हिसार। दहेज के लिए जहर खिलाकर पत्नी की हत्या करने के मामले में दोषी मंगाली आकलान निवासी अनूप को बुधवार को अदालत ने 10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। एडीजे रेणू राणा की अदालत ने अनूप को अदालत ने 9 दिसंबर को दोषी करार दिया था। मामले में आजाद नगर थाना पुलिस ने 31 जुलाई 2020 को मृतका प्रियंका के चाचा फतेहाबाद के नाढोडी गांव निवासी देवीलाल की शिकायत पर केस दर्ज किया था।
देवीलाल ने शिकायत में बताया था कि उसके भाई कृष्ण लाल की वर्ष 2007 में व भाभी संतोष की वर्ष 2015 में मौत हो गई थी। भाई व भाभी के देहांत के बाद उनके तीनों बच्चों का उसने पालन-पौषण किया। देवीलाल ने बताया था कि 31 मार्च 2019 को उसने अपनी भतीजी प्रियंका की शादी गांव मंगाली आकलान निवासी अनूप के साथ की थी। देवीलाल का आरोप था कि शादी के कुछ दिन बाद ही प्रिंयका को उसके ससुरालजन दहेज के लिए परेशान करने लगे थे। प्रियंका ने उसे बताया था कि उसका पति अनूप, ससुर कृष्ण लाल, सास सलोचना, जेठ अनिल न ननद कांता व जेठानी कविता बड़ी गाड़ी के लिए 10 लाख रुपये मांगे। देवीलाल का आरोप था कि मार्च में अनूप ने उसे फोन कर रुपये मांगे थे। जिस पर उसने कहा था कि वह रुपये दे देगा, प्रियंका से मारपीट न करें। 31 मार्च की दोपहर करीब 12 बजे अनूप ने उसे फोन कर कहा कि रुपये नहीं आए। उसके बाद दोपहर करीब दो बजे फोन कर कहा कि प्रियंका सपरा अस्पताल में दाखिल है। देवीलाल जब अस्पताल पहुंचा तो वहां प्रियंका नहीं मिली थी। उसके बाद वह प्रियंका के घर पर पहुंचा था तो प्रियंका मृत मिली थी।