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सीवरेज लाइन डालने का 50 फीसदी काम पूरा, धीमी गति से डाली जा रही पेयजल लाइन
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हिसार। शहर में अमरूत योजना के तहत चल रहा सीवरेज लाइन डालने का काम करीब 50 फीसदी पूरा हो चुका है। मगर पेयजल लाइन डालने का काम धीमी गति से हो रहा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ चंडीगढ़ में 28 मई को होने वाली समीक्षा बैठक से पहले विधायक से लेकर मेयर तक अमरूत योजना के पूरे प्रोजेक्ट की स्टडी करने में लगे हुए हैं। शनिवार को जहां विधायक ने अमरूत योजना के तहत चल रहे कार्यों का जायजा लिया था। वहीं रविवार को मेयर गौतम सरदाना नगर निगम के अधिकारियों को साथ लेकर अमरूत योजना के काम देखने शहर में निकले। इस दौरान उनके साथ निगम के अधीक्षक अभियंता रामजीलाल, कार्यकारी अभियंता हरिकिशन शर्मा सहित अन्य अधिकारी भी रहे।
अवैध कॉलोनियों को वैध कराने का रखा जाएगा प्रस्ताव
वार्ड नंबर 11 के हिस्से सातरोड़ में अमरूत योजना के तहत सीवरेज लाइन बिछाने व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का काम चल रहा है। मगर सातरोड़ के आसपास स्थित हनुमान कॉलोनी, हनुमान कॉलोनी एक्सटेंशन और बाबा हरसुुखपुरी कालोनी आदि के कुछ हिस्सों में भी सीवरेज व पेयजल लाइन नहीं डाली हुई है। मेयर के समक्ष वहां के पार्षद प्रतिनिधि ने जब यह बात रखी तो मेयर ने आश्वासन दिया कि 28 मई को मुख्यमंत्री के साथ बैठक के दौरान इन कॉलोनियों में भी सीवरेज व पेयजल लाइन बिछाने के लिए चर्चा की जाएगी। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि इनमें से कुछ कालोनियां अवैध है, तो उन्होंने पूरी डिटेल मांगी ताकि हाउस की बैठक में इन अवैध कॉलोनियों को वैध करने का प्रस्ताव रखा जा सके।
25 किलोमीटर तक बिछाई सीवरेज लाइन
नगर निगम प्रशासन द्वारा सीवरेज और पेयजल लाइन बिछाने का दो अलग-अलग एजेंसियों को काम सौंपा हुआ है। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार एजेंसी को सीवरेज लाइन करीब 50 किलोमीटर लंबी बिछाने के आदेश मिले हुए हैं। इसमें से अब तक करीब 25 किलोमीटर लाइन बिछ चुकी है। सातरोड़ की गलियों में लाइन डालने काम भी पूरा हो गया है।
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136 किलोमीटर लंबी डाली जाएगी पेयजल लाइन
पेयजल लाइन का काम सीवरेज लाइन डालने की अपेक्षा धीमी गति से चल रहा है। 136 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछानी है। मगर अब तक सिर्फ 3 से 4 किलोमीटर ही पेयजल लाइन बिछी है। हालांकि निगम अधिकारी 50 किलोमीटर लंबी बिछाई जाने वाली पाइप का निरीक्षण करके ओके रिपोर्ट दे चुके हैं। जैसे ही गुजरात के भुज से पाइप लाइन आएगी तो पेयजल लाइन डालने का काम एकदम से तेजी पकड़ेगा क्योंकि पानी की पाइप सीधी बिछाई जानी है जबकि सीवरेज लाइन डालने के बाद होदी भी बनाई जानी है।
बूस्टिंग स्टेशन की खुदाई का काम शुरू
इसके अलावा पेयजल व्यवस्था के लिए महेश नगर में बनाए जाने वाले बुस्टिंग के निर्माण कार्य की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। बुस्टिंग स्टेशन के लिए खुदाई का काम शुरू हो गया है। अधिकारियों की मानें तो 11 किलोमीटर तक बिछाने के लिए पाइप साइट पर पहुंच भी गया है।
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अवैध कॉलोनियों को वैध कराने का रखा जाएगा प्रस्ताव
वार्ड नंबर 11 के हिस्से सातरोड़ में अमरूत योजना के तहत सीवरेज लाइन बिछाने व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का काम चल रहा है। मगर सातरोड़ के आसपास स्थित हनुमान कॉलोनी, हनुमान कॉलोनी एक्सटेंशन और बाबा हरसुुखपुरी कालोनी आदि के कुछ हिस्सों में भी सीवरेज व पेयजल लाइन नहीं डाली हुई है। मेयर के समक्ष वहां के पार्षद प्रतिनिधि ने जब यह बात रखी तो मेयर ने आश्वासन दिया कि 28 मई को मुख्यमंत्री के साथ बैठक के दौरान इन कॉलोनियों में भी सीवरेज व पेयजल लाइन बिछाने के लिए चर्चा की जाएगी। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि इनमें से कुछ कालोनियां अवैध है, तो उन्होंने पूरी डिटेल मांगी ताकि हाउस की बैठक में इन अवैध कॉलोनियों को वैध करने का प्रस्ताव रखा जा सके।
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25 किलोमीटर तक बिछाई सीवरेज लाइन
नगर निगम प्रशासन द्वारा सीवरेज और पेयजल लाइन बिछाने का दो अलग-अलग एजेंसियों को काम सौंपा हुआ है। जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार एजेंसी को सीवरेज लाइन करीब 50 किलोमीटर लंबी बिछाने के आदेश मिले हुए हैं। इसमें से अब तक करीब 25 किलोमीटर लाइन बिछ चुकी है। सातरोड़ की गलियों में लाइन डालने काम भी पूरा हो गया है।
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136 किलोमीटर लंबी डाली जाएगी पेयजल लाइन
पेयजल लाइन का काम सीवरेज लाइन डालने की अपेक्षा धीमी गति से चल रहा है। 136 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइन बिछानी है। मगर अब तक सिर्फ 3 से 4 किलोमीटर ही पेयजल लाइन बिछी है। हालांकि निगम अधिकारी 50 किलोमीटर लंबी बिछाई जाने वाली पाइप का निरीक्षण करके ओके रिपोर्ट दे चुके हैं। जैसे ही गुजरात के भुज से पाइप लाइन आएगी तो पेयजल लाइन डालने का काम एकदम से तेजी पकड़ेगा क्योंकि पानी की पाइप सीधी बिछाई जानी है जबकि सीवरेज लाइन डालने के बाद होदी भी बनाई जानी है।
बूस्टिंग स्टेशन की खुदाई का काम शुरू
इसके अलावा पेयजल व्यवस्था के लिए महेश नगर में बनाए जाने वाले बुस्टिंग के निर्माण कार्य की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। बुस्टिंग स्टेशन के लिए खुदाई का काम शुरू हो गया है। अधिकारियों की मानें तो 11 किलोमीटर तक बिछाने के लिए पाइप साइट पर पहुंच भी गया है।