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धान की रोपाई से पहले खेत को अच्छी तरह करें तैयार

Sun, 16 Jun 2019 12:40 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jun 2019 12:40 AM IST
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धान की रोपाई से पहले खेत को अच्छी तरह करें तैयार
हिसार। 15 जून से प्रदेश में धान की रोपाई शुरू हो चुकी है। इसके लिए किसान खेत के चारो तरफ डोलों को मजबूत करें। खेत में अच्छी पौध पनपने के लिए व पानी बनाए रखने के लिए खेत अच्छी तरह कद्दू करके एकसार एक लें। यदि खेत में हरी खाद वाली फसल खड़ी तो जुताई करके पहले इसे दबा दें और फिर रोपाई करें। पौधों को पंक्तियों में रोपें। लंबी किस्म की रोपाई 20 गुणा 15 सेंटीमीटर की दूरी पर करें। बौनी किस्मों की व पछेती हालत में लंबी बढ़ने वाली किस्मों की रोपाई 15 सेंटीमीटर फासले की कतारों में व पौधों से भी 15 सेंटीमीटर की दूरी रखकर करें। ध्यान रखें कि पौध दो से तीन सेंटीमीटर से अधिक गहरी न रोपें।
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गारा किए खेत में पनीरी लगाते समय रखें ध्यान
हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक यदि पनीरी गारा किए खेत में लगाई जा रही हे तो ऐसे खेतों में लगाने से पहले 20 किलोग्राम यूरिया और 60 किलोग्राम सुपर फास्फेट या 22 किलोग्राम डीएपी और 10 किलोग्राम जिंक सल्फेट प्रति एकड़ छींटा लगाएं। इसके अलावा 15 दिन की पनीरी होने पर 25 किलोग्राम यूनिया का छींटा देकर ऊपर से हल्का पानी लगाएं।
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बौनी किस्मों में इन बातों का रखें ध्यान
बौनी मध्यम अवधि वाले किस्में जैसे एचकेआर 127, एचकेआर 126, एचकेआर 120, हरियाणा संकर धान 1, जया व पीआर 106 और मध्यम कम अवधि वाली किस्मों जैसे एचकेआर 47, आईआर 64, एचकेआर 46 में 130 किलोग्राम यूरिया, 150 किलोग्राम सिंगल सुपर फास्फेट, 40 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश और 10 किलोग्राम जिंक सल्फेट प्रति एकड़ और जिंक, फास्फोरस व पोटाश की पूरी मात्रा और नत्रजन की एक तिहाई मात्रा लेव बनाते समय शेष दो बार बराबर-बराबर मात्रा में रोपाई के तीन व छह सप्ताह बाद दें।
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लंबी बासमती धान में इन बातों का रखें ख्याल
लंबी बासमती ध्यान में 50 किलोग्राम यूरिया, 75 किलोग्राम सिंगल सुपर फास्फेट व 10 किलोग्राम जिंक सल्फेट प्रति एकड़ प्रयोग करें। बौनी बासमती में 80 किलोग्राम यूरिया, 75 किलोग्राम/एकड़ सिंगल सुपर फास्फेट व 10 किलोग्राम जिंक सल्फेट प्रयोग करें। फास्फोरस व जिंक सल्फेट की पूरी मात्रा खेत तैयार करते समय प्रयोग करें। लंबी बासमती में नत्रजन को आधी मात्रा रोपाई के 21 दिन बाद व शेष आधी मात्रा 42 दिन बाद प्रयोग करें। बौनी बासमती में एक तिहाई नत्रजन खेत की तैयारी करते समय, एक तिहाई 21 दिन बाद और एक तिहाई 42 दिन बाद प्रयोग करें। नत्रजन उर्वरक उस समय दें, जब खेत में पानी भरा न हो।
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