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Hisar News: सब डिपो में 73 में से 13 बसें खराब, लोकल रूट हो रहे प्रभावित
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हांसी। सब डिपो में बसों के खराब होने से बसों का टोटा पड़ रहा है। सब डिपो में से फिलहाल 73 रोडवेज बसों में से 13 बसें खराब हैं जिसमें से 9 बसें कई दिनों से रोडवेज के हिसार डिपो में खड़ी हैं। एक रोडवेज बस की बॉडी बदलने के लिए गुरुग्राम भेजा हुआ है। सब डिपो में बसें कम होने से लोकल रूट प्रभावित हो रहे हैं।
यह स्थिति काफी महीनों से बनी हुई है। आए दिन 8 से 10 बसें खराब रहती हैं। वहीं सब डिपो की वर्कशॉप में मिस्त्रियों की भी कमी है। मिस्त्रियों की कमी के चलते भी अधिकांश बसों को ठीक करवाने के लिए हिसार भेजना पड़ता है। अगर मिस्त्रियों की संख्या यहां पर पूरी हो तो बसें समय पर यहीं ठीक हो सकती हैं। सब डिपो में बसें पूरी होने के बावजूद भी सड़कों पर उनकी संख्या कम हैं।
वहीं इतनी संख्या में बसें खराब होने के कारण सबसे ज्यादा लोकल रूट प्रभावित हो रहे हैं। जबकि ठीक बसों के फेरे बढ़ा कर उनसे काम लिया जा रहा है। लोकल रूटों में केवल उसी समय बसें भेजी जाती हैं, जब उस पर यात्रियों की संख्या पूरी हो। इसके अलावा लंबी दूरी जैसे चंडीगढ़, दिल्ली, सिरसा, गुरुग्राम जैसे रूटों पर चलने वाली बसें नियमित हैं। अधिकारियों के अनुसार यहां पर दिल्ली, एनसीआर से पुरानी हुई बसें भेजी जाती हैं। इन जगहों पर 10 वर्ष से पुरानी बसों को नहीं चलाया जा सकता है। पुरानी होने के कारण आए दिन उनमें कोई न कोई समस्या आती रहती है। यह भी बसों के खराब होने का एक कारण है।
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जो बसें खराब होती हैं, उन्हें वर्कशॉप में ठीक करवाया जाता है। जिन बसों में ज्यादा समस्या होती है, उन्हें ठीक करवाने के लिए हिसार भेजा जाता है।
- प्रेम सागर, डीआई, सब डिपो, हांसी।
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यह स्थिति काफी महीनों से बनी हुई है। आए दिन 8 से 10 बसें खराब रहती हैं। वहीं सब डिपो की वर्कशॉप में मिस्त्रियों की भी कमी है। मिस्त्रियों की कमी के चलते भी अधिकांश बसों को ठीक करवाने के लिए हिसार भेजना पड़ता है। अगर मिस्त्रियों की संख्या यहां पर पूरी हो तो बसें समय पर यहीं ठीक हो सकती हैं। सब डिपो में बसें पूरी होने के बावजूद भी सड़कों पर उनकी संख्या कम हैं।
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वहीं इतनी संख्या में बसें खराब होने के कारण सबसे ज्यादा लोकल रूट प्रभावित हो रहे हैं। जबकि ठीक बसों के फेरे बढ़ा कर उनसे काम लिया जा रहा है। लोकल रूटों में केवल उसी समय बसें भेजी जाती हैं, जब उस पर यात्रियों की संख्या पूरी हो। इसके अलावा लंबी दूरी जैसे चंडीगढ़, दिल्ली, सिरसा, गुरुग्राम जैसे रूटों पर चलने वाली बसें नियमित हैं। अधिकारियों के अनुसार यहां पर दिल्ली, एनसीआर से पुरानी हुई बसें भेजी जाती हैं। इन जगहों पर 10 वर्ष से पुरानी बसों को नहीं चलाया जा सकता है। पुरानी होने के कारण आए दिन उनमें कोई न कोई समस्या आती रहती है। यह भी बसों के खराब होने का एक कारण है।
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जो बसें खराब होती हैं, उन्हें वर्कशॉप में ठीक करवाया जाता है। जिन बसों में ज्यादा समस्या होती है, उन्हें ठीक करवाने के लिए हिसार भेजा जाता है।
- प्रेम सागर, डीआई, सब डिपो, हांसी।