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एक हजार दिनों को भाजपा ने बताया एतिहासिक विपक्ष ने कहा हर स्तर बदहाल

Sat, 22 Jul 2017 12:31 AM IST
Updated Sat, 22 Jul 2017 12:31 AM IST
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एक हजार दिनों को भाजपा ने बताया एतिहासिक विपक्ष ने कहा हर स्तर बदहाल
अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
हरियाणा में भाजपा सरकार के एक हजार दिन पूरे हो गए। इन एक हजार दिनों को भाजपा विधायक ने ऐतिहासिक बताया तो विपक्ष के विधायकों ने इसे पूरी तरह से विफल बताया। शहर में कई दशक पुरानी मांग पूरी हुई। सीएम की ओर से की गई कई घोषणा अभी अधर में लटकी हुई हैं।
सरकार के एक हजार दिन पूरे होने पर रिव्यू करें तो कई मामलों में सरकार ने अच्छा काम किया। शहर में वाशिंग यार्ड की दशकों पुरानी मांग पूरी हुई। वाशिंग यार्ड करीब करीब बनकर तैयार है। शहर में दशक भर पुरानी डाबड़ा चौक रेलवे ओवरब्रिज को फोरलेन करने की मांग पूरी हुई। फोरलेन करने का काम 50 प्रतिशत पूरा हो चुका है। लावारिस पशुओं से मुक्त करने के अभियान में अभी सरकार फिसड्डी साबित हो रही है। सीएम की घोषणा के बावजूद इसके अलावा सॉलिड वेस्ट मैनेजेंट प्लांट, डेयरी शिफ्टिंग, मल्टीलेवल पार्किंग के प्रोजेक्ट शुरू ही नहीं हो सके। सड़कों की हालत में भाजपा सरकार काफी हद तक असफल रही। खासतौर पर सेक्टरों की सड़क पिछले दो-ढाई साल से लोगों के लिए मुसीबत बनी हुई है। ग्रामीण एरिया में बिजली न मिलना सबसे बड़ी समस्या है। धार्मिक उन्माद के मामले में हिसार पिछले तीन साल में नेशनल स्तर पर बदनाम हुआ। कैमरी चर्च प्रकरण, मुस्लिम व्यापारी को थप्पड़ मारने के कारण बदनामी रही। रामपाल प्रकरण को सुलझाना सरकार की उपलब्धि रही।
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सीएम का पहला काम ही अधूरा
सीएम मनोहर लाल ने हिसार में सबसे पहला शिलान्यास तीसरे बड़े जलघर का किया था। दो अप्रैल 2015 को इस जलघर की आधारशिला रखी गई थी। करीब 80 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट अभी अधूरा है। जलघर के लिए सातरोड़ के पास रॉ वाटर के तीन में से दो टैंक का काम अभी शुरू भी नहीं हुआ।
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सीएम की 29 दिसंबर 2014 की घोषणा अधर में
घोषणा----------------------------- स्थिति
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट ----------अभी जमीन ट्रांसफर नहीं हो सकी
इंटरनेशनल एयरपोर्ट------------------ जमीन ट्रांसफर होने का इंतजार
डेयरी शिफ्टिंग ------------------------- अभी जमीन नहीं मिल सकी
मल्टीलेवल पार्किंग--------------------- जमीन ट्रांसफर स्तर पर ही मामला अटका
बस अड्डा से साउथ बाईपास जोड़-------रोड निर्माण पूरा, रोडवेज की अनुमति नहीं
उकलाना में कॉलेज------------------------- भवन निर्माण का काम शुरू
गो अभयारण्य --------------------------- 50 एकड़ में पहले चरण का निर्माण शुरू
1000 दिन में शहर को मिली सौगातें
--चार दशक पुरानी वाशिंग यार्ड की का 89 प्रतिशत काम पूरा।
--दशक पुरानी मांग डाबड़ा चौक आरओबी फोरलेन का 50 प्रतिशत काम पूरा।
--कई साल से तैयार पड़ी नई सब्जी मंडी में शिफ्टिंग।
--ऋषिनगर में 40 एमएलडी का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर 70 प्रतिशत काम पूरा
--अधूरे पड़े साउथ बाईपास का निर्माण कार्य पूरा हुआ।
---शहर गंगवा से तलवंडी तक एनएच-52 का नया बड़ा बाईपास मिला।

यह बोले जनप्रतिनिधि
लोगों को पेयजल ही नहीं दे पाए, वो सरकार किस काम की। पीने के लिए लोग टैंकर से मंगाकर पीते हैं। गांव में 24 में से दो घंटे ही बिजली मिलती है। सीएम ने नलवा में 195 करोड़ का एलान किया था। एक रुपये का भी विकास कार्य नहीं हुआ।
- रणबीर गंगवा, नलवा विधायक, हिसार

सरकार ने एक हजार दिन में केवल झूठी घोषणा करने का काम किया। किसी भी चुनावी वादे को सरकार पूरा नहीं कर सकी। स्वामीनाथन आयोग पर यू टर्न ले लिया। युवाओं को रोजगार नहीं मिल पाया। कानून व्यवस्था का हाल सबके सामने है।

- कुलदीप बिश्नोई, आदमपुर विधायक, हिसार

पिछले एक हजार दिन गौरव के हैं। सरकार का ऐतिहासिक कार्यकाल साबित हुआ। पिछली सरकार जो 50 साल में नहीं कर पाई, उसको हमने एक हजार दिन में किया। इंटरनेशनल एयरपोर्ट एविएशन हब शहर की तस्वीर बदलेगा।
- डॉ. कमल गुप्ता, विधायक, हिसार

सरकार ने 1000 दिनों पर सांसद दुष्यंत के सवाल
-घोषणा पत्र का पंजाब के समान वेतनमान देने का वादा हवा कैसे हो गया।
-स्कूलों में 2374 स्कूल मुखियाओं के पद समाप्त क्यों किए।
-हरियाणा में अपराध 2014 के मुकाबले 150 प्रतिशत ज्यादा हो गए हैं।
-प्रदेश में हिंसा के मामले 320 प्रतिशत ज्यादा हो गए हैं।
-प्रदेश पर कर्ज 73 हजार करोड़ से बढ़कर 1 लाख 56 हजार करोड़ कैसे हो गया।
- सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी सरकार एसवाईएल निर्माण में असफल क्यों रही।
-छात्र संघ के चुनाव करवाने का वादा कहां गया।
-सरकार स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने से पूरी तरह से क्यों मुकरी।


-दशकों पुरानी कुछ मांगें पूरी हुईं, सीएम की बड़ी घोषणाएं अभी अधर में
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