{"_id":"5c3a491dbdec2273771f1c7e","slug":"151547323677-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिंदल पुल सिंगल होने के बावजूद दोनों तरफ फुटपाथ तो डाबड़ा चौक नए पुल पर फुटपाथ क्यों नहीं बन सकता सीएम साहब...!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिंदल पुल सिंगल होने के बावजूद दोनों तरफ फुटपाथ तो डाबड़ा चौक नए पुल पर फुटपाथ क्यों नहीं बन सकता सीएम साहब...!
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हिसार। डाबड़ा चौक पर बनाए गए नए पुल पर फुटपाथ का मुद्दा सीएम दरबार में जाने वाला है। रविवार को सीएम इस पुल का विधिवत उद्घाटन करने हिसार आ रहे हैं। फिलहाल मुद्दा यह है कि पुल पर फुटपाथ बने या न बने। अधिकारी जहां साफ मना कर रहे हैं, वहीं शहर के लोग फुटपाथ बनाए जाने के पक्ष में हैं। खास बात यह है कि जिंदल पुल सिंगल पुल है, जिसमें अप-डाउन एक ही पुल पर होता है और इस पुल पर भी दोनों तरफ फुटपाथ बना हुआ है। ऐसे में डाबड़ा चौक के वन वे पुल पर फुटपाथ बनाने में अधिकारियों को क्यों परेशानी है।
फुटपाथ की मांग कर रहे वार्ड-14 के एमसी अमित ग्रोवर और आरडब्ल्यूए के प्रधान जितेंद्र श्योराण भी अपने दल-बल के साथ सीएम से मुलाकात कर फुटपाथ बनाए जाने की मांग करेंगे। इसके अलावा पुल के शुरू होने के कारण बंद किए गए डाबड़ा चौक को खोलकर कोई दूसरा ऑप्शन तलाशने की भी मांग की जाएगी। डाबड़ा चौक बंद किए जाने से पुल का फायदा होने के बजाय और अधिक समस्या पैदा हो गई है। ग्रोवर व श्योराण का कहना है कि 16 जनवरी से जब स्कूल खुल जाएंगे तो यह समस्या और अधिक गहराने वाली है।
ये थी पार्षद व आरडब्ल्यूए की मांग
वार्ड-14 के पार्षद अमित ग्रोवर व सेक्टर 16-17 आरडब्ल्यूए के प्रधान जितेंद्र श्योराण की मांग थी कि पुल पर फुटपाथ जरूरी है, क्योंकि किसी दुर्घटना की स्थिति में लोग फुटपाथ पर खड़े हो सकेंगे और ट्रैफिक सुचारु किया जा सकेगा। इसके अलावा यदि कोई दोपहिया या चार पहिया वाहन के साथ हादसा होता है तो उसके पुल से सीधे नीचे गिरने के चांस रहेंगे, जबकि फुटपाथ होने की स्थिति में इससे बचा जा सकता है।
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ये है पीडब्ल्यूडी बीएंडआर अधिकारियों का तर्क
फुटपाथ बनाए जाने को लेकर पीडब्ल्यूडी बीएंडआर अधिकारियों ने तर्क दिया था कि पुल पर फुटपाथ संभव नहीं है, क्योंकि स्पेस नहीं बचेगा। चीफ इंजीनियर राकेश मनोचा के अनुसार इस पुल की चौड़ाई के हिसाब से यहां फुटपाथ नहीं बन सकता। टेक्निकल चीजें हैं, जो लोगों को समझनी चाहिए। चौड़ाई कम होने के बावजूद इस पुल को इसीलिए बनाया गया है, ताकि लोगों को परेशानी न हो। अमित ग्रोवर के साथ मीटिंग में एक्सईएन बीएस खोखर ने तर्क दिया था कि यदि फुटपाथ बनाएंगे तो दो बसें या ट्रक एक साथ पास करने की जगह नहीं बचेगी।
ऐसे समझिए... बन सकता है फुटपाथ
तकनीकी दृष्टि से देखा जाए तो डाबड़ा चौक के नए पुल पर फुटपाथ संभव है। इस पुल की चौड़ाई 8.5 मीटर है, जो करीब 27.10 फुट बनती है। सड़क की कुल चौड़ाई 7.5 मीटर बचती है, जिस पर गाड़ियां दौड़ती हैं। यह चौड़ाई 24.7 फुट बनती है। पुल के एक साइड यदि तीन फुट का फुटपाथ निकाला जाए तो यह चौड़ाई 21.7 फुट बचेगी, जो दो गाड़ियों की क्रॉसिंग के लिए पर्याप्त है। एक बस की चौड़ाई करीब 8 फुट होती है। यदि दो बसें आसपास से क्रॉसिंग करेंगी तो भी आसानी से क्रॉसिंग हो सकती है।
