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Hisar News: कोलकाता के कारीगर सजाएंगे हनुमान मंदिर, जन्माष्टमी पर दिखेगी कृष्णलीला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 02 Sep 2026 12:25 AM IST
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'Ayushman' remains a boon only on paper; patients left running from pillar to post for dialysis and chemotherapy.
नागोरी गेट स्थित सनातन धर्म हनुमान मंदिर में जन्माष्टमी की तैयारियों ने बढ़ाई शहर की रौनक।
हिसार। नागोरी गेट स्थित सनातन धर्म हनुमान मंदिर में जन्माष्टमी पर्व की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। मंदिर को करीब 12 लाख रुपये की लागत से सजाया जा रहा है।
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इस बार धार्मिक झांकियों और श्रीकृष्ण से जुड़े प्रसंगों के साथ देशभक्ति व राष्ट्रनिर्माण का संदेश देने वाली महापुरुषों की कलात्मक तस्वीरें भी आकर्षण का केंद्र होंगी। इन्हें तैयार करने के लिए पश्चिम बंगाल के कोलकाता से विशेष कारीगर हिसार बुलाए गए हैं।
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मंदिर परिसर में कारीगर झांकियों और तस्वीरों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। कोई उन्हें आकार दे रहा है तो कोई सजावट और रंग-रूप को निखार रहा है। प्रयास है कि जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं को धार्मिक आस्था के साथ भारतीय इतिहास, संस्कृति और महान व्यक्तित्वों की झलक भी मिले।
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मंदिर कमेटी के सहसचिव बृजभूषण जैन ने बताया कि हर साल जन्माष्टमी पर नया डिजाइन और नई झांकियां तैयार कराई जाती हैं। इसके लिए कोलकाता के अनुभवी कारीगरों को विशेष रूप से बुलाया जाता है।

झांकियों का स्वरूप हर वर्ष बदला जाता है ताकि श्रद्धालुओं को कुछ नया देखने को मिले। इस बार भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और जन्माष्टमी से जुड़े प्रसंगों को अलग-अलग कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि देश के लिए योगदान देने वाले महापुरुषों और क्रांतिकारियों की तस्वीरें भी तैयार की जा रही हैं। इनमें लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक, विपिन चंद्र पाल, लाला लाजपत राय, सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर, वीर सावरकर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और लाल बहादुर शास्त्री सहित अन्य महापुरुष शामिल हैं।


नई पीढ़ी को स्वतंत्रता सेनानियों से करवाएंगे परिचित

मंदिर प्रबंधन के अनुसार इन तस्वीरों का उद्देश्य केवल सजावट नहीं बल्कि नई पीढ़ी को देश के महान व्यक्तित्वों और उनके योगदान से परिचित कराना भी है। जन्माष्टमी जैसे धार्मिक आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक वातावरण के साथ देशभक्ति और राष्ट्रसेवा का संदेश देने का प्रयास किया जा रहा है।
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