तो अभी तक तो यह लाभकारी है। मगर शहर और निचले इलाकों में जहां पानी जमा हो जाता है, वहां के लिए आफत है। शहर की सड़कें तालाब बनी हुई हैं।
जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के दावे फेल
जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के दावों की बारिश ने पोल खोल दी है। बारिश में जलभराव से बचने के लिए किए गए दावे झूठे निकले। सीवरेज और बरसाती नालों की ठीक ढंग से सफाई नहीं होने के कारण सभी सड़कों पर पानी भर गया। हालांकि बारिश के पहले जलनिकासी के प्रबंध करने के बारे में सांसद दुष्यंत चौटाला ने भी अधिकारियों की खिंचाई की थी, लेकिन इसका भी उन पर कोई असर नहीं दिखा।
बिजली गिरने से दो भैंसों की मौत
मिलगेट एरिया के आदर्श नगर स्थित काली देवी मंदिर के पास बिजली गिरने से दो भैंसों की मौत हो गई। मकान मालिक अजय यादव ने बताया कि भैंसें बाड़े में बंधी हुई थीं। अचानक आसमानी बिजली गिरी और जोर का धमाका हुआ। बिजली गिरते ही दोनों भैंसों ने दम तोड़ दिया।
जून में बारिश का रिकॉर्ड
वर्ष -- एक दिन का तारीख वाइज रिकॉर्ड ---- कुल बारिश
- 2016 में 14 जून को 93.1 एमएम- कुल बारिश हुई 106
- 2015 में 24 जून को 48.0 ---कुल बारिश 123.9
- 2014 में 13 जून को 30.16 एमएम --कुल बारिश 49.0 एमएम
-2013 में 16 जून को 59.8 एमएम -- कुल बारिश 101.3
-2012 में 14 जून को 8.4 एमएम --कुल बारिश 24.5 एमएम
2011 में 2 जून को 14.6 एमएम -- कुल बारिश 34.3
2010 में 8 जून को 30.9 एमएम -- कुल बारिश 44.7
इन क्षेत्रों में भरा पानी
बारिश से महावीर कॉलोनी, बड़वाली ढाणी, सैनियान मोहल्ला, शांति नगर, मिलगेट एरिया, मिर्जापुर रोड, कप्तान स्कूल रोड एरिया, 20 फुटा रोड, गौड़ स्कूल रोड, बरवाला रोड, ऑटो मार्केट, डीएन कॉलेज रोड, मलिक चौक, जिंदल चौक, मॉडल टाउन, पटेल नगर, आठ मरला कॉलोनी, कैमरी रोड की कई कॉलोनियां, आजाद नगर क्षेत्र, कृष्णा नगर, जाट कॉलेज रोड आदि क्षेत्रों में बरसात का पानी सड़कों पर लबालब रहा।
यहां घुसा घरों में पानी
प्रशासन ने मुख्य सड़कों के कई अधिक जलभराव वाले एरिया का पानी निकलवा दिया, लेकिन देर रात तक कॉलोनियों के घरों में घुसा पानी निकाले का कोई प्रबंध नहीं हुआ। शांति नगर, कृष्णा नगर, जयदेव नगर, बड़वाली ढाणी में कई जगहों पर बरसाती पानी घरों में घुस गया।
बस स्टैंड और नागरिक अस्पताल परिसर में घुसा पानी
नागरिक अस्पताल, बस स्टैंड परिसर में पानी घुस गया। बस स्टैंड पर जहां यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। वहीं नागरिक अस्पताल में मरीजों और उनके साथ आए लोगों को पानी के अंदर से गुजरना पड़ा। सबसे बुरा हाल अस्पताल परिसर का था। वहीं रेलवे परिसर के बाहर सड़क जलमग्न होने से लोग परेशान रहे।
नाले की दीवार गिरी
बरसाती नाले की गिरी दीवार तेज बारिश के कारण न्यू ऋषि नगर के पास श्मशान घाट के साथ लगती बरसाती नाले की दीवार गिर गई। बताया जाता है कि बरसाती नाले में पानी का तेज बहाव आया। यह दीवार कुछ दिन पहले ही बनाई गई थी।
पुराने शहर और निचले इलाकों में सड़कों पर करीब चार फीट तक पानी भरा