{"_id":"5a3033654f1c1b001c8b8792","slug":"121513108325-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास में दोषी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्ची से दुष्कर्म के प्रयास में दोषी
Updated Wed, 13 Dec 2017 01:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
एडीजे डॉ. पंकज की अदालत ने साढे़ पांच साल की एक बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास करने पर पॉक्सो एक्ट के तहत 20 वर्षीय आरोपी मोहन उर्फ मोनू को दोषी माना है। अदालत उसे 19 दिसंबर को सजा सुनाएगी।
पुलिस ने इस बारे में 13 अक्तूबर 2016 को केस दर्ज किया था। एक महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनकी साढे़ पांच साल की एक बेटी है। शिकायत में बताया था कि मैंने तीन दिन पहले शाम को साढे़ चार बजे बेटी को पड़ोसी के घर भैंस को बची हुई रोटी देने भेजा था। बेटी काफी देर नहीं लौटी तो वह पड़ोसी के घर पहुंची। वहां दरवाजा खुला पड़ा था। वह अंदर पहुंची तो उसने देखा कि पड़ोसी का बेटा मोहन उर्फ मोनू उसकी बेटी से गलत काम कर रहा है। घर में और कोई नहीं था। उसने भागकर बेटी को उठाकर गोद में लिया और मोनू को दो-चार थप्पड़ लगाए, लेकिन वह हाथ छुड़ाकर भागने में सफल रहा। उसने बाद में घर आकर परिजनों को सारी बात बताई। पुलिस ने इस बारे में नामजद के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने शिकायतकर्ता महिला के बयान कोर्ट में दर्ज कराए थे। पुलिस ने फिर आरोपी मोनू को गिरफ्तार किया था। अदालत ने उसे दोषी मानकर सजा सुनाने के बारे में फैसला 19 दिसंबर तक सुरक्षित रख लिया है।
विज्ञापन
हिसार।
एडीजे डॉ. पंकज की अदालत ने साढे़ पांच साल की एक बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास करने पर पॉक्सो एक्ट के तहत 20 वर्षीय आरोपी मोहन उर्फ मोनू को दोषी माना है। अदालत उसे 19 दिसंबर को सजा सुनाएगी।
पुलिस ने इस बारे में 13 अक्तूबर 2016 को केस दर्ज किया था। एक महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनकी साढे़ पांच साल की एक बेटी है। शिकायत में बताया था कि मैंने तीन दिन पहले शाम को साढे़ चार बजे बेटी को पड़ोसी के घर भैंस को बची हुई रोटी देने भेजा था। बेटी काफी देर नहीं लौटी तो वह पड़ोसी के घर पहुंची। वहां दरवाजा खुला पड़ा था। वह अंदर पहुंची तो उसने देखा कि पड़ोसी का बेटा मोहन उर्फ मोनू उसकी बेटी से गलत काम कर रहा है। घर में और कोई नहीं था। उसने भागकर बेटी को उठाकर गोद में लिया और मोनू को दो-चार थप्पड़ लगाए, लेकिन वह हाथ छुड़ाकर भागने में सफल रहा। उसने बाद में घर आकर परिजनों को सारी बात बताई। पुलिस ने इस बारे में नामजद के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने शिकायतकर्ता महिला के बयान कोर्ट में दर्ज कराए थे। पुलिस ने फिर आरोपी मोनू को गिरफ्तार किया था। अदालत ने उसे दोषी मानकर सजा सुनाने के बारे में फैसला 19 दिसंबर तक सुरक्षित रख लिया है।
विज्ञापन