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मनरेगा की मानीटरिंग के लिए हिसार एप अपनाएगा पूरा देश
Updated Sun, 10 Jun 2018 12:28 AM IST
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हिसार। हिसार जिला की ओर से तैयार किया गया जीईओ मॉनीटरिंग एप अब पूरे देशभर में अपनाया जाएगा। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा। मनरेगा की निगरानी लिए यह एप बनाया गया है।
महात्मा गांधी रोजगार ग्रामीण गारंटी योजना की निगरानी को लेकर हिसार जिला प्रशासन ने एनआईसी की मदद से एप तैयार कराया था। पिछले साल तैयार कराए गए इस एप को जीईओ मॉनीटरिंग नाम दिया गया था, जिसे हिसार जिले में लागू किया गया। इस एप से मॉनीटरिंग शुरू करने के बाद जिले में मनरेगा का बजट आधा कम हो गया। प्रदेश सरकार ने फरवरी में इसे पूरे प्रदेश भर के लिए लागू किया गया था। अप्रैल में केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली में मनरेगा को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हिसार जिले की ओर से मनरेगा कार्यों की मॉनीटरिंग के एप का प्रेजेंटेेशन दिया गया। केंद्र सरकार ने हिसार के इस एप को सभी प्रदेशों में अपनाने के लिए निर्देश दिए। आंध्रप्रदेश, गुजरात और मध्यप्रदेश ने हिसार जिले से इस एप को लेकर डिटेल मांगी है। यह तीन राज्य हिसार जिले की ओर से तैयार किए गए एप को लागू करेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से तकनीकी सहयोग भी दिया जाएगा।
हमने एनआईसी की मदद से एक मॉनीटरिंग एप तैयार कराया था। इसके काफी अच्छे रिजल्ट रहे। प्रदेश सरकार ने इसे सभी जिलों के लिए अनिवार्य कर दिया था। अब केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को लेटर भेजकर इसे लागू करने के निर्देश दिए हैं। तीन राज्यों ने हमसे एप को लागू करने के बारे में तकनीकी सहयोग मांगा है।
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-एएस मान, एडीसी, हिसार।
ऐसे आया आइडिया
एडीसी एएस मान ने बताया कि पिछले साल कुछ अधिकारियों के साथ मनरेगा के कामों को जांचने के लिए गए थे। मौके पर भारी गड़बड़ी मिली थी। जहां 20 आदमी की हाजिरी थी, वहां 12 आदमी काम कर रहे थे। कई जगह काम ही नहीं हो रहा था। इस तरह की गड़बड़ी मिलने के बाद फैसला लिया गया कि ऐसा एप तैयार कराए, जिससे रोजाना की ऑनलाइन तरीके से मॉनीटरिंग हो सके।
ऐसे काम करता है एप--
मनरेगा के सभी काम की रोजाना की मॉनीटरिंग इस एप के जरिए होती है। जांच अधकिारी रोजाना मौके पर पहुंचकर अपनी सेल्फी स्टाइल फोटो लेता है। इसके बाद हाजिरी रजिस्टर की मोबाइल से फोटो लेता है। मौके पर चल रहे काम की फोटो लेता है। इन सभी फोटो को एप पर अपलोड करता है। इससे मोबाइल की जीपीएस लोकेशन सहित पूरी जानकारी अधिकारी के कंप्यूटर पर पहुंच जाती है।
बजट हुआ आधा
हिसार जिला मनरेगा में प्रदेश का सबसे अधिक बजट खर्च करता था। पिछले साल यहां 90 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया गया था। इस साल बजट 40 करोड़ ही खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।
महात्मा गांधी रोजगार ग्रामीण गारंटी योजना की निगरानी को लेकर हिसार जिला प्रशासन ने एनआईसी की मदद से एप तैयार कराया था। पिछले साल तैयार कराए गए इस एप को जीईओ मॉनीटरिंग नाम दिया गया था, जिसे हिसार जिले में लागू किया गया। इस एप से मॉनीटरिंग शुरू करने के बाद जिले में मनरेगा का बजट आधा कम हो गया। प्रदेश सरकार ने फरवरी में इसे पूरे प्रदेश भर के लिए लागू किया गया था। अप्रैल में केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली में मनरेगा को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हिसार जिले की ओर से मनरेगा कार्यों की मॉनीटरिंग के एप का प्रेजेंटेेशन दिया गया। केंद्र सरकार ने हिसार के इस एप को सभी प्रदेशों में अपनाने के लिए निर्देश दिए। आंध्रप्रदेश, गुजरात और मध्यप्रदेश ने हिसार जिले से इस एप को लेकर डिटेल मांगी है। यह तीन राज्य हिसार जिले की ओर से तैयार किए गए एप को लागू करेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से तकनीकी सहयोग भी दिया जाएगा।
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हमने एनआईसी की मदद से एक मॉनीटरिंग एप तैयार कराया था। इसके काफी अच्छे रिजल्ट रहे। प्रदेश सरकार ने इसे सभी जिलों के लिए अनिवार्य कर दिया था। अब केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को लेटर भेजकर इसे लागू करने के निर्देश दिए हैं। तीन राज्यों ने हमसे एप को लागू करने के बारे में तकनीकी सहयोग मांगा है।
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-एएस मान, एडीसी, हिसार।
ऐसे आया आइडिया
एडीसी एएस मान ने बताया कि पिछले साल कुछ अधिकारियों के साथ मनरेगा के कामों को जांचने के लिए गए थे। मौके पर भारी गड़बड़ी मिली थी। जहां 20 आदमी की हाजिरी थी, वहां 12 आदमी काम कर रहे थे। कई जगह काम ही नहीं हो रहा था। इस तरह की गड़बड़ी मिलने के बाद फैसला लिया गया कि ऐसा एप तैयार कराए, जिससे रोजाना की ऑनलाइन तरीके से मॉनीटरिंग हो सके।
ऐसे काम करता है एप--
मनरेगा के सभी काम की रोजाना की मॉनीटरिंग इस एप के जरिए होती है। जांच अधकिारी रोजाना मौके पर पहुंचकर अपनी सेल्फी स्टाइल फोटो लेता है। इसके बाद हाजिरी रजिस्टर की मोबाइल से फोटो लेता है। मौके पर चल रहे काम की फोटो लेता है। इन सभी फोटो को एप पर अपलोड करता है। इससे मोबाइल की जीपीएस लोकेशन सहित पूरी जानकारी अधिकारी के कंप्यूटर पर पहुंच जाती है।
बजट हुआ आधा
हिसार जिला मनरेगा में प्रदेश का सबसे अधिक बजट खर्च करता था। पिछले साल यहां 90 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया गया था। इस साल बजट 40 करोड़ ही खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।