फुटपाथ बनना संभव- इसके ये दो कारण भी
कारण-1
डाबड़ा चौक पुराना पुल की चौड़ाई 7.5 मीटर (24.7 फुट) है। इसके एक साइड फुटपाथ है, जो करीब तीन फुट का है। इसमें और नए पुल में अंतर केवल इतना है कि पुराने पुल की सड़क 7.5 मीटर है, जबकि नए पुल में 7.5 मीटर से फुटपाथ निकालना पड़ेगा।
कारण-2
पुरानी दिल्ली रोड पर बने जिंदल पुल की चौड़ाई भी 7.5 मीटर है। इसके दोनों साइड ढाई-ढाई फुट के फुटपाथ बने हैं। खास बात यह है कि यह पुल सिंगल है, जिसमें अप-डाउन की गाड़ियां इसी पुल से जाती हैं।
विशेष: जब जिंदल पुल पर सिंगल होते हुए दो फुटपाथ बन सकते हैं तो डाबड़ा चौक पर तो अप और डाउन के लिए अलग पुल हो चुके हैं, यानी वन वे ट्रैफिक। ऐसे में तीन नहीं तो दो-ढाई फुट तक का फुटपाथ आसानी बनाया जा सकता है।
अर्बन एस्टेट, सेक्टर 13, सेक्टर 16, 17, मॉडल टाउन के लोग और डाबड़ा चौक मार्केट दुकानदार सुबह सीएम से मिलेंगे और फुटपाथ बनाए जाने की मांग करेंगे। इसके साथ डाबड़ा चौक बंद करने के बारे में बात करेंगे। उनसे मांग करेंगे कि इसे खोला जाए और इस बारे में विचार करके कुछ और ऑप्शन तलाश किया जाए।
-अमित ग्रोवर, एमसी वार्ड-14, हिसार
हम सेक्टर 16-17, 9, 11, 13 आरडब्ल्यूए के सदस्य और अर्बन एस्टेट के वासी सीएम से मिलेंगे और फुटपाथ बनाने की मांग जोरशोर से रखेंगे। इसके अलावा जो रूट डायवर्ट किया है, उससे बजाय फायदा होने के नुकसान हुआ है, जाम बढ़ गया है। 16 से स्कूल खुलेंगे तो समस्या और बढ़ेगी, इसलिए इसका दूसरा विकल्प करने और चौक खोलने की मांग सीएम से की जाएगी।
-जितेंद्र श्योराण, प्रधान आरडब्ल्यूए सेक्टर 16-17, हिसार।
पुल शुरू हुआ तो डाबड़ा चौक बंद, समस्या जस की तस
डाबड़ा चौक नए पुल का विधिवत उद्घाटन मुख्यमंत्री रविवार को करेंगे, लेकिन इसे जनता की परेशानी को दूर करने के उद्देश्य से पहले ही खोल दिया गया। अब समस्या यह है कि जैसे ही पुल शुरू किया गया, उसी समय डाबड़ा चौक को क्रॉसिंग के लिए बंद कर दिया गया। जिस जाम की समस्या से छुटकारा पाने के लिए पुल बनाया गया, अब चौक बंद होने से जाम की वह समस्या ज्यों की त्यों बरकरार है।
ये बनाया गया नया ट्रैफिक प्लान
- भारी वाहन आरओबी के नीचे से यू टर्न लेने के बजाय पुल के ऊपर से टाउन पार्क के पास से यू टर्न लेंगे।
- चावला अस्पताल रोड को पूरी तरह वन-वे किया जाए और चावला अस्पताल मोड़ पर ट्रैफिक लाइटें लगाई जाएं।
- चावला अस्पताल रोड पर पीली पट्टी लगाई जाए, जिसके बीच में ही वाहन खड़े किए जाएं।
- अब ट्रैफिक पुलिस फिर से सर्वे करेगी, जिसके बाद ही नया प्लान तैयार किया जाएगा
ये हो सकता है समाधान
डाबड़ा चौक बंद किए जाने से अन्य रास्तों से ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया, जिसके चलते डाबड़ा चौक के साथ डायवर्ट किए अन्य रास्तों पर भी ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की आवश्यकता पड़ेगी। इसके अलावा चावला अस्पताल रोड पुल के नीचे वाले रास्ते पर भी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से जाम की समस्या बढ़ गई। इसका समाधान ये हो सकता है कि डाबड़ा चौक को खुला रखकर यहां पर ट्रैफिक लाइट्स लगाई जाएं।
