फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   नहीं जलानी पड़ेगी पराली, स्वत बन जाएगी पराली की खाद

नहीं जलानी पड़ेगी पराली, स्वत बन जाएगी पराली की खाद

Wed, 11 Apr 2018 02:36 AM IST
Updated Wed, 11 Apr 2018 02:36 AM IST
विज्ञापन
नहीं जलानी पड़ेगी पराली, स्वत बन जाएगी पराली की खाद
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

हिसार।
किसानों की पराली और गेहूं के फाने जलाने की प्रवृत्ति से मुक्ति दिलवाने के लिए इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला किसानों को ऐसी ऑर्गेनिक दवाई उपलब्ध करवाने जा रहे जिससे उपयोग से किसानों को खेतों में गेहूं के फाने और धान पराली जलाने नहीं पड़ेगी। इस दवा के छिड़काव से फाने और पराली की स्वत: ही खाद बन जाएगी।
सांसद दुष्यंत चौटाला ने हिसार लोकसभा क्षेत्र में एक लाख एकड़ भूमि के लिए इस ऑर्गेनिक दवा को किसानों को मुफ्त में उपलब्ध करवाने का निर्णय लिया है। यह दवा दुष्यंत चौटाला किसानों को अपने सांसद निधि कोष से उपलब्ध करवाएंगे। इसकी खरीद के लिए 20 लाख रुपये की राशि सांसद निधि कोष से आवंटित करेंगे। दवा खरीद को उन्होंने उपायुक्त को इस बारे में चिठ्ठी लिखी है। एक सप्ताह के भीतर यह दवा खरीदने के निर्देश दिए हैं। ----------
विज्ञापन

यह है ऑर्गेनिक दवा
सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि ऑर्गेनिक दवा मिनिस्ट्री ऑफ एग्रीकल्चर एंड फार्मर्स वेलफेयर भारत सरकार का तैयार की गई है। इसका हरियाणा में मुख्यालय नेशनल सेंटर ऑफ ऑर्गेनिक फार्मिंग के नाम से पंचकूला में है। सेंटर ने यह वेस्ट डिकंपोजर उपलब्ध करवाता है। इस डिकंपोजर को एक एकड़ भूमि में छिड़काव करना होता है। इसके छिड़काव से पराली व गेहूं के फाने स्वत: खाद में बदल जाएंगे इसकी खाद से भूमि की उर्वरता शक्ति भी बढ़ती है। एक एकड़ के लिए 30 ग्राम के इस वेस्ट डिकंपोजर की कीमत मात्र 20 रुपये है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सांसद ने कृषि उपनिदेशक से मांगी रिपोर्ट
इनेलो सांसद दुष्यंत चौटाला ने इस वेस्ट डिकंपोजर दवा के साइड इफेक्ट जानने के लिए हिसार के कृषि उपनिदेशक को भी पत्र लिखकर रिपोर्ट मांगी थी कि कहीं इसके प्रयोग से कृषि भूमि, मानव जीवन या पर्यावरण को कोई खतरा तो नहीं है। कृषि उपनिदेक ने बताया कि विभाग के सामने इसके कोई दुष्परिणाम सामने नहीं आए हैं। कृषि उपनिदेशक ने दुष्यंत को बताया है कि हिसार जिले में करीब एक लाख हेक्टेयर में गेहूं व जीरी के फाने व पराली जलाई जाने की संभावना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed