{"_id":"5d1271098ebc3e3c8e6abca3","slug":"156148965511-hisar-news188","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक्सईएन के आदेश पर करवाई सफाई, पानी निकासी नहीं हुई तो तोड़ना पड़ेगा नाला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक्सईएन के आदेश पर करवाई सफाई, पानी निकासी नहीं हुई तो तोड़ना पड़ेगा नाला
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हिसार। नगर निगम के एक्सईएन के आदेश पर स्वच्छता शाखा के अधिकारियों ने मंगलवार को अर्बन एस्टेट टू के नालों की सफाई करवाई। कर्मचारियों ने नालों के चेंबरों के ढक्कन खोलकर सफाई की। हालांकि आसपास के लोगों ने अधिकारियों को बताया कि यहां दीवार गिरने के कारण उसका मलबा नाले में फंस गया था। इससे नाले में अवरोधक बन गए हैं। यहां सिर्फ चेंबरों की सफाई करवाने से पानी निकासी हो पाना मुश्किल है। इस पर एक्सईएन का कहना था कि अगर पानी निकासी नहीं हुई तो नाला तोड़ने की प्रक्रिया होगी।
आसपास के दुकानदारों ने बताई नाले की हकीकत
सुबह करीब 10 बजे नगर निगम के एक्सईएन एचके शर्मा, मुख्य सफाई निरीक्षक सुभाष सैनी, एएसआई सुरेंद्र कुमार अर्बन एस्टेट टू में पहुंचे और सफाई शुरू करवाई। कर्मचारियों ने डाबड़ा चौक से लेकर राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा के आवास तक बने नाले के चेंबरों की सफाई की। इस दौरान आसपास के दुकानदारों ने अधिकारियों को बताया कि नाले के चेंबर खोलकर सफाई करवाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। नाले में मलबा फंसा हुआ है। चेंबर से थोड़ी दूर में ही सफाई हो पाएगी, जबकि बाकी नाले में गंदगी व मलबा फंसा हुआ है। इस कारण बारिश के दिनों में पानी आधी दूर जाकर वहीं ठहर जाता है और दुकानों में घुस जाता है।
स्थायी समाधान की बजाय खानापूर्ति कर रहे अधिकारी
दुकानदारों का कहना है कि अधिकारी स्थायी समाधान करने की बजाय खानापूर्ति कर रहे हैं। नाले के मेनहोलों के ढक्कन खोलकर सिर्फ सफाई करवाई जा रही है, जबकि गंदगी तो पूरे नाले में फंसी हुई, उसकी सफाई कैसे हो पाएगी। अगर बारिश के दौरान फिर से जलभराव हुआ तो कौन जिम्मेदार होगा। दुकानदारों ने कहा कि पूरे नाले की बेहतर तरीके से सफाई की जरूरत है, जिससे अधिकारी बचते नजर आ रहे हैं।
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आसपास के दुकानदारों ने बताई नाले की हकीकत
सुबह करीब 10 बजे नगर निगम के एक्सईएन एचके शर्मा, मुख्य सफाई निरीक्षक सुभाष सैनी, एएसआई सुरेंद्र कुमार अर्बन एस्टेट टू में पहुंचे और सफाई शुरू करवाई। कर्मचारियों ने डाबड़ा चौक से लेकर राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा के आवास तक बने नाले के चेंबरों की सफाई की। इस दौरान आसपास के दुकानदारों ने अधिकारियों को बताया कि नाले के चेंबर खोलकर सफाई करवाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। नाले में मलबा फंसा हुआ है। चेंबर से थोड़ी दूर में ही सफाई हो पाएगी, जबकि बाकी नाले में गंदगी व मलबा फंसा हुआ है। इस कारण बारिश के दिनों में पानी आधी दूर जाकर वहीं ठहर जाता है और दुकानों में घुस जाता है।
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स्थायी समाधान की बजाय खानापूर्ति कर रहे अधिकारी
दुकानदारों का कहना है कि अधिकारी स्थायी समाधान करने की बजाय खानापूर्ति कर रहे हैं। नाले के मेनहोलों के ढक्कन खोलकर सिर्फ सफाई करवाई जा रही है, जबकि गंदगी तो पूरे नाले में फंसी हुई, उसकी सफाई कैसे हो पाएगी। अगर बारिश के दौरान फिर से जलभराव हुआ तो कौन जिम्मेदार होगा। दुकानदारों ने कहा कि पूरे नाले की बेहतर तरीके से सफाई की जरूरत है, जिससे अधिकारी बचते नजर आ रहे हैं।
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