फिलहाल डायवर्जन की जो व्यवस्था है, वह उचित है। किसी भी नई व्यवस्था की आदत धीरे-धीरे पड़ती है। हालांकि अधिकारी और दुरुस्त प्लान पर विचार कर रहे हैं, जो भी फैसला होगा, उसके अनुसार व्यवस्था की जाएगी और उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन होगा।
-इंस्पेक्टर शमशेर सिंह, एसएचओ ट्रैफिक, हिसार।
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फुटपाथ की मांग कर रहे वार्ड-14 के एमसी अमित ग्रोवर और आरडब्ल्यूए के प्रधान जितेंद्र श्योराण भी अपने दल-बल के साथ सीएम से मुलाकात कर फुटपाथ बनाए जाने की मांग करेंगे। इसके अलावा पुल के शुरू होने के कारण बंद किए गए डाबड़ा चौक को खोलकर कोई दूसरा ऑप्शन तलाशने की भी मांग की जाएगी। डाबड़ा चौक बंद किए जाने से पुल का फायदा होने के बजाय और अधिक समस्या पैदा हो गई है। ग्रोवर व श्योराण का कहना है कि 16 जनवरी से जब स्कूल खुल जाएंगे तो यह समस्या और अधिक गहराने वाली है।
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ये थी पार्षद व आरडब्ल्यूए की मांग
वार्ड-14 के पार्षद अमित ग्रोवर व सेक्टर 16-17 आरडब्ल्यूए के प्रधान जितेंद्र श्योराण की मांग थी कि पुल पर फुटपाथ जरूरी है, क्योंकि किसी दुर्घटना की स्थिति में लोग फुटपाथ पर खड़े हो सकेंगे और ट्रैफिक सुचारु किया जा सकेगा। इसके अलावा यदि कोई दोपहिया या चार पहिया वाहन के साथ हादसा होता है तो उसके पुल से सीधे नीचे गिरने के चांस रहेंगे, जबकि फुटपाथ होने की स्थिति में इससे बचा जा सकता है।
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ये है पीडब्ल्यूडी बीएंडआर अधिकारियों का तर्क
फुटपाथ बनाए जाने को लेकर पीडब्ल्यूडी बीएंडआर अधिकारियों ने तर्क दिया था कि पुल पर फुटपाथ संभव नहीं है, क्योंकि स्पेस नहीं बचेगा। चीफ इंजीनियर राकेश मनोचा के अनुसार इस पुल की चौड़ाई के हिसाब से यहां फुटपाथ नहीं बन सकता। टेक्निकल चीजें हैं, जो लोगों को समझनी चाहिए। चौड़ाई कम होने के बावजूद इस पुल को इसीलिए बनाया गया है, ताकि लोगों को परेशानी न हो। अमित ग्रोवर के साथ मीटिंग में एक्सईएन बीएस खोखर ने तर्क दिया था कि यदि फुटपाथ बनाएंगे तो दो बसें या ट्रक एक साथ पास करने की जगह नहीं बचेगी।
ऐसे समझिए... बन सकता है फुटपाथ
तकनीकी दृष्टि से देखा जाए तो डाबड़ा चौक के नए पुल पर फुटपाथ संभव है। इस पुल की चौड़ाई 8.5 मीटर है, जो करीब 27.10 फुट बनती है। सड़क की कुल चौड़ाई 7.5 मीटर बचती है, जिस पर गाड़ियां दौड़ती हैं। यह चौड़ाई 24.7 फुट बनती है। पुल के एक साइड यदि तीन फुट का फुटपाथ निकाला जाए तो यह चौड़ाई 21.7 फुट बचेगी, जो दो गाड़ियों की क्रॉसिंग के लिए पर्याप्त है। एक बस की चौड़ाई करीब 8 फुट होती है। यदि दो बसें आसपास से क्रॉसिंग करेंगी तो भी आसानी से क्रॉसिंग हो सकती है।
फुटपाथ बनना संभव- इसके ये दो कारण भी
कारण-1
डाबड़ा चौक पुराना पुल की चौड़ाई 7.5 मीटर (24.7 फुट) है। इसके एक साइड फुटपाथ है, जो करीब तीन फुट का है। इसमें और नए पुल में अंतर केवल इतना है कि पुराने पुल की सड़क 7.5 मीटर है, जबकि नए पुल में 7.5 मीटर से फुटपाथ निकालना पड़ेगा।
