{"_id":"5d1a5f4f8ebc3e3c797c5099","slug":"156200940142-hisar-news79","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब किरायेदारों को नहीं देना पड़ेगा 2 हजार रुपये का रेंट एग्रीमेंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब किरायेदारों को नहीं देना पड़ेगा 2 हजार रुपये का रेंट एग्रीमेंट
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हिसार। अब इकोनॉमिक वीकर सेक्शन का सर्टिफिकेट बनवाने वाले किरायेदारों को दो हजार रुपये का रेंट एग्रीमेंट नहीं देना पड़ेगा। किरायेदार मात्र 11 रुपये के स्टांप पेपर पर भी किरायानामा लिखवा सकेंगे। पूर्व डिप्टी मेयर भीम महाजन सोमवार को फिर से इस मामले को लेकर नायब तहसीलदार ललित जाखड़ से मिले। नायब तहसीलदार ने उन्हें बताया कि अगर किरायेदार व मकान मालिक राजी होते हैं तो उन्हें दो हजार रुपये का रेंट एग्रीमेंट नहीं देना पड़ेगा।
गौरतलब है कि नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर भीम महाजन ने किरायेदारों से दो हजार रुपये का एग्रीमेंट मांगने का विरोध जताया था। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी शिकायत की थी।
गरीब की आड़ में अमीर फायदा न उठाए, इसलिए लगाई थी शर्त
नायब तहसीलदार ललित जाखड़ ने भीम महाजन को बताया कि गरीब लोगों की आड़ में अमीर लोग भी झूठा किरायानामा देकर ईडब्ल्यूएस का सर्टिफिकेट न बनवा ले, इसलिए दो हजार रुपये के रेंट एग्रीमेंट की शर्त लगाई थी। सीधे तौर पर रोजाना सैकड़ों की संख्या में सर्टिफिकेट बनते हैं, इस कारण उनकी वेरिफिकेशन करना मुश्किल हो जाता है। इस पर महाजन ने नायब तहसीलदार से कहा कि यह सर्टिफिकेट जो व्यक्ति सरकारी नौकरी के लिए प्रयोग करेगा, उसकी वेरिफकेशन के समय हकीकत सामने आ जाएगी। अगर कोई गलत तरीके से सर्टिफिकेट बनवाएगा तो इसका खामियाजा उसने भुगतना पड़ेगा।
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अन्य जिलों में नहीं थी ऐसी शर्त
पूर्व डिप्टी मेयर भीम महाजन ने बताया कि दूसरे किसी भी जिलों में इस तरह की कोई शर्त नहीं थी। उन्होंने सिरसा से लेकर रोहतक तक में पता किया था। तहसील कार्यालयों के अलावा वहां के जनप्रतिनिधियों से भी पूछा गया था।
एक्ट में दो हजार रुपये से कम के रेंट एग्रीमेंट का प्रावधान नहीं है। फिर भी अगर मकान मालिक और किरायेदार राजी होते हैं तो हमें दो हजार रुपये का एग्रीमेंट लेने की जरूरत नहीं है। अगर दोनों राजी नहीं है तो दो हजार का ही एग्रीमेंट लगेगा।
- ललित जाखड़, नायब तहसीलदार
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गौरतलब है कि नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर भीम महाजन ने किरायेदारों से दो हजार रुपये का एग्रीमेंट मांगने का विरोध जताया था। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी शिकायत की थी।
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गरीब की आड़ में अमीर फायदा न उठाए, इसलिए लगाई थी शर्त
नायब तहसीलदार ललित जाखड़ ने भीम महाजन को बताया कि गरीब लोगों की आड़ में अमीर लोग भी झूठा किरायानामा देकर ईडब्ल्यूएस का सर्टिफिकेट न बनवा ले, इसलिए दो हजार रुपये के रेंट एग्रीमेंट की शर्त लगाई थी। सीधे तौर पर रोजाना सैकड़ों की संख्या में सर्टिफिकेट बनते हैं, इस कारण उनकी वेरिफिकेशन करना मुश्किल हो जाता है। इस पर महाजन ने नायब तहसीलदार से कहा कि यह सर्टिफिकेट जो व्यक्ति सरकारी नौकरी के लिए प्रयोग करेगा, उसकी वेरिफकेशन के समय हकीकत सामने आ जाएगी। अगर कोई गलत तरीके से सर्टिफिकेट बनवाएगा तो इसका खामियाजा उसने भुगतना पड़ेगा।
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अन्य जिलों में नहीं थी ऐसी शर्त
पूर्व डिप्टी मेयर भीम महाजन ने बताया कि दूसरे किसी भी जिलों में इस तरह की कोई शर्त नहीं थी। उन्होंने सिरसा से लेकर रोहतक तक में पता किया था। तहसील कार्यालयों के अलावा वहां के जनप्रतिनिधियों से भी पूछा गया था।
एक्ट में दो हजार रुपये से कम के रेंट एग्रीमेंट का प्रावधान नहीं है। फिर भी अगर मकान मालिक और किरायेदार राजी होते हैं तो हमें दो हजार रुपये का एग्रीमेंट लेने की जरूरत नहीं है। अगर दोनों राजी नहीं है तो दो हजार का ही एग्रीमेंट लगेगा।
- ललित जाखड़, नायब तहसीलदार