कारण-2
पुरानी दिल्ली रोड पर बने जिंदल पुल की चौड़ाई भी 7.5 मीटर है। इसके दोनों साइड ढाई-ढाई फुट के फुटपाथ बने हैं। खास बात यह है कि यह पुल सिंगल है, जिसमें अप-डाउन की गाड़ियां इसी पुल से जाती हैं।
विशेष: जब जिंदल पुल पर सिंगल होते हुए दो फुटपाथ बन सकते हैं तो डाबड़ा चौक पर तो अप और डाउन के लिए अलग पुल हो चुके हैं, यानी वन वे ट्रैफिक। ऐसे में तीन नहीं तो दो-ढाई फुट तक का फुटपाथ आसानी बनाया जा सकता है।
अर्बन एस्टेट, सेक्टर 13, सेक्टर 16, 17, मॉडल टाउन के लोग और डाबड़ा चौक मार्केट दुकानदार सुबह सीएम से मिलेंगे और फुटपाथ बनाए जाने की मांग करेंगे। इसके साथ डाबड़ा चौक बंद करने के बारे में बात करेंगे। उनसे मांग करेंगे कि इसे खोला जाए और इस बारे में विचार करके कुछ और ऑप्शन तलाश किया जाए।
-अमित ग्रोवर, एमसी वार्ड-14, हिसार
हम सेक्टर 16-17, 9, 11, 13 आरडब्ल्यूए के सदस्य और अर्बन एस्टेट के वासी सीएम से मिलेंगे और फुटपाथ बनाने की मांग जोरशोर से रखेंगे। इसके अलावा जो रूट डायवर्ट किया है, उससे बजाय फायदा होने के नुकसान हुआ है, जाम बढ़ गया है। 16 से स्कूल खुलेंगे तो समस्या और बढ़ेगी, इसलिए इसका दूसरा विकल्प करने और चौक खोलने की मांग सीएम से की जाएगी।
-जितेंद्र श्योराण, प्रधान आरडब्ल्यूए सेक्टर 16-17, हिसार।
पुल शुरू हुआ तो डाबड़ा चौक बंद, समस्या जस की तस
डाबड़ा चौक नए पुल का विधिवत उद्घाटन मुख्यमंत्री रविवार को करेंगे, लेकिन इसे जनता की परेशानी को दूर करने के उद्देश्य से पहले ही खोल दिया गया। अब समस्या यह है कि जैसे ही पुल शुरू किया गया, उसी समय डाबड़ा चौक को क्रॉसिंग के लिए बंद कर दिया गया। जिस जाम की समस्या से छुटकारा पाने के लिए पुल बनाया गया, अब चौक बंद होने से जाम की वह समस्या ज्यों की त्यों बरकरार है।
ये बनाया गया नया ट्रैफिक प्लान
- भारी वाहन आरओबी के नीचे से यू टर्न लेने के बजाय पुल के ऊपर से टाउन पार्क के पास से यू टर्न लेंगे।
- चावला अस्पताल रोड को पूरी तरह वन-वे किया जाए और चावला अस्पताल मोड़ पर ट्रैफिक लाइटें लगाई जाएं।
- चावला अस्पताल रोड पर पीली पट्टी लगाई जाए, जिसके बीच में ही वाहन खड़े किए जाएं।
- अब ट्रैफिक पुलिस फिर से सर्वे करेगी, जिसके बाद ही नया प्लान तैयार किया जाएगा
ये हो सकता है समाधान
डाबड़ा चौक बंद किए जाने से अन्य रास्तों से ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया, जिसके चलते डाबड़ा चौक के साथ डायवर्ट किए अन्य रास्तों पर भी ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती की आवश्यकता पड़ेगी। इसके अलावा चावला अस्पताल रोड पुल के नीचे वाले रास्ते पर भी वाहनों की आवाजाही बढ़ने से जाम की समस्या बढ़ गई। इसका समाधान ये हो सकता है कि डाबड़ा चौक को खुला रखकर यहां पर ट्रैफिक लाइट्स लगाई जाएं।
फिलहाल डायवर्जन की जो व्यवस्था है, वह उचित है। किसी भी नई व्यवस्था की आदत धीरे-धीरे पड़ती है। हालांकि अधिकारी और दुरुस्त प्लान पर विचार कर रहे हैं, जो भी फैसला होगा, उसके अनुसार व्यवस्था की जाएगी और उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन होगा।
-इंस्पेक्टर शमशेर सिंह, एसएचओ ट्रैफिक, हिसार।